राजनीति वीडियो बौद्धिक आपातकाल : एकजुट हों लोकतांत्रिक आवाजें April 16, 2014 / April 20, 2014 by अंकुर विजयवर्गीय | 1 Comment on बौद्धिक आपातकाल : एकजुट हों लोकतांत्रिक आवाजें —संजय द्विवेदी के साथ खड़ें हों कवि,लेखक और पत्रकार अंकुर विजयवर्गीय मध्यप्रदेश ही नहीं देश के यशस्वी पत्रकार, लेखक, मीडिया शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता संजय द्विवेदी को लेकर मप्र कांग्रेस के एक प्रवक्ता की टिप्पणी बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस ने उनके एक लेख पर आपत्ति जताते हुए उन्हें नौकरी से निकालने की मांग की है। […] Read more »
चुनाव जरूर पढ़ें राजनीति बदहाली को मारो गोली …! April 16, 2014 / April 16, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान सैकड़ों सवाल-जवाब परिदृश्य पर मंडराते रहे। लेकिन हिंदी पट्टी की बदहाली का सवाल अनुत्तरित ही रहा। बुंदेलखंड में किसानों की बदहाली व आत्महत्या तथा पूर्वांचल से रोजगार की तलाश में लोगों के अनवरत पलायन से यह उम्मीद बंधी थी कि कम से कम संबंधित राज्यों में इस […] Read more » Politics on caste system बदहाली को मारो गोली ...!
चुनाव राजनीति पूर्णाहुति से पूर्व चिंतन की बेला April 16, 2014 / April 16, 2014 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment -प्रवीण दुबे- पांचवे चरण का मतदान प्रारंभ होने में अब कुछ ही घंटे का समय शेष है। यह चरण कई मायनों में दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण कहा जा सकता है। 9 चरणों की इस विशाल मतदान प्रक्रिया का यह पांचवां चरण इस कारण से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चरण […] Read more » thinking before election पूर्णाहुति से पूर्व चिंतन की बेला
राजनीति मोदी लहर को भाजपा की बताने का मतलब? April 15, 2014 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on मोदी लहर को भाजपा की बताने का मतलब? -इक़बाल हिंदुस्तानी 0 सेकुलरिज़्म पर भारी पड़ेगा विकास और सुशासन का मुद्दा! नरेंद्र मोदी का जितना विरोध सारे धर्मनिरपेक्ष दल मिलकर नहीं कर पा रहे शायद उससे कहीं ज़्यादा उनका विरोध खुद उनकी पार्टी भाजपा में अभी भी मौजूद है। पहले आडवाणी ने पीएम पद की दावेदारी छोड़ने को तैयार ना होकर उनको नाको चने […] Read more »
राजनीति बंधनों से मुक्त मोदी April 15, 2014 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment श्याम बाबु भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने एक रैली में भ्रष्टाचार पर विरोधियों का जबाव देते हुए कहा था, ‘‘चूंकि मैं परिवारिक मोह-बंधनों से कोसों दूर हूँ, तो मैं क्यों माल-मत्ता जमा करूंगा? और आखिर किसके लिए? न मेरे आगे कोई है, न पीछे। मेरा तो पूरा जीवन ही […] Read more »
चुनाव राजनीति तुक्के पर नहीं सधा मुलायम सिंह का तीर! April 14, 2014 by रमेश पांडेय | Leave a Comment -रमेश पाण्डेय- समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव भले ही डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश जी को अपना आदर्श पुरूष बताते हैं, पर सच यह है कि उनके विचारों पर वह कभी एक कदम भी नहीं चलते। हो सकता कि इन महान पुरूषों के विचारों से उनका कोई लेना-देना भी न हो। […] Read more » Mulayam singh missed target ! तुक्के पर नहीं सधा मुलायम सिंह का तीर!
चुनाव राजनीति आखिर क्या है अमित शाह का -बदला लो- आह्वान April 14, 2014 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment -प्रवीण गुगगानी- लोकसभा चुनावों के घटनाक्रम में जब भाजपा नेता और उप्र की बागडोर संभाल रहे अमित शाह और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान पर रैलियों,जुलुस,आमसभा,रोड शो आदि का प्रतिबन्ध चुनाव आयोग ने लगाया तब इस कार्यवाही पर बहुत से प्रश्नचिन्ह लग गए. नैतिकता-अनैतिकता, उपयुक्त-अनुपयुक्त, समय-असमय जैसे अनेक शब्द मुखौर स्वर चुनाव आयोग की […] Read more » reason behind Amit Shah's call - 'Badla lo' आखिर क्या है अमित शाह का -बदला लो- आह्वान
चुनाव राजनीति क्या इतना नीचे गिरना चाहिये केजरीवाल को ? April 14, 2014 / April 14, 2014 by विपिन किशोर सिन्हा | 6 Comments on क्या इतना नीचे गिरना चाहिये केजरीवाल को ? गज़ल-सम्राट जगजीत सिंह की एक गज़ल है – ज़िन्दगी भर मेरे काम आए उसूल एक-एक कर उन्हें बेचा किया, आज मैंने अपना फिर सौदा किया। गज़ल की उपरोक्त पंक्तियां अरविन्द केजरीवाल पर एकदम सटीक बैठती हैं। अपने आसपास सिद्धान्तों का जाल बुनना और फिर उचित समय पर उनका सौदा कर लेने की […] Read more » Kejrival should not fall so much क्या इतना नीचे गिरना चाहिये केजरीवाल को
चुनाव राजनीति “… उतरा है सुशासन मुखिया के निवास में” April 14, 2014 / April 14, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- पिछले साढ़े आठ सालों के सुशासनी शासन काल में पंचायती राज को दुरुस्त करने का काफी ढिंढोरा पीटा गया, अनेक लोक-लुभावन घोषणाएं की गयीं, सरकारी खजाने से अरबों रुपए बेदर्दी से खर्च भी किए गए लेकिन नतीजा सिफर ही रहाl कुछ सार्थक हासिल तो नहीं ही हुआ, उल्टे गांव और ग्राम-पंचायत हाशिए पर चले गएl मौजूदा […] Read more » "... उतरा है सुशासन मुखिया के निवास में" good governance at CM residence
कविता चुनाव राजनीति व्यंग्य भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है April 14, 2014 by जावेद उस्मानी | Leave a Comment -जावेद उस्मानी- भूख की रोटी, बोल के घी में लिपटाई है खाली कटोरी पर, लिखी गई मलाई है बेवफा वादो की चटनी के साथ फिर सपनों वाली वही बासी मिठाई है सजाए हुए बैठे हैं सब एक सी थाली ऐ सियासत तेरी अदाएं निराली !! नकली आंसू और वादो की भरमार हैं कुछ अजब सा, […] Read more » poem on politics बोल के घी में लिपटाई है भूख की रोटी
चुनाव राजनीति बुद्धिजीवियों में बहुलतावादी दृष्टि की कमी April 14, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- अब नरेंद्र मोदी इतना आगे निकल चुके हैं कि उन्हें एकाएक सांप्रदायिक, तानाशाह अथवा फासिस्ट कहकर खारिज करना नामुमकिन है। उन्हें जितना आततायी और मुस्लिम विरोधी घोषित करने की प्रतियोगिताएं बुद्धिजीवी तबकों में हुई हैं, उत्तरोत्तर उनकी स्वीकार्यता उतनी ही बढ़ी है। क्योंकि संघ, भाजपा और मोदी को बौेद्धिक स्तर पर नकारने की […] Read more » need to develop the thinking बुद्धिजीवियों में बहुलतावादी दृष्टि की कमी
राजनीति दोहरा मापदंड April 14, 2014 / April 14, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -असर कानपुर- १० दिन और मुज़फ्फरनगर सहित पूरा उत्तर प्रदेश जल रहा है | यह अखिलेश सरकार की असफलता है ! वोट बैंक को बनाये रखने के कारण कोई कारवाई नहीं हो रही है अल्पसंख्यक गुटों पर ! इंटेलिजेन्स की रिपोर्ट के अनुसार यह बात 10 दिन पहले ही बताई गयी थी की तनाव बढ़ता […] Read more » politics on Muzaffarnagar दोहरा मापदंड