राजनीति फिर सुलगने लगा है लाल गलियारा! July 29, 2011 / December 7, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे अस्सी के दशक के बाद भारत जिसे हिन्दुस्तान, इंडिया आदि के नाम से भी जाना जाता है को किसी की नजर लग गई है। यही कारण है कि इसके बाद देश में अलगाववाद, आतंकवाद, माओवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद और न जाने कितने वाद हैं सभी के केंसर ने इसे घेर लिया है। देश के […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
प्रवक्ता न्यूज़ राजनीति इंडिया यंग, लीडरशिप ओल्ड! July 29, 2011 / December 7, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment कांग्रेस में ‘प्रजातांत्रिक राजशाही‘ लिमटी खरे कांग्रेस में भविष्यदृष्टा रहे तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इक्कीसवीं सदी को युवाओं की सदी घोषित किया था। उनका मानना था कि इक्कीसवीं सदी में युवाओं के मजबूत कांधों पर भारत गणराज्य उत्तरोत्तर प्रगति कर सकता है। आज सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र की बागडोर उनकी अर्धांग्नी श्रीमति […] Read more » politics युवा राजनीति
राजनीति आधुनिक जयचंदों को पहचानें! July 29, 2011 / December 8, 2011 by शंकर शरण | 8 Comments on आधुनिक जयचंदों को पहचानें! शंकर शरण गुलाम नबी फई के भारतीय हमप्याले, हमनिवाले हैरत जता रहे हैं। इस अंदाज में, कि अरे! हम तो जानते ही नहीं थे कि वह आई.एस.आई. का आदमी था। राजेन्द्र सच्चर ने कुलदीप नैयर को भी साथ जोड़ते सफाई दी है कि फई के निमंत्रण पर अमेरिका जाकर उसकी मेहमाननवाजी का लुत्फ लेते उन्हें […] Read more » Arundhati Roy अरूंधती राय कुलदीप नैयर गौतम नवलखा राजेन्द्र सच्चर
राजनीति बाबा रामदेव और अन्ना हजारे अलग-अलग क्यों? July 29, 2011 / December 8, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 10 Comments on बाबा रामदेव और अन्ना हजारे अलग-अलग क्यों? डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामेदव लम्बे समय से अपने योग शिविरों में जनान्दोलन चलाते आ रहे हैं| उन्होंने कुछ बड़ी रैलिया भी की हैं और देशभर में जनजागरण अभियान चलाया हुआ है| वहीं दूसरी ओर अन्ना हजारे भी लम्बे समय से महाराष्ट्र में रहकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते आ […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे बाबा रामदेव भ्रष्टाचार
राजनीति बेशर्मी की पराकाष्ठा ! July 28, 2011 / December 8, 2011 by डॉ. प्रवीण तोगड़िया | Leave a Comment डॉ. प्रवीण तोगडि़या मुंबई में पुन: जेहादी हमले हुए। बीस से अधिक भारतीयों ने अपनी जान गंवा दी। 20 से 50 उम्र के ये लोग घर के कमाने वाले हाथ थे – बूढ़े माँ-पिता के, छोटे-छोटे बच्चों के पालनकर्ता थे-30 से अधिक लोग गंभीर घायल है-कोई हाथ, कोई पैर, कोई रीढ़ की हड्डी कायम […] Read more » Mumbai Attack मुंबई हमला 13 जुलाई
राजनीति स्वतंत्रता संग्राम और संघ July 28, 2011 / December 8, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | 1 Comment on स्वतंत्रता संग्राम और संघ डॉ. मनोज चतुर्वेदी स्वतंत्रता किसे नहीं अच्छी लगती चाहे वह पिजड़े में बंद पशु हो या पक्षी! सभी परतंत्रता रूपि बेड़ियों को तोडकर उन्मुक्त गगन में विहार करना चाहते हैं फिर मनुष्य तो सृष्टि का सबसे विवेकशील प्राणी है। वह सब पर अपना आधिपत्य स्थापित करके स्वविवेक से घुमाता है। वह इन प्राणियों को इस […] Read more » RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वतंत्रता संग्राम
राजनीति विश्ववार्ता “सेकुलर बुद्धिजीवी गैंग” का नकाब उतरा – सन्दर्भ : गुलाम नबी फ़ई…. July 28, 2011 / December 8, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 2 Comments on “सेकुलर बुद्धिजीवी गैंग” का नकाब उतरा – सन्दर्भ : गुलाम नबी फ़ई…. सुरेश चिपलूनकर हाल ही में अमेरिका ने दो ISI एजेंटों गुलाम नबी फाई और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया। ये दोनों पाकिस्तान से रूपये लेकर पूरे विश्व में कश्मीर मामले पर पाकिस्तान के लिए लॉबिंग और सेमिनार आयोजित करते थे। इसमें होने वाले तमाम खर्चों का आदान प्रदान हवाला के जरिये होता था। इन […] Read more » ISI आईएसआई गुलाम नबी फ़ई
राजनीति लखीराम अग्रवाल होने का मतलब July 27, 2011 / December 8, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment छत्तीसगढ़ जैसे इलाके में भाजपा की जड़ें जमाने वाले नायक की याद संजय द्विवेदी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लखीराम अग्रवाल को याद करना सही मायने में राजनीति की उस परंपरा का स्मरण है जो आज के समय में दुर्लभ हो गयी है। वे सही मायने में हमारे समय के एक ऐसे नायक हैं […] Read more » Lakhiram Agrawal लखीराम अग्रवाल
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान July 25, 2011 / December 8, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on ये है दिल्ली मेरी जान लिमटी खरे युवराज के लिए अब इटैलियन बहू! कांग्रेस की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री और युवराज राहुल गांधी की उम्र ढलती जा रही है। ज्योतिषियों का कहना है कि वे अभी सात साल और विवाह नहीं कर पाएंगे। राजमाता श्रीमती सोनिया गांधी की पेशानी पर पसीने की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। पहले […] Read more »
राजनीति साहित्य ममता बनर्जी में माकपा की आवाजें July 25, 2011 / December 8, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनने के बाद आमलोगों को लग रहा था कि राज्य सरकार की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव आएगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि वे लगातार उसी मार्ग पर चल रही हैं जिसे माकपा ने वाम शासन में बनाया था। प्रत्येक क्षेत्र में ममता और उनके दल के […] Read more » Mamta Benarji बुद्धदेव भट्टाचार्य ममता बनर्जी हिंदी
पुस्तक समीक्षा राजनीति “हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद July 24, 2011 / December 8, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद | 15 Comments on “हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद माओवादियों ने बस्तर को आग के हवाले कर दिया है, जिसकी तपिश में भोले-भाले आदिवासी झुलस रहे हैं। माओवादी भले ही इन क्षेत्रों के विकास की बात करते हों लेकिन उनके पास विकास का वैकल्पिक मॉडल नहीं है, उलटे वे शिक्षण संस्थानों और सड़कों को बम से उड़ाकर बस्तर के विकास मार्ग को अवरूद्ध करते […] Read more » hello bastar आदिवासी बस्तर माओवाद राहुल पंडिता हेलो बस्तर
राजनीति राजनीति का नया दौर July 24, 2011 / December 8, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राकेश श्रीवास्तव यह हमारे लोकतांत्रिक विकास की असफलता ही है कि जनता दिल की सच्चाई (जाति और निजी स्वार्थों के बादलों को छांटकर) और गहराई से अपने नेता को नेता नहीं मानती है। जनता कितना अपने नेता को पहचानती है, अपने क्षेत्र के नेताओं और दलों तक उसकी कितनी पहुंच है, क्या जमीनी स्तर पर […] Read more » politics राजनीति