राजनीति माओवादियों का सच February 11, 2011 / December 15, 2011 by विश्वरंजन | 2 Comments on माओवादियों का सच विश्वरंजन माओवादी दस्तावेजों में यह बात साफ है कि उनकी लोकतांत्रिक व्यवस्था और इस देश की न्याय व्यवस्था में कोई आस्था नहीं है और मूलत: वे उसे हिंसा तथा अन्य तरीकों से ध्वस्त करेंगे। जब मैं एक गिरफ्तार सी.पी.आई. (माओवादी) केसेन्ट्रल कमेटी के सदस्य से पटना में बात कर रहा था, तब उसने साफ कहा […] Read more » Maoist माओवादी
राजनीति वनवास और त्याग से साकार होगा रामराज्य February 11, 2011 / December 15, 2011 by के. एन. गोविंदाचार्य | 4 Comments on वनवास और त्याग से साकार होगा रामराज्य भारत विकास संगम के समापन सत्र में संगम के संरक्षक माननीय के.एन. गोविन्दाचार्य ने मंचस्थ पूज्य सिद्धेश्वर स्वामी, प्रमुख संतजन, सम्मानित अतिथि गण, मातृ शक्ति और देश के कोने-कोने से आई सज्जन शक्ति के अभिवादन के साथ अपने उद्बोध्न की शुरुआत की। प्रस्तुत है उसके मुख्य अंश… भारत विकास संगम का 10 दिवसीय अधिवेशन अपने […] Read more » Shri Ram वनवास
राजनीति जन-क्रांति की रक्षा करना भी जनता का कर्तव्य है February 11, 2011 / December 15, 2011 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment श्रीराम तिवारी एक लोक कथा है ……एक गाँव में खेती किसानी करने वाले किसान रहते थे, उस गाँव में एक जमींदार हुआ करता था. गाँव में दो कुए थे, एक कुआं पूरे गाँव के लिए दूसरा सिर्फ जमींदार के लिए.जमींदार का कुआं उसकी बड़ी-सी हवेली की चहार दीवारी के अंदर था. इसीलिये जमींदार के कुएं […] Read more » People - Revolution जन-क्रांति
राजनीति नाजुक, कोमल माओवादी ! February 10, 2011 / December 15, 2011 by विश्वरंजन | 2 Comments on नाजुक, कोमल माओवादी ! – विश्वरंजन नक्सली माओवादियों के गुप्त शहरी संगठनों में आपको बड़े तादाद में ऐसे माओवादी मिल जाएँगे, जिन्हें हम नाजुक, कोमल माओवादी कह सकते हैं। उन्हें सुकुमार माओवादी भी कहा जा सकता है। यदि आप उनका चेहरा-मोहरा, कद-काठी देखें तो आप जल्दी मानने को तैयार नहीं होंगे कि यह नाजुक सा- कोमल सा लगने वाला […] Read more » Maoist माओवादी
राजनीति मीडिया का गॉसिपतंत्र और असहाय माकपा February 10, 2011 / December 15, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 3 Comments on मीडिया का गॉसिपतंत्र और असहाय माकपा जगदीश्वर चतुर्वेदी मीडिया में व्यक्तित्वहनन एक बड़ा फिनोमिना है। यह मीडिया का चूरन है। गॉसिप है। कुछ लोग इसे चरित्रहनन और अपमान भी कहते हैं। लेकिन यह न तो अपमान है और न निंदाचार है बल्कि गॉसिप है। यह संबंधित व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान का कैरीकेचर है। मीडिया यह सब उनके साथ ज्यादा करता है […] Read more » media माकपा मीडिया
राजनीति पूंजीवाद से बेहतर है साम्यवाद -रूमानियाई रिफ्रेंडम का सार … February 10, 2011 / December 15, 2011 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment श्रीराम तिवारी वैश्विक आर्थिक संकट के परिणामस्वरूप जनांदोलनों की दावाग्नि वैसे तो सारी धरती को अंदर से धधका रही है. आधुनिकतम सूचना एवं संचार माध्यमों की भी जन-हितकारी भूमिका अधिकांश मौकों पर द्रष्टव्य रही है. इस आर्थिक संकट की चिंगारी का मूल स्त्रोत पूर्वी यूरोप और सोवियत साम्यवाद के पराभव में सन्निहित है. दुनिया भर […] Read more » Capitalism पूंजीवाद साम्यवाद
राजनीति सेमेटिक चिंतन का ही विस्तार है इस्लाम, ईसाइयत एवं साम्यवाद February 9, 2011 / December 15, 2011 by गौतम चौधरी | 5 Comments on सेमेटिक चिंतन का ही विस्तार है इस्लाम, ईसाइयत एवं साम्यवाद गौतम चौधरी समाजवाद का सिध्दांत रॉवट ओवेन एवं सेंट साईमन ने दिया। मेकाइबर और पेज नामक समाज विज्ञानी ने समाज को परिभाषित किया। पश्चिम में समाज की संरचना का जो क्रमिक विकास हुआ है वह संघर्ष और विखंडन के सिध्दांत पर आधारित है। इसलिए वैज्ञानिक समाजवाद के प्रवर्तक कार्ल मर्क्स को दुनिया का इतिहास संघर्ष […] Read more » Islam इस्लाम ईसाई साम्यवाद
राजनीति विनायक सेन : व्यवस्था की उपज……… February 9, 2011 / December 15, 2011 by राजीव बिश्नोई | 6 Comments on विनायक सेन : व्यवस्था की उपज……… राजीव बिश्नोई “ईश्वर ने सब मनुष्यों को स्वतन्त्र पैदा किया हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्वतंत्रता वहीं तक दी जा सकती हैं, जहाँ दुसरों की आजादी में दखल न पड़े। यही राष्ट्रीय नियमों का मूल हैं” जयशंकर प्रसाद का ये कथन किसी भी लोकतान्त्रिक व्यवस्था वाले देश के लिए सटीक बैठता हैं। तो आखिर विनायक सेन ने ऐसा […] Read more » Vinayak Sen विनायक सेन
राजनीति अपनी जाति के ब्यूरोक्रेट्स से दूरी बनाएं माया February 9, 2011 / December 15, 2011 by संजय सक्सेना | 1 Comment on अपनी जाति के ब्यूरोक्रेट्स से दूरी बनाएं माया संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में वर्ण भेद हमेशा से ही चर्चा में रहा है। भाजपा को बनिया-ब्राहमण, कांग्रेस को ठाकुर-ब्राहमण और समाजवादी पार्टी को पिछड़े और मुस्लिम ब्यूरोक्रेट्स पर ज्यादा भरोसा रहा तो बसपा ने दलित वर्ग के ब्यूरोक्रेट्स पर अधिक भरोसा किया, लेकिन अबकी बार माया का निजाम बदला-बदला नजर आ रहा […] Read more » Mayawati मायावती
आर्थिकी राजनीति माछ भात और मनमोहन सिंह का अर्थशास्त्र February 7, 2011 / December 15, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 6 Comments on माछ भात और मनमोहन सिंह का अर्थशास्त्र डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री देश में मंहगाई जिस बेतहाशा गति से बढ रही है उससे आम आदमी का चिंतित होना स्वभाविक ही है। दरासल मंहगाई से आम आदमी केवल चिंतित ही नही है बल्कि अनेक स्थानों पर जीवन यात्रा के सूत्र उनके हाथांे से छूटते भी जा रहे हैं। जो वर्ग उत्पादन के क्षेत्र में […] Read more » Manmohan Singh डॉ. मनमोहन सिंह
राजनीति कांग्रेस की नीति बदली न नीयत February 7, 2011 / December 15, 2011 by रामबिहारी सिंह | 2 Comments on कांग्रेस की नीति बदली न नीयत रामबिहारी सिंह देश में अधिकांश समय तक सत्ता में काबिज रही सत्तारूढ़ कांग्रेस की देश को लेकर नीति तो बदल गई है पर उसकी नीयत नहीं बदली है। देश में आजादी के पहले से अस्तित्व में रही कांग्रेस ने समय के साथ सत्ता का सफर तय किया है। इस दौरान वह शुरुआत से ही वोट […] Read more » Congress कांग्रेस
राजनीति राजनीति का शिकार न हो जाए एकलव्य February 7, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विनोद उपाध्याय एकलव्य हूँ मैं ढूँढ़ता हे द्रोण कहाँ हो , एकाकी शर संधान से हे तात ! उबारो। प्रश्न नहीं मेरे लिये बस एक अंगूठा , कर लिये कृपाण हूँ लो हाथ स्वीकारो। है चाह नहीं देव ! अर्जुन की धनुर्धरता , एकलव्य ही संतुष्ट मैं बस शिष्य स्वीकारो। श्रीकांत मिश्र कांत की पंक्तियां […] Read more » Madhya pradesh एकलव्य आवासीय विद्यालय मध्यप्रदेश