समाज बुरके के पीछे सिर्फ कट्टरपंथ November 22, 2012 / November 21, 2012 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनुप नकाब, हिजाब या बुरके के पीछे सिर्फ मुस्सिम कट्टरपंथ की शिकार ही नहीं छिपी होती, बल्कि रेडिकल विचार भी पनप रहे होते हैं, यह सऊदी अरब की कवयित्री हिसा हिलाल ने साबित कर दिया है। सऊदी अरब वह मुल्क है, जिसने इस्लाम की सबसे प्रतिक्रियावादी व्याख्या अपने नागरिकों पर थोपी हुई है। इसकी […] Read more »
समाज परंपराओं के अजीबोगरीब घालमेल November 22, 2012 / November 21, 2012 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनुप नसीब खान ने हाल ही में अपने बेटे प्रकाश सिंह की शादी राम सिंह की बेटी गीता से की. तीन महीने पहले हेमंत सिंह की बेटी देवी का निकाह एक मौलवी की मौजूदगी में लक्ष्मण सिंह से हुआ. माधो सिंह को जब से याद है वो गांव की ईदगाह में नमाज पढ़ते आ […] Read more » chita-mairat
समाज स्ंतों की घटती स्वीकार्यता एक विवेचना: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ November 21, 2012 / November 21, 2012 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | 1 Comment on स्ंतों की घटती स्वीकार्यता एक विवेचना: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ धर्म का मुख्य उद्देश्य है लोगों को सदाचारी एवं सद्गुण संपन्न बनाना । वस्तुतः अपनी इन्ही आंतरिक विशेषताओं के कारण धर्म की प्रासंगिकता प्रायः हर देश और समाज में एक समान है । आपाधापी एवं सामाजिकता कटुता के तप्त मरूस्थल के बीच कल्पवृक्ष के रूप में विद्यमान है धर्म । अतः आज भी सांसारिक पक्ष […] Read more » स्ंतों की घटती स्वीकार्यता
शख्सियत समाज बाल ठाकरे से सीखे नेता November 20, 2012 / November 20, 2012 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 2 Comments on बाल ठाकरे से सीखे नेता -डॉ. आशीष वशिष्ठ शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की शव यात्रा के समय उमड़े जनसमूह ने उनकी लोकप्रियता और मराठी मानुष पर उनकी गहरी पकड़ और प्रेम को तो सिद्घ किया ही है वहीं यह भी साबित किया कि बाल ठाकरे बयानवीर नहीं बल्कि जमीनी नेता थे। ïसाढे चार दशक के राजनीतिक जीवन में बाल ठाकरे […] Read more » बाल ठाकरे से सीखे नेता
शख्सियत समाज ठाकरे की ठसक का अंत November 20, 2012 / November 20, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव हमारे देश की ज्यादातर राजनीतिक शखिसयतों में चाल, चरित्र और चेहरे का दोहरापन दिखार्इ देता है। अपवाद स्वरुप आजादी के बाद बाल ठाकरे ऐसे विचित्र व्यकितत्व के रुप में उभरकर स्थापित हुए, जिनकी साफगोर्इ ने न केवल विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को आकर्षित किया, बलिक महाराष्ट्र में एक बड़ा जनाधार भी ठाकरे ने […] Read more »
समाज भीम राव आम्बेडकर ,भारत विभाजन और मुस्लिम समस्या— डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री November 19, 2012 / November 19, 2012 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 2 Comments on भीम राव आम्बेडकर ,भारत विभाजन और मुस्लिम समस्या— डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भीम राव आम्बेडकर के देश के मुसलमानों और भारत विभाजन को लेकर जो विचार थे , उनको लेकर अभी भी विवाद होता रहता है । वे भारत विभाजन के पक्ष में थे । लेकिन उनके इस स्टेेंड की आलोचना करने से पहले , यह समझना जरुरी है कि उनके तर्कों को समझा जाये । आम्बेडकर […] Read more » भारत विभाजन भीम राव आम्बेडकर मुस्लिम समस्या
शख्सियत समाज व्यक्ति नहीं संस्था थे ठाकरे November 19, 2012 / November 19, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment महाराष्ट्र का शेर, मराठा क्षत्रप, मराठी अस्मिता का प्रतीक, हिन्दू हृदय सम्राट और भी न जाने किन किन संबोधनों से पुकारा गया बाल ठाकरे को। यहां तक कि जब उनके नाम को लिखा गया तो बाला साहेब लिखा गया और उच्चारण में बाल ठाकरे साहेब हो गए। सार्वजनिक जीवन से लेकर राजनीति के मोर्चे पर […] Read more » व्यक्ति नहीं संस्था थे ठाकरे
समाज टूटी है किसके हाथ में तलवार देखना… November 5, 2012 / November 5, 2012 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on टूटी है किसके हाथ में तलवार देखना… तनवीर जाफ़री भारतीय राजस्व सेवा की नौकरी त्याग कर भ्रष्ट राजनैतिक व्यवस्था को सुधारने का बीड़ा उठाने वाले अरविंद केजरीवाल की इस समय एक ऐसी पहचान बन चुकी है जिसने कि भ्रष्ट राजनीतिज्ञों की नींदें हराम कर दी हैं.खासतौर पर उच्च स्तर पर बैठे सफेदपोश भ्रष्टाचारियों की.इतना ही नहीं बल्कि केजरीवाल व उनकी संस्था इंडिया […] Read more » arvind kejriwal and anna
समाज भारत में अल्पसंख्यकों की समस्या November 5, 2012 / November 5, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 5 Comments on भारत में अल्पसंख्यकों की समस्या हमारे देश में अल्पसंख्यक शब्द का बार बार प्रयोग होता है विशेषत: चुनावी मौसम में तो कितने ही नेता वर्षाती मेढक की भांति अल्पसंख्यक अल्पसंख्यक टर्रा टर्राकर चुनावी वैतरणी से पार उतरने का प्रयास करते हैं। भारत में यह समस्या स्वतंत्रता के पश्चात अधिक विकट हुई है। भारत में इन अल्पसंख्यकों की समस्या के कारण […] Read more » minorities in india भारत में अल्पसंख्यकों की समस्या
समाज बच्चों को दंडित किया तो शिक्षकों की खैर नहीं November 5, 2012 / November 5, 2012 by मुकेश चन्द्र मिश्र | Leave a Comment हमारे देश मे प्राचीन काल से ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई ना करने या दिया हुआ कार्य पूरा ना करने पर सजा देने का प्रावधान था, पर आज देश मे कुकुरमुत्ते की तरह उग आए NGO, मानवाधिकार संगठन और कथित समाजसेवी संस्थाएं हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति को ध्वस्त करने पर आमादा हैं, जिसके तहत आज […] Read more » शिक्षा
शख्सियत समाज पंडित प्रेम नाथ डोगरा का पुण्य स्मरण—– November 3, 2012 / November 3, 2012 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पंडित प्रेम नाथ डोगरा का जन्म २३ अक्तूबर १८८४ को हुआ था । उनकी मृत्यु २० मार्च १९७२ को हुई । पिछले दिनों उनकी १२९वीं जयन्ती देश भर में मनाई गई । जम्मू संभाग में उनका स्मरण विशेष उत्साह से किया जाता है । इस बार भी किया गया । जम्मू […] Read more » prem nath dogra पंडित प्रेम नाथ डोगरा
समाज सार्थक पहल दारुल उलूम का फतवा स्थापित कर सकता है सौहाद्र का नया इतिहास October 26, 2012 / October 26, 2012 by प्रवीण गुगनानी | 3 Comments on दारुल उलूम का फतवा स्थापित कर सकता है सौहाद्र का नया इतिहास प्रवीण गुगनानी भारतीय मुसलमानों को छोड़ना चाहिए अंग्रेजों की दी हुई गौमांस की कुटेव गौवंश वध हमारें विशाल लोकतान्त्रिक देश भारत के लिए अब एक चुनौती बन गया है. देश में प्रतिदिन शासन प्रशासन के सामनें गौ वध और अवैध गौ तस्करी के मामलें न केवल दैनंदिन के प्रशासनिक कार्यों के बोझ और चुनौती को […] Read more » ban on cow slaughter दारुल उलूम का फतवा