राजनीति सारी राजनीतिक और सामाजिक विसंगतियां कांग्रेस की देन हैं October 18, 2012 / October 18, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment यह केवल भारत के राजनीतिज्ञों का राजनीतिक चिंतन हो सकता है कि इस देश में गरीबी भी जाति देखकर आती है, इसलिए यहां जातिगत आरक्षण दिया जाता है। इसीलिए भारत में एक गरीब केवल एक व्यक्ति नही होता है अपितु वह एक जाति विशेष का व्यक्ति होता है। कानून उससे जाति नही पूछता लेकिन भारत […] Read more »
राजनीति अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो….. October 17, 2012 / October 17, 2012 by मुकेश चन्द्र मिश्र | 24 Comments on अन्ना जीरो केजरीवाल हीरो….. जब से अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम मे भाजपा को भी शामिल किया तथा अपनी खुद की पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है, उनके विरोधियों की संख्या मे बेतहासा वृद्धि हो रही है, यहाँ तक की उनके वरिष्ठतम सहयोगी श्रीमान अन्ना हज़ारे साहब ने भी उनसे दूरी बना ली है, जो […] Read more » अन्ना-केजरीवाल
राजनीति प्रधानमंत्री किनके प्रतिनिधि है? October 15, 2012 / October 15, 2012 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी हाल में सी.बी.आई. और भ्रष्टाचार विरोधी व्यूरों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में ज्यादा प्रचार होने से एक ओर जहां अधिकारियों का मनोबल गिरता है, वहीं दूसरी तरफ अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब होती है। उन्होने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार को […] Read more » डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री
राजनीति मौन मोहन सिंह का मौन भंग October 15, 2012 by विजय कुमार | 1 Comment on मौन मोहन सिंह का मौन भंग विजय कुमार शर्मा जी कल बहुत दिन बाद मिले, तो चेहरा ऐसा लग रहा था मानो साठ वाट के बल्ब में सौ वाट की चमक आ गयी हो। होठों पर हंसी शरद पूर्णिमा की स्वच्छ चांदनी की तरह चारों ओर छिटक रही थी। मन इतना गद्गदायमान हो रहा था, जैसे बराक ओबामा ने अमरीका में […] Read more »
राजनीति राजनीति में स्त्री दिलचस्पी की कमी – सारदा बनर्जी October 13, 2012 by सारदा बनर्जी | Leave a Comment आम तौर पर देखा गया है कि स्त्रियों में राजनीति के प्रति दिलचस्पी बेहद कम होती है। स्त्रियां राजनीति पर बात करना, चर्चा या आलोचना करना कतई पसंद नहीं करतीं। वे दूसरे अनेक रोचक विषयों पर जमकर बात करती हैं, आलोचना करती हैं पर राजनीति से कोसों दूर रहती हैं। उसे ‘बोगस’ विषय समझती हैं। […] Read more » स्त्री राजनीति
राजनीति गुजरात चुनाव: कांग्रेस और भाजपा की अग्नि-परीक्षा October 11, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव नवंबर – दिसंबर में होने जा रहे गुजरात व हिमाचल के विधानसभा चुनाव कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण हैं, जाहिर है कांग्रेस और भाजपा को तो अग्नि-परीक्षा से गुजरना होगा ही, नरेन्द्र मोदी की भी इस चुनाव में अग्निपरीक्षा होगी। यदि वे इस अग्निपरीक्षा की भट्टी से सोने की तरह तपकर सौ कैरेट खरे […] Read more » कांग्रेस गुजरात नरेंद्र मोदी भाजपा
राजनीति नीतीश का विरोध क्या बदलाव की मांग है..? October 11, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम सुशासन की कथित राह पर अग्रसर बिहार में अधिकार यात्रा निकाल रहे नीतीश कुमार का विरोध अब और मुखर हो चला है। हालांकि उनकी अधिकार यात्रा का मकसद बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा दिलाना है मगर आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी और कागजों पर कथित विकास के बड़े-बड़े दावे […] Read more » नितीश कुमार
राजनीति ममता ने दिल्ली में भरी हुंकार October 10, 2012 / October 10, 2012 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on ममता ने दिल्ली में भरी हुंकार प्रमोद भार्गव ममता ने दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ जो हुंकार भरी है, कांग्रेस और सपा को हैरान करने वाली है। राजग की बैचेनी भी बढ़ सकती है। मुलायम सिंह उस अवसर से चूक गए लगते हैं, जो उनके तीसरे मोर्चे का मुखिया बनने का मार्ग प्रशस्त करता। यदि वे ममता के साथ केंद्र […] Read more » ममता ने दिल्ली में भरी हुंकार
राजनीति मासूमों के भविष्य से खेल रहे मोदी October 10, 2012 / October 10, 2012 by इफ्तेख़ार अहमद | 1 Comment on मासूमों के भविष्य से खेल रहे मोदी मोहम्मद इफ्तेखार अहमद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही खुद को पूरे देश में विकास की प्रतिमूर्ति के रूप में पेश करते हों और गुजरात में 10 साल पुरानी सत्ता की कामयाबी के बाद अब देश की सत्ता संभालने का सपना देख रहे हों। लेकिन, उनकी तमाम उपलब्धियों का स्याह पक्ष यह है कि […] Read more » नरेंद्र मोदी मुसलमान शिक्षा
राजनीति भारत बनाना रिपब्लिक नहीं, कुप्रबंधन का शिकार है. October 10, 2012 / October 10, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment अवधेश पाण्डेय 121 करोड़ सक्षम लोगों के देश को बनाना रिपब्लिक का नाम दे दिया है राबर्ट वाड्रा ने. यह हमारे देश के लोगों की प्रशासनिक क्षमता पर करारा प्रहार है. हम केले जैसे एक-दो उत्पाद बेचकर अपनी अर्थव्यवस्था नहीं चला रहे, बल्कि सदियों से विश्व को बहुत से संसाधन उपलब्ध कराते रहे हैं. फिर […] Read more » robert vadhera
राजनीति हास्य-व्यंग्य/ जयराम रमेश मंदिर नहीं शौचालय जाएंगे? October 9, 2012 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 5 Comments on हास्य-व्यंग्य/ जयराम रमेश मंदिर नहीं शौचालय जाएंगे? बेटा: पिताजी! पिता: हाँ, बेटा। बेटा: ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि शौचालय हमारे मंदिरों से कहीं ज़्यादा शुद्ध और स्वच्छ हैं। पिता: हाँ बेटा, उन्होंने ऐसा कहा है। बेटा: क्या यह उचित है? पिता: बेटा, श्री जय राम बड़े पढे-लिखे समझदार व्यक्ति हैं। बेटा: उनका अभिप्राय गिरजाघरों और मस्जिदों से भी […] Read more » जयराम रमेश
आर्थिकी राजनीति विदेशी पूंजी निवेश और संसदीय गरिमा ? October 9, 2012 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on विदेशी पूंजी निवेश और संसदीय गरिमा ? प्रमोद भार्गव खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष पूंजी निवेश के विरोध की परवाह न करते हुए केंद्र सरकार ने आर्थिक सुधारों के बहाने निवेश के नए दरवाजे भी पूंजीपतियों के लिए खोल दिए। कैबिनेट द्वारा लिए नए फैसलों के तहत बीमा क्षेत्र में एफडीआर्इ की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दी गर्इ और पेंशन के क्षेत्र […] Read more » FDI