राजनीति प्रशासनिक मशीनरी, सेवानिवृत्ति पश्चात नियुक्ति एवं सेकुलरिज़्म… (दो मामले)…… May 29, 2011 / December 12, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 3 Comments on प्रशासनिक मशीनरी, सेवानिवृत्ति पश्चात नियुक्ति एवं सेकुलरिज़्म… (दो मामले)…… सुरेश चिपलूनकर पहला मामला :- 23 अप्रैल 2011 को केरल के सर्वाधिक देखे जाने वाले मलयालम चैनल पर लगातार दिन भर एक “ब्रेकिंग न्यूज़” चल रही थी… वह “ब्रेकिंग” और महत्वपूर्ण न्यूज़ क्या थी? एक आईपीएस अफ़सर शिबी मैथ्यूज़ ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर केरल राज्य के मानवाधिकार आयोग (Kerala Human Rights Commission) का अध्यक्ष पदभार […] Read more » secularism धर्मनिरपेक्षता सेकलरिज्म
राजनीति 1989 : राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ May 29, 2011 / December 12, 2011 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment लालकृष्ण आडवाणी फ्रांसिस फुकुयामा एक देदीय्यमान राजनीतिक विचारक हैं लेकिन अनेक लोग उनसे तब सहमत नहीं हुए थे जब सन् 1992 में उन्होंने अपनी पुस्तक ‘दि ऍन्ड् ऑफ हिस्ट्री ऐण्ड दि लास्ट मैन‘ लिखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा: ”आज हम जो भी देख रहे हैं वह शीत युध्द की समाप्ति मात्र नहीं है या युध्दोत्तर […] Read more » Mamta Benarji जयललिता ममता बनर्जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
राजनीति हिंद स्वराज क्या कभी चीन भारत पर आक्रमण करेगा ? May 29, 2011 / December 12, 2011 by डॉक्टर घनश्याम वत्स | 1 Comment on क्या कभी चीन भारत पर आक्रमण करेगा ? चीन इस दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला एक जिम्मेवार देश है । उस पर अपने नागरिकों के भरण पोषण और उनके हितों की रक्षा की जिम्मेवारी है । जिस प्रकार हर देश को अपने नागरिकों के सुखद ओर स्वर्णिम भविष्य की कामना होती है उसी प्रकार चीन को भी अपने देश के नागरिकों के […] Read more » India आक्रमण चीन भारत
जन-जागरण राजनीति ये पब्लिक है सब जानती है। May 29, 2011 / December 12, 2011 by आनन्द स्वरूप द्विवेदी | Leave a Comment आज हर व्यक्ति केवल भाई भतीजा वाद मे फस गया है, हर जगह केवल पैसा और सिफारिश का जमाना आगया हैं।दफ्तर हो या समाज व्यक्ति केवल आपना हित साधना चाहता है दूसरे के हित कि तो कोई सोचता हि नहीं है। इस तरह से हमारी राजनैतिक पार्टियाँ होगयी है। उन में भी जो लोग पार्टियों […] Read more » Public ये पब्लिक है सब जानती है
राजनीति गुजरात और मोदी पर अपने बयान से क्यों पलटे अन्ना May 29, 2011 / December 12, 2011 by जितेन्द्र प्रताप सिंह | 3 Comments on गुजरात और मोदी पर अपने बयान से क्यों पलटे अन्ना अप्रैल में अन्ना ने मोदी और गुजरात के विकास कार्यो की तारीफ की थी तभी से गुजरात और गुजरात के बाहर का एक तबका जो हमेशा देशद्रोही गतिविधिओ में लिप्त है वो सक्रिय हो गया | फिर मृदालिनी साराभाई, तीस्ता जावेद सीतलवाड़, मुकुल सिन्हा .जकिया जाफरी ने अपने संगठन जन संघर्ष मंच का एक प्रोग्राम […] Read more » Anna Hazare अन्ना गुजरात मोदी
राजनीति सरकार का ओछापन May 28, 2011 / December 12, 2011 by जीतेन्द्र कुमार नामदेव | 3 Comments on सरकार का ओछापन इससे पहले भी कई सरकारें आई और कई सरकारें गयी। लेकिन खुद की पीठ थपथपाने का काम जो इस दौर की सरकारें कर रही है वो शायद इससे पहले कभी भी देखने को नहीं मिला होगा। फिर चाहें वो केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार! कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी ने भी एक और […] Read more » Sonia Gandhi नेशनल एडवायजरी काउंसिल सरकार का ओछापन सोनिया गांधी
राजनीति आखिर अग्निवेश ही मध्यस्थ क्यों ? May 28, 2011 / December 12, 2011 by गोपाल सामंतो | 2 Comments on आखिर अग्निवेश ही मध्यस्थ क्यों ? गोपाल सामंतो आज भारत में एक नयी पौध तैयार हो रही है जिन्हें मध्यस्थ के नाम से जाना जाता है और इस वक़्त देश का सबसे बड़ा मध्यस्थ स्वामी अग्निवेश है. मध्यस्थ को अंग्रेजी में मीडीएटर और ठेठ हिंदी भाषा में दलाल कहा जाता है . इन मीडीएटरो की या मध्यस्थों की जरुरत ज्यादातर व्यापार […] Read more » swamy agnivesh स्वामी अग्निवेश
राजनीति नक्सलवाद से कौन लड़ना चाहता है ? May 26, 2011 / December 12, 2011 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on नक्सलवाद से कौन लड़ना चाहता है ? दुनिया के सबसे निर्दोष लोगों को खत्म करने का पाप कर रहे हैं हम संजय द्विवेदी उनका वहशीपन अपने चरम पर है, सोमवार की रात (23 मई,2011) को वे फिर वही करते हैं जो करते आए हैं। एक एडीशनल एसपी समेत 11 पुलिसकर्मियों को छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में वे मौत के घाट उतार देते हैं। […] Read more » Naxalism आदिवासी नक्सलवाद माओवाद
राजनीति वामपंथ के पतन के बाद आइए अपनी जड़ों में करें विकल्पों की तलाश / प्रो.बृजकिशोर कुठियाला May 25, 2011 / April 13, 2012 by प्रो. बृजकिशोर कुठियाला | 4 Comments on वामपंथ के पतन के बाद आइए अपनी जड़ों में करें विकल्पों की तलाश / प्रो.बृजकिशोर कुठियाला प्रो.बृजकिशोर कुठियाला ऐसा माना जाता है कि भारत टेक्नॉलाजी के क्षेत्र में विकसित अर्थव्यवस्थाओं से लगभग 20 वर्ष पीछे चलता है। हाल ही में हुए विधानसभा के परिणाम से यह सिद्ध हुआ कि राजनीतिक विचारधारा के विस्तार और विकास में भी हम लगभग इतने ही वर्ष पीछे चल रहे हैं। शेष विश्व में साम्यवाद का […] Read more » communism कम्युनिज्म वामपंथ साम्यवाद
राजनीति अमर के हालात जेल जाने जैसे May 25, 2011 / December 12, 2011 by संजय सक्सेना | Leave a Comment संजय सक्सेना वर्ष 2003 में समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह के साथ रहकर उन्हें सत्ता की सीयिं च़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और उनसे दूर होने के बाद उनको नेस्तानाबूत कर देने की कसम खाने वाले पूर्व दिग्गज सपा नेता(अब लोकमंच के संयोजक) अमर सिंह आज स्वयः उस मुकाम पर पहंुच गए हैं […] Read more » Amar Singh अमर अमर सिंह जेल लोकमंच के संयोजक
राजनीति आखिर लोकतंत्र कहां है? May 25, 2011 / December 12, 2011 by चैतन्य प्रकाश | Leave a Comment चैतन्य प्रकाश मैक्स ईस्टमैन ने 1922 में कहा था ”मैं कभी ऐसा अनुभव करता हूं कि पूंजीवादी और साम्यवादी तथा प्रत्येक व्यवस्था एक दैत्याकार यंत्र बनती जा रही है, जिसमें जीवन मूल्यों की मृत्यु हो रही है”। लैंग के विचार में इस भौतिकवादी संसार में सफलता का मूल्य हमें स्वत्व के संकट के रूप में […] Read more » Democracy लोकतंत्र
राजनीति क्या हो गया है प्रधानमंत्री को… May 25, 2011 / December 12, 2011 by अवनीश राजपूत | 1 Comment on क्या हो गया है प्रधानमंत्री को… अवनीश सिंह जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार आई थी तब वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने पूर्ववर्ती वाजपेयी सरकार का आभार व्यक्त किया था कि उन्हें विरासत में एक मजबूत अर्थव्यवस्था मिली है। यह कथन इतना बड़ा सच था कि सिर पर चढ़कर बोलता था। वरना कांग्रेस के मंत्री किसी दूसरे को श्रेय दें, ऐसा कम […] Read more » Sonia Gandhi मनमोहन सिंह यूपीए सोनिया गांधी