राजनीति बिहार में नीतीश पर हावी दिख रहे हैं मोदी February 24, 2014 / February 24, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment बिहार में लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है , संभावित गठबंधनों का स्वरूप भी उभर कर सामने आ चुका है . अटकलों का दौर भी जारी है , चुनावी सर्वेक्षणों का बाजार भी सुर्खियां बटोर रहा है लेकिन बिहार में चुनावी –ऊँट किस करवट बैठेगा ये तो अभी भविष्य की गर्त में ही छिपा […] Read more » बिहार में नीतीश पर हावी दिख रहे हैं मोदी
राजनीति देश की आंख में धूल झोंकने की राजनीति February 23, 2014 by अरविंद जयतिलक | 3 Comments on देश की आंख में धूल झोंकने की राजनीति -अरविंद जयतिलक- विफलताओं के बोझ से दबे अरविंद केजरीवाल का जनलोकपाल बिल की आड़ में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा किसी नायक की युगांतकारी पहल नहीं बल्कि एक घुटनाटेक असफल मुख्यमंत्री की दगाबाजी का सच है जिसने दिल्ली का ही नहीं देश का भी विष्वास खोया है। केजरीवाल जैसा भी तर्क दें, पर देश अच्छी तरह […] Read more » AAP cheating politics Arvind Kejrival deceive देश की आंख में धूल झोंकने की राजनीति
राजनीति चुनावों से पहले सरकार की सक्रियता पर सवाल February 22, 2014 / February 22, 2014 by आदर्श तिवारी | 2 Comments on चुनावों से पहले सरकार की सक्रियता पर सवाल -आदर्श तिवारी- बीते कुछ दिनों से सरकार की सक्रियता से संसद में जो हो रहा है, वो हम भारतीयों को शर्मिंदा करने के लिए बहुत है। बुधवार को आंध्र प्रदेश के बटवारे के लिए संसद में जो हुआ उससे हमारा लोकतंत्र जितना शर्मसार हुआ, उतना शायद इससे पहले कभी न हुआ हो. तेलंगाना विधेयक […] Read more » question on central government चुनावों से पहले सरकार की सक्रियता पर सवाल
राजनीति चुनावी सियासत की भेंट चढ़ा राजीव हत्याकांड February 22, 2014 by प्रणय विक्रम सिंह | Leave a Comment -प्रणय विक्रम सिंह- उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के तीन हत्यारों संतन, मुरूगन और पेरारीवलन की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दी। जयललिता सरकार ने दो कदम और आगे बढ़ते हुए राजीव गांधी हत्याकांड में सजा पाए 7 मुजरिमों को रिहा करने […] Read more » Rajeev Gandhi death and politics चुनावी सियासत की भेंट चढ़ा राजीव हत्याकांड
राजनीति बिहार में सुशासन की सार्थकता पर प्रश्न-चिह्न ? February 22, 2014 by आलोक कुमार | 1 Comment on बिहार में सुशासन की सार्थकता पर प्रश्न-चिह्न ? -आलोक कुमार- वर्तमान बिहार में जन-प्रतिनिधिओं एवं कार्यपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार की चर्चा बराबर होती रह्ती है। कमीशनखोरी, संगठित ठेकेदारी राज के चलते कल्याणकारी योजनाओं में घटिया कार्य और मुनाफाखोरी की शिकायतें रोजमर्रा के विषय बन गए हैं। सुशासन के प्रति आमजन की धारणा में अनास्था भी पैदा हो रही है। नीतीश कुमार जी के […] Read more » question on Bihar good gevernence बिहार में सुशासन की सार्थकता पर प्रश्न-चिह्न ?
राजनीति “अभी तो पिक्चर बाकी है मेरे दोस्त…!” February 21, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- नीतीश जी ने कल कहा “मिट्टी में मिल जाऊंगा पर फिर भाजपा का साथ नहीं लूंगा।” इनकी कथनी और करनी में सदैव ही विरोधाभास रहा है। बीते वर्ष बस एक ही वाकया काफी है इसे साबित करने के लिए “ये सर्वविदित है कि नीतीश जी कांग्रेस विरोधी आंदोलन की उपज हैं और राजनीति की […] Read more » “अभी तो पिक्चर बाकी है मेरे दोस्त...!” Bihar chief Minister Nitish Kumar
राजनीति नरेंद्र मोदी का विजन, घर तक पहुंचे मिशन February 21, 2014 / February 21, 2014 by दानसिंह देवांगन | 3 Comments on नरेंद्र मोदी का विजन, घर तक पहुंचे मिशन करप्शन फ्री इंडिया के लिए रामबाण साबित हो सकती है यह सोच -दानसिंह देवांगन- रायपुर। पिछले दिनों मुझे घर बनाने के लिए हाउसिंग लोन की जरूरत थी। मैंने एक प्रतिष्ठित बैंक में फोन घुमाया, आधे घंटे में बैंक का एक्जिक्यूटिव मेरे सामने बैठा था। उसने 15 मिनट के भीतर बता दिया कि कितना लोन […] Read more » Narendra Modi vision and mission घर तक पहुंचे मिशन नरेंद्र मोदी का विजन
राजनीति दया का राजनीतिकरण February 21, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- दया का राजनीतिकरण कानून की मर्यादाओं पर अतिक्रमण करता दिखाई दे रहा है। बेशरमी की यह हद संविधान, संसद और न्यायालय को एक साथ ठेंगा दिखा रही है। केंद्र के कड़े रुख के बावजूद तमिलनाडू की जयललिता सरकार राजीव गांधी के सातों हत्यारों को रिहाई देने के फैसले पर अड़ी है। […] Read more » politics for pity दया का राजनीतिकरण
राजनीति “यथा राजा तथा प्रजा” February 21, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- राजनीति में सुधार के लिए नागरिकों को कर्तव्य-अधिकार और संवैधानिक व्यवस्था की जानकारी जरूरी है। किसी भी प्रणाली या व्यवस्था में सुधार की बात करने से पूर्व हमें उन समस्याओं पर भी विचार करना आवश्यक है, जिनके कारण तंत्र रोगग्रस्त होता है। संसदीय लोकतंत्र प्रणाली में चुनाव का ही महत्व है। […] Read more » "यथा राजा तथा प्रजा" political system in India politics in India
राजनीति नहीं धुलेंगे दस वर्ष के पाप February 21, 2014 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment -प्रवीण दुबे- क्या दस वर्षों के पाप कुछ थोड़े से पुण्य या यूं कहें कि थोड़ा सा लालच देकर धोए जा सकते हैं? मनमोहन सरकार का अंतिम बजट देखने के साथ ही यह सवाल रह-रहकर दिमाग में कौंध रहा है। इसके साथ ही यह बात भी मस्तिष्क में कौंध रही है कि वास्तव में […] Read more » Lok sabha election UPA 10 years governence नहीं धुलेंगे दस वर्ष के पाप
राजनीति मैं और हम February 21, 2014 by विजय कुमार | Leave a Comment -विजय कुमार- लोकसभा चुनाव निकट होने के कारण प्रचार, प्रसार और विज्ञापन-युद्ध प्रारम्भ हो गया है। कुछ दिन पूर्व समाचार पत्रों में सोनिया कांग्रेस की ओर से राहुल बाबा के चित्र वाला एक विज्ञापन ‘मैं नहीं, हम’ प्रकाशित हुआ था। इसके द्वारा भाजपा और नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाकर यह कहा गया कि वहां […] Read more » Lok sabha election Pandit Deendayal Upadyay मैं और हम
राजनीति अरविन्द केजरीवाल का इस्तीफ़ा, उनकी कमज़ोरी या सीनाज़ोरी ? February 19, 2014 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 10 Comments on अरविन्द केजरीवाल का इस्तीफ़ा, उनकी कमज़ोरी या सीनाज़ोरी ? -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने १४ फ़रवरी को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था । दरअसल, सोनिया गान्धी की पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया ही त्यागपत्र देने के लिये था। होमियोपैथी में किसी दवाई की ताक़त बढ़ाने के लिये उसकी पोटेन्सी बढ़ानी पड़ती है, तभी वह मरीज़ […] Read more » Arvind Kejrivaal resign अरविन्द केजरीवाल का इस्तीफ़ा उनकी कमज़ोरी या सीनाज़ोरी ?