राजनीति विनायक सेन प्रकरण : बुद्धिजीवियों द्वारा न्याय व्यवस्था के विरूद्ध जिहाद January 3, 2011 / December 18, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 2 Comments on विनायक सेन प्रकरण : बुद्धिजीवियों द्वारा न्याय व्यवस्था के विरूद्ध जिहाद अम्बा चरण वशिष्ठ हमारे उदारवादी चिन्तक, विचारक तथा कार्यकर्ता वस्तुत: भेड़िये की खाल में साम्यवादी हैं जो इस प्रजातन्त्र के हर स्तम्भ को ध्वस्त करना चाहते हैं। वह अन्यथा जनता के समर्थन से तो कभी सत्ता हथिया नहीं सकते, इसलिये वह यह अनैतिक व ग़ैरकानूनी हथकण्डे अपना रहे हैं। पिछले कुछ सालों से समाचार माध्यमों […] Read more » Human Rights डॉ. विनायक सेन माओवाद मानवाधिकार
राजनीति जिंदादिल युवानायक सफदर हाशमी January 2, 2011 / December 18, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी सफदर हाशमी के साथ मेरी पहली मुलाकात 1978 में हुई थी। मैं उन दिनों मथुरा में एसएफआई का जिलामंत्री था। केन्द्र में जनता पार्टी की सरकार थी और केन्द्र सरकार एक बदनाम मजदूर विरोधी कानून लेकर आयी थी उसके खिलाफ दिल्ली में मजदूरों की महारैली थी। कई लाख लोग उसमें शामिल हुए थे। […] Read more » Safdar Hashmi सफदर हाशमी
राजनीति दरअसल ये लोग मानवता के द्रोही हैं… January 2, 2011 / December 18, 2011 by गिरीश पंकज | 4 Comments on दरअसल ये लोग मानवता के द्रोही हैं… गिरीश पंकज नक्सलियों के समर्थन के आरोप में डॉ. विनायक सेन और अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस फैसले के विरुद्ध बहुत से संगठन सड़कों पर उतर चुके हैं। देश के अनेक शहरों में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। रायपुर में भी कुछ एनजीओ ने धरना दिया। यह पहली बार […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन
राजनीति कलम में तेजाब और परचम अमन का January 1, 2011 / December 18, 2011 by तरुण विजय | 2 Comments on कलम में तेजाब और परचम अमन का तरुण विजय बिनायक सेन को अदालत से मिली सजा पर मीडिया और अन्य क्षेत्रस्थ रोमांटिक क्रांतिकारी बेहद खफा हैं। वे कानून, व्यवस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्य इत्यादि की चर्चा करते हुए यह सिद्ध करना चाहते हैं कि अदालत का फैसला मूलभूत मानवाधिकारों के विरुद्ध है। क्या बिनायक सेन के मामले पर हमें इस प्रस्थानबिंदु […] Read more » Vinayak Sen बिनायक सेन
राजनीति इस बहादुर विधवा की दर्दनाक आपबीती से मनमोहन सिंह की नींद उचाट नहीं होती December 30, 2010 / December 18, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 12 Comments on इस बहादुर विधवा की दर्दनाक आपबीती से मनमोहन सिंह की नींद उचाट नहीं होती आप सभी को याद होगा कि किस तरह से ऑस्ट्रेलिया में एक डॉक्टर हनीफ़ को वहाँ की सरकार ने जब गलती से आतंकवादी करार देकर गिरफ़्तार कर लिया था, उस समय हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने बयान दिया था कि “हनीफ़ पर हुए अत्याचार से उनकी नींद उड़ गई है…” और उस की मदद के […] Read more » Painful डॉक्टर शालिनी चावला दर्दनाक
राजनीति ये लड़ाई है दीए और तूफान की… December 30, 2010 / December 18, 2011 by श्रीराम तिवारी | 12 Comments on ये लड़ाई है दीए और तूफान की… श्रीराम तिवारी विगत सप्ताह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक अदालत ने जिन तीन लोगों को नक्सलवादियों का समर्थक होने के संदेह मात्र के लिए आजीवन कारावास जैसी सजा सुनाई उसकी अनुगूंज बहुत दूर तक बहुत लम्बे समय तक सुनाई देती रहेगी. डॉ विनायक सेन, नारायण सान्याल और पीयूष गुहा कितने बड़े खूंखार हैं? उनसे […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन
राजनीति लोकतंत्र की मरम्मत भीतर से ही हो सकती है, उसे बुलडोजर से ढहाकर नहीं December 30, 2010 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on लोकतंत्र की मरम्मत भीतर से ही हो सकती है, उसे बुलडोजर से ढहाकर नहीं सुनील कुमार डॉ. विनायक सेन को मिली उम्र क़ैद ने देश और दुनिया के बहुत से सामाजिक आंदोलनकारियों को हिला कर रख दिया है और छत्तीसगढ़ के एक जिले की अदालत के इस फ़ैसले को बहुत से क़ानूनी जानकार ख़ारिज़ ही कर दे रहे हैं कि यह एक कमज़ोर फ़ैसला है। क़रीब सौ पेज के […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन माओवाद लोकतंत्र
राजनीति बीच बहस में डॉ. विनायक सेन December 30, 2010 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on बीच बहस में डॉ. विनायक सेन प्रदीप चन्द्र पाण्डेय यह एक ऐसा समय है जब विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ ही खबरपालिका पर भी उंगलियां उठ रही है। देश में न्यायालय के फैसलों का सम्मान होता रहा है, निर्णय किसी के पक्ष और किसी के विपक्ष में होता ही है। सौभाग्य यह कि न्यायपालिका स्वयं अवसर प्रदान करती है कि […] Read more » Vinayak Sen डॉ. विनायक सेन नक्सलवाद माओवाद
राजनीति अच्छा तो तुम वामपंथी नहीं हो? यानी कि दक्षिण पंथी हो? December 30, 2010 / December 18, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद | 4 Comments on अच्छा तो तुम वामपंथी नहीं हो? यानी कि दक्षिण पंथी हो? राजीव रंजन प्रसाद इस बात को साल भर से अधिक हो गया। मैंने बस्तर में जारी नक्सलवाद के खिलाफ किसी लेख में टिप्पणी की थी। उस दिन मेरे नाम को इंगित करते हुए एक पोस्ट “मोहल्ला” ब्लॉग पर डाली जिसका शीर्षक था – “बस्तर के हो तो क्या कुछ भी कहोगे?” और लिंक – इस […] Read more » Naxalism नक्सलवाद बस्तर माओवाद
राजनीति साम्यवाद का बिगड़ैल पुत्र है नक्सलवाद ! December 30, 2010 / December 18, 2011 by पवन कुमार अरविन्द | 5 Comments on साम्यवाद का बिगड़ैल पुत्र है नक्सलवाद ! पवन कुमार अरविंद दुनिया की कोई भी विचारधारा हो, यदि वह समग्र चिंतन पर आधारित है और उसमें मनुष्य व जीव-जंतुओं सहित सभी प्राणियों का कल्याण निहित है; तो उसको गलत कैसे ठहराया जा सकता है। इस पृथ्वी पर साम्यवाद एक ऐसी विचारधारा है जिसके संदर्भ में गभीर चिंतन-मंथन करने से ऐसा प्रतीत होता है […] Read more » Naxalism डॉ. विनायक सेन नक्सलवाद
राजनीति गृहमंत्री पी. चिदम्बरम का माओवादी प्रेम December 30, 2010 / December 18, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल में केन्द्रीय गृहमंत्री पी.चिदम्बरम का असली खेल सामने आ गया है। खासकर माओवादियों के संदर्भ में हम पहले भी कईबार लिख चुके हैं कि कांग्रेस का माओवादियों के प्रति याराना है। इसबार कुछ बात ही अलग है। असल में माओवादी हिंसाचार और आतंक देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन […] Read more » Home Minister पी.चिदम्बरम माओवाद
राजनीति कॉमरेडों का फिजूल रोदन December 29, 2010 / December 18, 2011 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 6 Comments on कॉमरेडों का फिजूल रोदन डॉ. वेदप्रताप वैदिक अदालत को बिनायक सेन के बारे में जितनी बातें मालूम पड़ी हैं, वे सब ऊंट के मुंह में जीरे के समान हो सकती हैं। असली बातों तक वे बेचारे पुलिसवाले क्या पहुंचेंगे, जो इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट को आईएसआई समझ लेते हैं। वे गुस्से से लबालब हों तो हैरत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि […] Read more » Maoist माओवाद विनायक सेन