राजनीति लोकल क्षत्रपों की अराजक राजनीति के चक्रव्यूह में ममता October 8, 2012 / October 8, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on लोकल क्षत्रपों की अराजक राजनीति के चक्रव्यूह में ममता जगदीश्वर चतुर्वेदी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने दलतंत्र आज सबसे बड़ी चुनौती है। दलतंत्र की गिरफ्त से राज्य को मुक्त कराने के नाम पर चुनाव जीतकर आने के बाद भी उन्हें दलतंत्र से राज्य प्रशासन को मुक्त कराने में सफलता नहीं मिली है। विगत डेढ़ साल की मंत्रीमंडल की कार्यप्रणाली यह मांग कर रही है […] Read more » ममता बनर्जी
राजनीति अब प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं ? October 8, 2012 / October 8, 2012 by वीरेंदर परिहार | 1 Comment on अब प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं ? संसद को कौन बना रहा- निरर्थक ? वीरेन्द्र सिंह परिहार 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपए के 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जाच के लिए कांग्रेसी सांसद पी.सी. चाको की अध्यक्षता में गठित संयुक्त संसदीय समिति अर्थात जे.पी.सी.- ऐसा लगता है कि इतिहास दुहराने जा रही है। इस बात की भरपूर संभावना है कि इसका भी […] Read more »
राजनीति सोनिया गान्धी फिर विवादों के घेरे में —- October 8, 2012 / October 8, 2012 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सोनिया गान्धी अपनी पार्टी की अध्यक्षा हैं । भारत पर उन्हीं की पार्टी राज कर रही है । स्वाभाविक है कि देश के लोग उनके बारे में , उनके क्रियाकलापों के बारे में जानने में रुचि रखते हैं । जिन दिनों वे केवल राजीव गान्धी की पत्नी थीं, उन दिनों उन के […] Read more » sonia and robert vadhera
राजनीति हकीकत: राजनीति और व्यवसाय के रिश्तों की October 8, 2012 / October 8, 2012 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on हकीकत: राजनीति और व्यवसाय के रिश्तों की तनवीर जाफ़री देश में इन दिनों आए दिन नए से नए और बड़े से बड़े घोटालों का पर्दाफ़ाश हो रहा है। भ्रष्टाचार के नित नए किस्से सुनाई दे रहे हैं। और आमतौर पर इन घोटालों व भ्रष्टाचार में राजनीतिज्ञों के या तो सीधेतौर पर नाम आर रहे हैं या फिर उनके द्वारा इन घपलों व […] Read more » राजनीति और व्यवसाय के रिश्तों की
राजनीति अखिलेश सरकार की उपलब्ध्यिां वास्तविक कम भावनात्मक ज़्यादा! October 8, 2012 / October 8, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार के मामले में ’अंकल कैबिनेट‘ नाकाम! सपा सरकार की उपलब्ध्यिों के नाम पर आज देखा जाये तो जो वादे उन्होंने किये थे वे एक के बाद एक पूरे होते ज़रूर नज़र आ रहे हैं लेकिन जहां तक कानून व्यवस्था का सवाल है वह बार बार नियंत्रण से बाहर जाती […] Read more » up gov
मीडिया राजनीति थोरियम घोटाला : पड़ताल एक कदम आगे : भाग-1 October 7, 2012 / October 7, 2012 by अभिनव शंकर | Leave a Comment अभिनव शंकर पिछले लेख में मुख्यतः इस घोटाले की “परिकल्पना” बतायी गयी थी, पृष्ठभूमि समझाई गयी थी,बताया गया की कैसे एक बेहद सुनियोजित,सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील एवं राष्ट्र-कल्याणकारी योजना अन्तराष्ट्रीय साजिशों का शिकार बनी.अब इस साजिश को अमल में कैसे लाया गया इसकी बात करते हैं. लेकिन इससे पहले इस घोटाले के अर्थशास्त्र पर […] Read more » थोरियम घोटाला
राजनीति ममता बरसी मगर इस बार मनमोहन पर नहीं October 7, 2012 / October 7, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम केंद्र सरकार के खुदरा व्यापार में ५१ फ़ीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, डीजल के दामों में बढ़ोतरी, घरेलू गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी घटाने जैसे जनहितैषी मुद्दों पर सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से ममता बैनर्जी ने कांग्रेस और सरकार पर जमकर निशाना साधा| सोमवार को जंतर मंतर […] Read more » mamta and manmohan
राजनीति शराबी लोकतंत्र की खराबी का राज October 5, 2012 / October 5, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य पुरोहित कपिल दो सोने की मोहरें पाने के लिए राजा को आशीर्वाद देने गये। राजा ने कहा-”जितना चाहिए मांग लो।” कपिल के मन में लोभ आ गया। वे बोले-”राज सोचकर आता हूं।” कपिल सोचने लगे-दो सोने की मोहरों से क्या होगा? चार मांग लूं? अरे, जब राजा ही मनमानी इच्छा पूरी कर […] Read more » alcoholic democracy शराबी लोकतंत्र
जन-जागरण राजनीति विधि-कानून हम सेक्युलर हैं, क्योंकि — October 5, 2012 / October 5, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 5 Comments on हम सेक्युलर हैं, क्योंकि — विपिन किशोर सिन्हा हम सेक्युलर हैं, क्योंकि — १. हम भारत के संविधान में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करके अल्पसंख्यकों को आरक्षण देते हैं। २. हम बांग्लादेश के घुसपैठी मुसलमानों का हिन्दुस्तान में सिर्फ़ स्वागत ही नहीं करते, बल्कि राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवाकर भारत की नागरिकता भी देते हैं। ३. हम हिन्दू-तीर्थस्थलों […] Read more » we are seculars
राजनीति शख्सियत दादा आप तो राष्ट्रपति भवन जाकर भी “प्रणब दा” ही रहे !!! October 3, 2012 / October 3, 2012 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment • महामहिम जैसे शब्दों और औपनिवेशिक व्यवहार को समाप्त करने का आव्हान से एक नया वातावरण बनेगा ! • राजनीतिज्ञों को लेना होगी सीख और होना होगा जनतंत्र के अनुरूप • अभी हाल ही में घटे घटनाक्रम में हमारें राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी जी नें एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकें सम्मिलित होने के अवसर पर […] Read more » pranav mukherjee
राजनीति राजनीतिक एजेंडा सही मगर भावी राह अधिक दुष्कर October 3, 2012 / October 2, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on राजनीतिक एजेंडा सही मगर भावी राह अधिक दुष्कर सिद्धार्थ शंकर गौतम अरविंद केजरीवाल की नई राजनीतिक पार्टी का एजेंडा मंगलवार को देश के सामने आ गया है| हालांकि इस नए राजनीतिक दल के नाम को लेकर संशय बना हुआ है और संभवतः इसकी घोषणा नवम्बर माह में की जाएगी| केजरीवाल ने व्यवस्था से लड़ने और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए राजनीति की राह […] Read more » अरविंद केजरीवाल
राजनीति जनता को बेवकूफ बना रहे हैं राजनैतिक दल October 2, 2012 / October 2, 2012 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 2 Comments on जनता को बेवकूफ बना रहे हैं राजनैतिक दल डॉ. आशीष वशिष्ठ देश का वर्तमान राजनैतिक माहौल और दलों का आचरण देश और जनहित में नहीं है। मंहगाई, खुदरा बाजार में विदेशी निवेश और डीजल के दामों में वृद्घि के बाद उपजे राजनीतिक वातावरण में केंद्र सरकार और विभिन्न दलों के नेता जिस प्रकार की बयानबाजी और राजनीति कर रहे हैं उससे यह स्पष्टï […] Read more » बेवकूफ बना रहे हैं राजनैतिक दल