राजनीति पांव जलते हैं तो आग पे चलते क्यूं हो….! April 28, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 3 Comments on पांव जलते हैं तो आग पे चलते क्यूं हो….! -पंकज झा. झारखंड की वर्तमान परिस्थिति के बहाने भाजपा के लिए स्वाभाविक तौर पर कुछ चीज़ें तय कर लेना उचित होगा. उसको यह समझना होगा कि अगर वह स्वयं को क्षुद्र लाभ के निमित्त कोई भी समझौता ना करने वाले दीनदयाल परंपरा का वास्तविक उत्तराधिकारी समझती है, तो छल-बल-प्रपंच के कौशल से वह अपना साध्य […] Read more » Jharkhand झामुमो झारखंड भाजपा
राजनीति साम्प्रदायिक आरक्षण का अधर्म यानी फिर तुष्टिकरण April 27, 2010 / December 24, 2011 by पंकज झा | 2 Comments on साम्प्रदायिक आरक्षण का अधर्म यानी फिर तुष्टिकरण महंगाई, नक्सल मामला, महिला आरक्षण और इस सबसे बढ़ कर देश के लिए अलग तरह का केंसर बन चुके क्रिकेट खास कर इस बीमारी का आख़िरी स्टेज आईपीएल । इन सभी मुद्दों की भीड़ में एक जिस बात की चर्चा नहीं हो पायी वह है सम्प्रदाय आधारित आरक्षण. कांग्रेस के सांसद रहे रंगनाथ मिश्र के […] Read more » Communal reservation तुष्टिकरण साम्प्रदायिक आरक्षण
राजनीति शत प्रतिशत समस्याविहीन होने पर ही गांवों में आएगा सुराज April 27, 2010 / December 24, 2011 by राजेंद्र पाध्ये | 4 Comments on शत प्रतिशत समस्याविहीन होने पर ही गांवों में आएगा सुराज छत्तीसगढ़ की सरकार ने दो चरणों में ग्राम सुराज अभियान चलाकर प्रदेश के सूदूर ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर जनता से संवाद किया। अभियान के पहले दिन 12 अप्रैल को ही सरकार के मुखिया डॉ. रमन सिंह ने राज्य के दक्षिणी छोर में धुर नक्सली इलाके दोरनापाल, गंगालूर और बिंजली जैसे ग्रामों के आदीवासी नागरिकों के […] Read more » Chattishgarh छत्तीसगढ सुराज
राजनीति सलवा जुडूम: नई सोच की जरुरत April 26, 2010 / December 24, 2011 by सतीश सिंह | 1 Comment on सलवा जुडूम: नई सोच की जरुरत अर्थ और उत्पत्ति छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के लिए आये दिन नक्सली होने के आरोप को झेलना और पुलिसिया अत्याचार को सहना आम बात है। हालात इतने बदतर हो गये हैं कि पुलिस उनको नक्सली समझती है और नक्सली उनको पुलिस का मुखबिर मानते हैं। लिहाजा अपनी बदहाल स्थिति से निजात पाना ही आदिवासियों का शुरु […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद सलवा जुडूम
राजनीति गलत शब्द से गलत परिणाम April 26, 2010 / December 24, 2011 by विजय कुमार | 1 Comment on गलत शब्द से गलत परिणाम हमारे गृहमंत्री श्री चिदम्बरम महोदय देखने में तो बहुत सौम्य हैं, पर आजकल वे काफी परेशान हैं। दंतेवाड़ा कांड के कारण न केवल देश की जनता बल्कि कांग्रेस के लोग भी उनसे नाराज हैं। दूसरी ओर उन पर अपने दल का मजहबी एजेंडा पूरा करने का भी दबाव है। कुछ दिन पूर्व उन्होंने कहा था […] Read more » P. Chidambaram आंतरिक सुरक्षा चिदंबरम
राजनीति लोकतंत्र को सार्थक बनाएगा पंचायती राज April 24, 2010 / December 24, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment महात्मा गांधी जिस गांव को समर्थ बनाना चाहते थे वह आज भी वहीं खड़ा है। ग्राम स्वराज्य की जिस कल्पना की बात गांधी करते हैं वह सपना आज का पंचायती राज पूरा नहीं करता। तमाम प्रयासों के बावजूद पंचायत राज की खामियां, उसकी खूबियों पर भारी हैं। जाहिर तौर पर हमें अपने पंचायती राज को […] Read more » Democracy पंचायती राज लोकतंत्र
धर्म-अध्यात्म राजनीति मुस्लिम राजनीतिः नए रास्तों की तलाश April 23, 2010 / December 24, 2011 by संजय द्विवेदी | 5 Comments on मुस्लिम राजनीतिः नए रास्तों की तलाश भारतीय समाज से अलग नहीं हैं मुसलिम समाज के संकट मुस्लिम राजनीति के संकट पर बातचीत करते समय या तो हम इतनी संवेदनशीलता और संकोच से भर जाते हैं कि ‘सत्य’ दूर रह जाता है या फिर उपदेशक की भूमिका अख्तियार कर लेते हैं। हम इन विमर्शों में प्रायः मुस्लिम राजनीति को दिशाहीन, अवसरवादी, कौम […] Read more » Muslim मुसलमान मुस्लिम राजनीति
राजनीति आस्तीनों में ना अपने सांप पालो दोस्तों / पंकज झा April 23, 2010 / June 6, 2012 by पंकज झा | 39 Comments on आस्तीनों में ना अपने सांप पालो दोस्तों / पंकज झा कथित माननीय अरूप जी और तथाकथित श्रीमान राष्ट्रवादी जी……! कथित इसलिए कि अगर आपको लगे कि आपके विचारों में दम है तो खुल कर हमारी तरह नाम और पते के साथ आना चाहिए. नक्सलियों की तरह आस्तीन में छुपकर वार करने वालों की सराहना नहीं होती आज-कल. अपन जब भी जो भी लिखते हैं पूरे […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति देश की सुरक्षा में सेंध लगाते नक्सलवादी-माओवादी April 23, 2010 / December 24, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on देश की सुरक्षा में सेंध लगाते नक्सलवादी-माओवादी नक्सलवाद की त्रिमूर्ती चारु मजूमदार, जंगल संथाल और कानू सान्याल में से केवल सान्याल ही जिंदा बचे थे। यह आंदोलन उन्होंने पिछली शताब्दी के मध्य में शुरु किया था और 21 वी शताब्दी के पहले दशक के बीतत-बीतते कानू सान्याल ने नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आत्महत्या करना ही श्रेयस्कर समझा। कहा जाता […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
राजनीति कांग्रेसनीत संप्रग शासन में आम आदमी दाने-दाने को मोहताज : नितिन गडकरी April 22, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment महंगाई के विरोध में ऐतिहासिक रैली संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा गत 21 अप्रैल, 2010 को यूपीए सरकार की गलत नीतियों से बेलगाम हुई महंगाई के विरोध में भाजपा के आह्वान पर देश के कोने-कोने से आए लाखों लोगों ने संसद पर दस्तक दिया और कांग्रेसनीत केन्द्र सरकार को चेतावनी दी कि ‘महंगाई […] Read more » Congress कांग्रेस
राजनीति दिग्गी के जहर बुझे तीर के निहितार्थ April 22, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment नई दिल्ली, 22 अप्रेल। व्यापार जगत की खबरों को देने वाले एक समाचार पत्र में नक्सलवाद पर अपना आलेख छपवाकर दिग्गी राजा ने ठहरे पानी में कंकर मारकर हलचल तो पैदा कर दी है। राजनैतिक विश्लेषक अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा दिग्विजय सिंह के इस जहर बुझे तीर के पीछे के मंतव्य खोजने […] Read more » Digvijay Singh कांग्रेस दिग्विजय सिंह
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान – राजा का काटा नहीं मांगता है पानी April 20, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on ये है दिल्ली मेरी जान – राजा का काटा नहीं मांगता है पानी देश के हृदय प्रदेश में दस साल लगातार राज करने वाले कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह को इक्कीसवीं सदी में कांग्रेस के आधुनिक चाणक्य की उपाधि से अघोषित तौर पर नवाजा जाता है। मध्य प्रदेश में अपने शासनकाल में उन्होंने संयुक्त मध्य प्रदेश में विद्याचरण, श्यामाचरण शुक्ल, अर्जुन सिंह, स्व.माधव राव सिंधिया, अजीत जोगी, कमल […] Read more » Delhi दिल्ली