राजनीति गरीब को सपना भी नसीब नहीं January 31, 2012 / January 31, 2012 by अब्दुल रशीद | 1 Comment on गरीब को सपना भी नसीब नहीं अब्दुल रशीद सपने देखना अच्छी बात है लेकिन सपनों के लिए गहरी नींद चाहिये। नींद तब आती है जब पेट भरा हो खाली पेट किसी को नींद नहीं आती। गरीबी से बड़ी न तो कोई गाली है,भूख से बड़ी न तो कोई लाचारी है और भ्रष्टाचार से बड़ी न तो कोई बेमारी है। दुर्भाग्यवश यह […] Read more » no dreams for downtrodden poverty गरीब को सपना भी नसीब नहीं
राजनीति मोदी, कांग्रेस और अहमद की तिकड़ी का गुजरात January 31, 2012 / June 23, 2012 by गौतम चौधरी | 1 Comment on मोदी, कांग्रेस और अहमद की तिकड़ी का गुजरात गौतम चौधरी हिन्दी के दैनिक अखबार में गुजरात के यशस्वी मुख्यमंत्री नरेन्द्रभाई दामोदरभाई मोदी से संबघित एक खबर पढी। इस बार गुजरात कांग्रेस ने मोदी के बारे में प्रशंसा का विज्ञापन छपवाया है। खबर का कुल लब्बोलुआब, अखबार के खबरची यह साबित करने पर तुले हैं कि प्रशंसा वाला यह विज्ञपन प्रदेश कांग्रेस की किसी […] Read more » ahmad patel Congress Narendra Modi
राजनीति संघ का डर दिखाने की राजनीति January 31, 2012 / January 31, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 4 Comments on संघ का डर दिखाने की राजनीति सिद्धार्थ शंकर गौतम एक बार फिर राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक अवनति का कारण संघ का साम्प्रदायिक रवैया ही है| उत्तरप्रदेश चुनाव में येन-केन प्रकरेण सत्ता पर काबिज होने की चाह में “युवराज” अब अपनी हदें पार करते जा रहे हैं| […] Read more » RSS
राजनीति संदेह के घेरे में ‘अन्ना का गांधीवाद’ January 29, 2012 / January 29, 2012 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on संदेह के घेरे में ‘अन्ना का गांधीवाद’ तनवीर जाफरी गांधीवाद के सिद्धांतों पर चलते हुए जिस प्रकार अन्ना हज़ारे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में नई दिल्ली के जंतरमंतर व रामलीला मैदान पर आमरण अनशन किया तथा उनके इस गांधीवादी कदम से अपने कदम मिलाते हुए देश के कोने-कोने में लाखों लोगों ने जोकि स्वयं भी देश की […] Read more » Anna Hazare
राजनीति एक अविस्मरणीय वर्षगांठ : लालकृष्ण आडवाणी January 29, 2012 / January 29, 2012 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment पिछले सप्ताह मैं नरेन्द्र मोदी के साथ चेन्नई में तमिल पत्रिका ‘तुगलक‘ के वार्षिक कार्यक्रम में भाग लेने गया था। क्या था! कुछ अन्य ही पत्रकार शायद इतने लोग जुटा सकते हैं। यदि चेन्नई में ‘तुगलक‘ घर-घर में जाना जाने वाला नाम है। तो चो रामास्वामी देशभर के बुध्दिजीवियों में सुप्रसिध्द और आदरणीय नाम है। […] Read more »
राजनीति विधानसभा चुनाव अखिलेश की अगुवाई में लहरायेगा सपा का परचम January 28, 2012 / January 28, 2012 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | Leave a Comment डॉ0 आशीष वशिष्ठ समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, ऊर्जावान नेता और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश जिस तेजी से राजनीतिक गगन में उभरे हैं, वो किसी चमत्कार से कम नहीं है। हालांकि राजनीति उनकी रगों में दौड़ती है और राजनीति का ककहरा उन्होंने पालने में ही पढ़ लिया था। वे लोकसभा सांसद […] Read more » अखिलेश समाजवादी पार्टी
राजनीति विधानसभा चुनाव पंजाब चुनाव पर इस बार भी हावी है ताकत, पैसा, शराब January 28, 2012 / January 28, 2012 by गौतम चौधरी | 1 Comment on पंजाब चुनाव पर इस बार भी हावी है ताकत, पैसा, शराब गौतम चौधरी इस बार के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली शिरोमणी अकाली दल नीत गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। जहां एक ओर अकाली गठबंधन निवर्तमान सरकार का नेतृत्व कर रही थी वही कांग्रेस पहले सरकार का नेतृत्व कर चुकी है। पंजाब में जिस कांग्रेस ने शासन किया […] Read more » Punjab पंजाब
राजनीति राष्ट्रीय दलों के लिए चुनौती बनते विधानसभा चुनाव January 26, 2012 / January 26, 2012 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी अगले महीने देश के 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तिथि ज्यों-ज्यों करीब आती जा रही है,राजनैतिक दल वैसे-वैसे अपने चुनाव प्रचार को और तेज़ करते जा रहे हैं। जहां राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियां अपने दल के पक्ष में तमाम स्टार प्रचारको को अपने प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार हेतु उतार […] Read more » U.P elections राष्ट्रीय दलों के लिए चुनौती विधानसभा चुनाव
राजनीति न लोक ही बचा न तंत्र January 26, 2012 / January 26, 2012 by डॉ0 शशि तिवारी | Leave a Comment डॉ. शशि तिवारी लोक का स्थान स्वयं ने ले लिया और तंत्र का स्थान परिवादवाद ने, बची-कुची कसर जातिवाद के तंत्र ने कर दी। बढ़ते लम्पट तंत्र एवं गिरते राजनीतिक तंत्र से कहीं न कहीं नुकसान गणतंत्र को अवश्य ही हुआ है। गुलाम भारत को स्वतंत्र कराने में जिन नेताओं ने अपनी जवानी न्यौछावर कर […] Read more » Democracy न लोक ही बचा न तंत्र
राजनीति बसपा का अभेदक तिलिस्म January 26, 2012 / January 26, 2012 by अब्दुल रशीद | 1 Comment on बसपा का अभेदक तिलिस्म अब्दुल रशीद उत्तर प्रदेश के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की खामोशी सबको आश्चर्यचकित कर रही है क्योंकि न कहीं प्रचार दिख रहा है और न ही कहीं राजनैतिक बयानबाज़ी। कुछ लोग भले ही इसे पार्टी का अतिआत्मविश्वास कहे या फिर चुनाव परिणाम आने से पहले हार मान लेना कहे। लेकिन हकीक़त कुछ और है, दरअसल […] Read more » BSP बसपा का अभेदक तिलिस्म
राजनीति क्या कांग्रेस ने कर ही लिया दिग्विजय सिंह से किनारा? January 25, 2012 / January 25, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 3 Comments on क्या कांग्रेस ने कर ही लिया दिग्विजय सिंह से किनारा? मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह धीरे-धीरे ही सही मगर हाशिये पर धकेले जा रहे हैं| तीन वर्ष पूर्व दिग्विजय सिंह ने एकदम से पाला बदलते हुए जिस सेक्युलर राजनीति की शुरुआत की थी, उससे कांग्रेस को भले ही कोई लाभ न हुआ हो मगर दिग्विजय सिंह ज़रूर राष्ट्रीय राजनीति में […] Read more » Congress Digvijay Singh कांग्रेस दिग्विजय सिंह से किनारा
राजनीति विधानसभा चुनाव उल्टा पड़ता राहुल का हर दांव January 23, 2012 / January 23, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम राहुल गाँधी के लिए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल बन गए हैं जहां उन्हें हर कीमत पर जीतना ही होगा वरना उनकी राजनीति पर प्रश्नचिन्ह लगना तय है| गाँधी-नेहरु परिवार का वारिस होने के चलते शायद वे सत्ता के शीर्ष तक भी पहुँच जायेंगे मगर इतिहास उन्हें हमेशा आयातित नेता ही […] Read more » Rahul Gandhi राहुल गांधी