शख्सियत समाज महाराणा प्रताप सिंह की 476वीं जयंती May 10, 2016 / May 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on महाराणा प्रताप सिंह की 476वीं जयंती डा. राधेश्याम द्विवेदी 22 रानियों से महाराणा प्रताप अकेले योद्धा :-महाराणा उदयसिंह के 22 रानियों से संतानें तो अनेक थीं, लेकिन सिर्फ प्रताप ही वीर शिरोमणि और सिद्धांतों के प्रति अडिग हुए प्रताप को पहले दिन से ही मां जयवंता बाई ने गढ़ा ही ऐसा था। जयवंता बाई पाली के राजा अखेराजसिंह सोनगरा की बेटी […] Read more » Featured Maharana Pratap महाराणा प्रताप सिंह
शख्सियत समाज महानायक वीर महाराणा प्रताप May 9, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित भारत माता की कोख में से एक से बढ़कर एक महान सपूत पैदा हुये हैं जिन्होनें भारतमाता की रक्षा के लिए अपने सर्वस्व सुखों का त्याग कर अपनी मातृभूमि की पूरंे मनोयोग के साथ सुरक्षा की। ऐसे ही महान सपूतों की श्रेणी में नाम आता है महाराणा प्रताप का। भारत के इतिहास में […] Read more » Featured महाराणा प्रताप
विविधा समाज दुनिया के समाने नयी महामारी बनता जा रहा है मोबाइल फोन? May 8, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित वैज्ञानिकों ने मोबाइल फोन का आविष्कार दुनियाभर की जनता व समाज को राहत व लाभ देने के लिए था लेंकिन अब यही मोबाइल फोन, स्मार्टफेान व सोशल मीडिया नेटवर्किग साइटस आदि दुनियाभर के लिए नयी महामारी बनकर सामने आ रही है। आज भारत भर में ही नहीं अपितु पूरी दुनियाभर के देशों में […] Read more » Featured दुनिया नयी महामारी मोबाइल फोन?
जन-जागरण बच्चों का पन्ना समाज क्या इतना बुरा हूँ में माँ,तो……… May 8, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment परीक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं का समय चल रहा है और हमारे बच्चों द्वारा आत्महत्याएं समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बनी हुई हैं। पूरे देश में हमारे बच्चे परीक्षा दे रहे हैं या दे चुके हैं और इस दौरान बच्चों से ज्यादा मनोवैज्ञानिक दबाव में माता पिता रहते हैं जिसे वह जाने अनजाने अपने बच्चों के भीतर स्थानांतरित […] Read more » examination stress Featured इतना बुरा हूँ में माँ
कला-संस्कृति शख्सियत समाज शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम May 7, 2016 / May 7, 2016 by हितेश शुक्ला | 2 Comments on शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम परशुराम जी ने कभी क्षत्रियों को संहार नहीं किया. उन्होंने हैहयवंशीय क्षत्रिय वंश में उग आई उस खर पतवार को साफ किया जिससे क्षत्रिय वंश की साख खत्म होती जा रही थी. जिस दिन भगवान परशुराम को योग्य क्षत्रियकुलभूषण प्राप्त हो गया उन्होंने स्वत दिव्य परशु सहित अस्त्र-शस्त्र राम के हाथ में सौंप दिए जन्म […] Read more » कर्मवीर भगवान परशुराम शस्त्र शास्त्र के पारंगत
समाज शहर-शहर ”वेश्या” बस कोठे नहीं हैं ! May 7, 2016 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | Leave a Comment ”अपने बिकने का दुख है हमें भी लेकिन, मुस्कुराते हुए मिलते हैं खरीदार से हम।” चर्चित साहित्यकार मुनव्वर राना ने जब ये पंक्तियां कहीं तो कई तस्वीरें जहन में उतर कर आ गईं। कीमत कहें या फिर मजबूरी के आगे खुद की बोली लगाने वाली वेश्या की कहानी के किसी किरदार से मानों कोई पर्दा […] Read more » वेश्याओं का ठिकाना वेश्यावृत्ति का कानून शहर-शहर ''वेश्या''
शख्सियत समाज आचार्य महाश्रमण May 5, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment पंथ और ग्रंथ के भेद से ऊपर एक निराला संत -ललित गर्ग- भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को हिदायत दी है, तुम गुण ही गुण में वर्तन करते हों, जिससे अनेेक उर्मियों के बीच ही मन नर्तन करता रहता है। इस नर्तन को खत्म करके अर्जुन अब तू गुणों से ऊपर उठ जा, निर्गुण अवस्था […] Read more » Featured आचार्य महाश्रमण
विविधा समाज बाल विवाह : चुनौती और सफलता May 4, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment अक्षय तृतीया पर विशेष लेख भारतीय समाज संस्कारों का समाज है. जन्म से लेकर मृत्यु तक सिलसिले से विधान हैं. यह सारे विधान वैज्ञानिक संबद्धता एवं मनोविज्ञान पर आधारित है. जैसे-जैसे हम विकास की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे कामयाबी के साथ चुनौतियां हमारे समक्ष बड़ी से बड़ी होती जा रही हैं. यह एक सच […] Read more » Featured चुनौती बाल विवाह सफलता
मनोरंजन समाज सिनेमा “निल बट्टे सन्नाटा” और घरेलू कामगार महिलायें May 3, 2016 by जावेद अनीस | 2 Comments on “निल बट्टे सन्नाटा” और घरेलू कामगार महिलायें जावेद अनीस विदेशों में सभी परिवार “घरेलू सहायक” अफोर्ड नहीं कर पाते हैं क्योंकि उनकी पगार बहुत ज्यादा होती है, लेकिन भारत में “काम वाली बाई” रखना बहुत सस्ता है. शायद इसी वजह से यहाँ घरेलू कामगार महिलायें अदृष्य सी हैं. उनके काम को आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्त्व नहीं दिया जाता है, हालाँकि […] Read more » “निल बट्टे सन्नाटा” Featured घरेलू कामगार महिलायें
कला-संस्कृति जन-जागरण समाज आइये, कुंभ को जाने May 3, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment सिर्फ स्नान नहीं है कुंभ अरुण तिवारी दुनिया में पानी के बहुत से मेले लगते हैं, लेकिन कुंभ जैसा कोई कोई नहीं। स्वीडन की स्टॉकहोम, ऑस्ट्रेलिया की ब्रिसबेन, अमेरिका की हडसन, कनाडा की ओटावा…जाने कितने ही नदी उत्सव साल-दर-साल आयोजित होते ही हैं, लेकिन कुंभ!.. कुंभ की बात ही कुछ और है। जाति, धर्म, अमीरी, […] Read more » Featured Kumbh कुंभ
समाज डॉक्टरों की कमी से जूझता देश May 3, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस आबादी के हिसाब से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश भारत में स्वास्थ्य सेवायें भयावह रूप से लचर है और यह लगभग अराजकता की स्थिति में पहुँच चुकी है, भारत उन देशों में अग्रणीय है जिन्होंने अपने सावर्जनिक स्वास्थ्य का तेजी से निजीकरण किया है और सेहत पर सबसे कम खर्च करने वाले […] Read more » deficiency of doctors in India Featured डॉक्टरों की कमी देश
समाज मई दिवस की संघर्ष गाथा April 30, 2016 / May 3, 2016 by आरिफा एविस | 1 Comment on मई दिवस की संघर्ष गाथा आरिफा एविस मई दिवस को पूरी दुनिया में मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन मजदूर आन्दोलनों की उपलब्धियों और खामियों का लेखा-जोखा लेने वाला दिन है. मई दिवस का इतिहास मजदूर वर्ग के निरन्तर संघर्स, बलिदान और उनके विकास का इतिहास है. मई दिवस हमारे लिए संकल्प का दिवस है. यह […] Read more » 1st May Diwas Featured majdoor diwas मई दिवस