राजनीति मुलायम का ‘पिछड़ा-दलित-मुस्लिम’ कार्ड April 16, 2011 / December 13, 2011 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना पहले बसपा ने और तीन माह बाद सपा ने अपने उम्मीदवार तय कर दिये।यह और बात है कि सपा ने सम्भावित विधानसभा प्रत्याशियों की बाकायदा सूची जारी करके बसपा से बढ़त बना ली।बसपा ने अपने प्रत्याशियों के बारे में मन तो बना लिया है लेकिन अधिकारिक रूप से कोई सूची जारी नहीं की […] Read more » Mulayam Singh Yadav मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
आर्थिकी राजनीति नकली नोट रिजर्व बैंक और सरकार April 15, 2011 / December 13, 2011 by डॉ. मनीष कुमार | 7 Comments on नकली नोट रिजर्व बैंक और सरकार नकली नोट पर अब तक का सबसे बडा ख़ुलासा रिजर्व बैंक के ख़जाने में नकली नोट कैसे पहुँचे सीबीआई ने रिजर्व बैंक में क्यों छापा मारा नकली नोट के खुलासे से यूरोप में भुचाल क्यों आया देश के रिज़र्व बैंक के वाल्ट पर सीबीआई ने छापा डाला. उसे वहां पांच सौ और हज़ार रुपये के […] Read more » Reserve Bank नकली नोट और रिजर्व बैंक
राजनीति कांग्रेसः बदहाली से उबरने की चुनौती April 15, 2011 / December 14, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में दरकते जनाधार को बचाना आसान नहीं – संजय द्विवेदी कांग्रेस के बारे में कहा जाता है कि उसे उसके कार्यकर्ता नहीं, नेता हराते हैं। पिछले दस सालों से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पस्तहाल पड़ी कांग्रेस के लिए भी यह टिप्पणी नाजायज नहीं है। लंबी खामोशी के बाद आखिरकार आलाकमान ने दोनों […] Read more » Madhya pradesh कांग्रेस छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश
राजनीति अन्ना के विचार यदि किसी एक संगठन से ज्यादा मिलते हैं तो वह है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ April 14, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 9 Comments on अन्ना के विचार यदि किसी एक संगठन से ज्यादा मिलते हैं तो वह है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जगदीश्वर चतुर्वेदी हाल के दिनों में अन्ना हजारे के बारे में तरह तरह के मिथों का प्रचार करके कारपोरेट मीडिया ने किया है। कारपोरेट मीडिया की अति सक्रियता ने पहला संदेश यह दिया है कि कारपोट मीडिया अब बुद्धिहरण और विवेकहरण का औजार बन गया है। वे एक ऐसा काल्पनिक जगत बनाने में लगे […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति हिन्दू संस्कृति का विशाल वट वृक्ष April 14, 2011 / December 14, 2011 by विजय कुमार | 4 Comments on हिन्दू संस्कृति का विशाल वट वृक्ष विजय कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं में एक गीत प्रायः बोला जाता है – हिन्दू संस्कृति के वट विशाल तेरी चोटी नभ छूती है, तेरी जड़ पहुंच रही पाताल।। इस गीत की भावना के अनुरूप आज संघ एक विराट वट वृक्ष बन गया है। संघ के स्वयंसेवकों ने अपनी रुचि, प्रवृत्ति एवं आवश्यकता के […] Read more » RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति बाबा साहब ने दिया लोकतंत्र को बल April 14, 2011 / December 14, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ. अनुराग दीप संविधान को लोकतंत्र की गीता कहा जाता है। भारत के संविधान के निर्माण में कई विधि विशेषज्ञों ने योगदान दिया जिसमें सर्वप्रमुख थे बाबा साहब अंबेडकर। उनके नेतृत्व में भारत के संविधान का निर्माण एक अतुलनीय उपलब्धि था जिस कारण उन्हें संविधानशिल्पी भी कहा जाता है। वह संविधान निर्माण की प्रारूप […] Read more » Dr Bhim Rao Ambedkar डॉ. भीमराव आंबेडकर
राजनीति भीमराव आम्बेडकर, अन्ना हजारे और लोकतंत्र April 14, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर के जन्मदिन पर विशेष (जन्म -14 अप्रैल 1891, मृत्यु – 6 दिसम्बर 1956 ) बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर को हमें आधुनिक मिथभंजक के रूप में देखना चाहिए। भारत और लोकतंत्र के बारे में परंपरावादियों,सनातनियों, डेमोक्रेट, ब्रिटिश बुद्धिजीवियों और शासकों आदि ने अनेक मिथों का प्रचार किया है। ये मिथ आज भी आम […] Read more » Dr Bhim Rao Ambedkar भीम राव अम्बेडकर
राजनीति ममता,वाम और संस्कृतिकर्मी April 14, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी ममता बनर्जी ने अपने दल की ओर से अनेक संस्कृतिकर्मियों को विधानसभा चुनाव में खड़ा किया है। कई कलाकार उसके पहले लोकसभा में भी चुनकर गए हैं। यह स्वागत योग्य फिनोमिना है। यह संस्कृतिकर्मियों की राजनीतिक भूमिका की लोकतांत्रिक स्वीकृति है। इसके विपरीत वामदलों का संस्कृतिकर्मियों के प्रति नकारात्मक रवैय्या रहा है। वे […] Read more » Mamta Benerji ममता बनर्जी
राजनीति एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले April 13, 2011 / December 14, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो रामअवतार त्यागी पुण्यतिथि (13 अप्रैल) पर विशेष शादाब जफर ”शादाब” ”एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले मैने मन्जिल को तलाशा मुझे बाजार मिले” फिल्म जिन्दगी और तूफान का स्व. मुकेश द्वारा गाया गया ये गीत जब जब बजता है तब तब स्वभाव से शान्त, आदतों से आवारा, तबियत से बेहद जिद्दी और आचरण से […] Read more »
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान April 13, 2011 / December 14, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on ये है दिल्ली मेरी जान लिमटी खरे जनता के आक्रोश को समझे कांग्रेस गांधीवादी अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को देशव्यापी समर्थन मिला। अन्ना ने अनशन स्थल पर नेताओं के आने पर पाबंदी लगाई। उनका कहना था कि जिस भी राजनेता को उनकी मुहिम का समर्थन करना है वे अपने दलों के सांसद विधायकों के माध्यम से संसद […] Read more »
राजनीति बिजली के खेल से किसानों की तबाही । April 13, 2011 / December 14, 2011 by डब्बू मिश्रा | 1 Comment on बिजली के खेल से किसानों की तबाही । पावर हब प्रदेश में पावर का खेल, बलौदा बाजार में ब्लड कैंसर के मामले बढे । जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ, सरगुजा, अंबिकापुर जैसे वनाच्छादित जगहों पर सरकार नें पावर प्लांट लगाने की अनुमति क्या दी वहां के निवासियों का जीना मुहाल हो गया है । कोरबा में लैंको अमरकंटक पावर प्लांट के एक उदाहरण से आप […] Read more »
राजनीति बिजली गिरी, जोगी अब तेरा सहारा April 13, 2011 / December 14, 2011 by डब्बू मिश्रा | 2 Comments on बिजली गिरी, जोगी अब तेरा सहारा शाबाश रमन सिंह जी । बहुत ही शातिराना चाल चल रहे हो आम जनता के साथ । पहले विपक्ष को अपने साथ मिला लिये फिर विपक्ष को आदिवासियों की ओर भिडा दिये और विद्युत नियामक बोर्ड की आड में बिजली दरों में 22 फीसदी तक की बढोत्तरी कर डाले । क्योंकि अब आपसे कोई कुछ पुछ […] Read more » politics राजनीती