समाज मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक– March 26, 2009 / December 25, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | 1 Comment on मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक– यह है मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक ! लालकिले से दो-तीन फर्लांग दूर एक मुगलकालीन इलाका है। नाम है- चांदनी चौक। पुरानी दिल्ली का यह तंग इलाका चंद पेचिदां गलियों से घिरा एक बड़ा बाजार है... Read more » mughalkaalin market मुगलकालीन बाजार पर दीक्षितकालीन छौंक
समाज सेक्स चर्चा – जयराम ‘विप्लव’ March 13, 2009 / December 24, 2011 by जयराम 'विप्लव' | 8 Comments on सेक्स चर्चा – जयराम ‘विप्लव’ इतनी आपा-धापी और उथल-पुथल भरे राजनितिक व आर्थिक परिदृश्य में बांकी चिन्ताओ से परे 'सेक्स चर्चा' -स्त्री विमर्श की आड़ में खूब फल- फूल रहा है। क्या आउटलुक और क्या ब्लॉग! Read more » SEX GOSSIP सेक्स चर्चा
समाज सार्थक पहल स्वरोजगारियों का गांव नगला धाकड़ March 6, 2009 / December 24, 2011 by उमाशंकर मिश्र | 1 Comment on स्वरोजगारियों का गांव नगला धाकड़ भरतपुर जिले की वैर तहसील की इटामड़ा ग्राम पंचायत के गांव नगला-धाकड़ में रहने वाले धाकड़ जाति के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार खेती और पशुपालन रहा है। Read more » self employed in village Nagla Dhakar self employed in village Nagla Dhakar स्वरोजगार स्वरोजगारियों का गांव नगला धाकड़
समाज गांधी क्यों लौट-लौट आते हैं? – रविकान्त March 3, 2009 / December 24, 2011 by रविकान्त | 1 Comment on गांधी क्यों लौट-लौट आते हैं? – रविकान्त आशिस नंदी ने अपने एक मशहूर लेख में बताया था कि गांधी को मारनेवाला सिर्फ़ वही नहीँ था जिसकी पिस्तौल से गोली चली थी, बल्कि इस साज़िश को हिन्दुस्तानियोँ के... Read more » mahatama Gandhi गांधी
समाज शिक्षा का गोरखधंधा – हिमांशु शेखर February 23, 2009 / December 24, 2011 by हिमांशु शेखर | 2 Comments on शिक्षा का गोरखधंधा – हिमांशु शेखर देश में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे गोरखधंधे को जानना और समझना हो तो इस दृष्टि से इंदौर के इंस्टीटयूट आफ मैनेजमंेट स्टडीज यानी आईएमएस के एमबीए... Read more » educational business शिक्षा का गोरखधंधा
समाज ये हंगामा है क्यों बरपा … – आशीष कुमार ‘अंशु’ February 21, 2009 / December 24, 2011 by आशीष कुमार ‘अंशु’ | 2 Comments on ये हंगामा है क्यों बरपा … – आशीष कुमार ‘अंशु’ आज से छह महीने पहले लोग जिस श्रीराम सेना को जानते भी नहीं थे, आज मीडिया की मेहरबानी से एक जाना पहचाना नाम बन गया है। जरा सोचिए श्रीराम सेना के... Read more » sri ram sena
समाज वैलेंटाइन का जादू – ब्रजेश कुमार झा February 15, 2009 / December 24, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | Leave a Comment हिन्दी सिनेमा में मजाज़ी इश्क़ (सांसारिक प्रेम) पर लिखे गीतों के रुतबे को तो सभी महसूस करते ही होंगे ! इधर मैं कुछ दिनों से इश्क़-विश्क के उन गीतों को ढूंढ रहा था... Read more » Valentine Day celebration वैलेंटाइन का जादू
समाज वैलन्टाइन डे के लिये चाहिये एक बड़ा दिल February 14, 2009 / December 24, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 2 Comments on वैलन्टाइन डे के लिये चाहिये एक बड़ा दिल मैं एक सम्भ्रान्त परिवार से सम्बन्ध रखता हूं। हम दकियानूसी नहीं है। उदारवादिता और आधुनिकता हमारी पहचान है। Read more » Valentine Day celebration in India वैलन्टाइन डे
समाज सुरा पर फिदा तहजीब – ब्रजेश झा February 4, 2009 / December 22, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | 1 Comment on सुरा पर फिदा तहजीब – ब्रजेश झा पब संस्कृति को खत्म करने के नाम पर श्रीराम सेना के लोगों ने बड़ा उत्पात मचाया। इस दौरान युवतियों के साथ जो बेअदबी हुई, उससे भारतीय संस्कृति से जुड़े कई गहरे सवाल.. Read more » alcohol and attiquets सुरा पर फिदा तहजीब
समाज वैयक्तिक अधिकार व पब कल्चर के बीच पिसता समाज व शालीनता February 3, 2009 / December 22, 2011 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 3 Comments on वैयक्तिक अधिकार व पब कल्चर के बीच पिसता समाज व शालीनता भारतीय संस्कृति के समुद्र में अनेक संस्कृतियां समाहित हैं। भारत की धरती पर अब एक नई संस्कृति उभर रही है पब कलचर। इस नई संस्कृति के उदगम में समाज नहीं वाणिज्य और बाज़ारभाव का योगदान अमूल्य है। पर मंगलौर में एक पब में जिस प्रकार से महिलाओं और लड़कियों पर हाथ उठाया गया वह तो […] Read more » pub culture पब कल्चर वैयक्तिक अधिकार शालीनता समाज
समाज गंगाजल आपरेशन का सच – ब्रजेश झा February 1, 2009 / December 22, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | 1 Comment on गंगाजल आपरेशन का सच – ब्रजेश झा डिब्रूगढ़ (असम) से हाल ही में दिल्ली आए एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। वे हिन्दी सिनेमा बड़े चाव से देखते हैं। उन्होंने कहा, डिब्रूगढ़ आते-जाते जब भी ट्रेन भागलपुर स्टेशन पहुंचती है तो फिल्म- ‘गंगाजल-द हौली वैपन ‘ की खूब याद आती है। यह फिल्म शहर में हुई अंखफोड़वा कांड (गंगाजल आपरेशन) घटना पर आधारित […] Read more » truth behind gangajal operation गंगाजल आपरेशन का सच
समाज आटो के पीछे क्या है? February 1, 2009 / December 22, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | 1 Comment on आटो के पीछे क्या है? सुबह-सबेरे दिल्ली की सड़कों पर चलते वक्त यदि आटो रिक्शा के पीछे लिखा दिख जाय बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला तो अन्यथा न लें बल्कि गौर करें। क्या ये चुटकीली पंक्तियां शहरी समाज के एक तबके को मुंह नहीं चिढ़ा रही हैं? गौरतलब है कि ऐसी सैकड़ों पंक्तियां तमाम आटो रिक्शा व अन्य गाडि़यों […] Read more » backside of auto rickshaw आटो के पीछे क्या है