राजनीति समाज गुर्जर प्रतिहार शासकों और भारतीय संस्कृति के बारे में विद्वानों के मत , भाग — 2 April 7, 2020 / April 7, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गुर्जर वंश का गौरवशाली इतिहास : राणा अली हसन चौहान क्या कहते हैं ? राणा अली हसन चौहान पाकिस्तान के बहुत ही प्रतिष्ठित इंजीनियर, इतिहास लेखक और भाषाविद रहे हैं। वे उन कम पाकिस्तानियों में से हैं जो उर्दू, फारसी, अरबी के अलावा सिंधी, पंजाबी तथा हिंदी व संस्कृत में भी पारंगत थे। वे नागरी […] Read more » Gujjara Pratihara rulers and scholarly views about Indian culture गुर्जर प्रतिहार गुर्जर प्रतिहार शासक भारतीय संस्कृति के बारे में विद्वानों के मत राणा अली हसन चौहान
शख्सियत समाज धर्मरक्षक एवं आर्य साहित्य के यशस्वी प्रकाशक रक्तसासक्षी महाशय राजपाल April 7, 2020 / April 7, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य महाशय राजपाल प्रथम पीढ़ी के प्रमुख ऋषिभक्तों में से एक थे। वह आर्य साहित्य के प्रमुख प्रकाशक थे। उनका प्रकाशन मैसर्स राजपाल एण्ड संस के नाम होता था जिसका मुख्यालय लाहौर था। उन्होंने अपने जीवन में उन्नत स्तर का आर्य साहित्य प्रकाशित कर वैदिक धर्म का प्रचार प्रसार किया। उनका जन्म […] Read more » a renowned publisher of religious and Arya literature Rajasakshi Mahashiya Rajpal रक्तसासक्षी महाशय राजपाल
समाज जिंदगी की एक ही दवा ‘उम्मीद’ April 6, 2020 / April 6, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनोज कुमार डॉक्टर शिफा एम. मोहम्मद के लिए अपनी निकाह से ज्यादा जरूरी है कोरोना से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी बचाना तो बैतूल के लक्ष्मी नारायण मंदिर में असंख्य लोग चुपके से अनाज रख जाते हैं. कहीं छोटे बच्चे अपने गुल्लक में रखे बचत के पैसे संकट से निपटने के लिए खुले दिल से […] Read more » hope is the only medicine जिंदगी की एक ही दवा उम्मीद
शख्सियत समाज दुनियां को महाशक्तियों की नही महावीर की आवश्यकता April 6, 2020 / April 6, 2020 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरियामप्र में ग्लोबल जैन म्यूजियम बनाने के सरकार के निर्णय का देश भर के जैन सम्प्रदाय में स्वागत हुआ है।रायसेन जिले के सांची बौद्ध स्तूपों के आसपास यह म्यूजियम बनाया जाना है।पूरी दुनिया में यह अकेला ऐसा जैन म्यूजियम होगा जिसमें महावीर स्वामी के इर्दगिर्द इस मत की महत्ता को तो दिखाया ही […] Read more » global jain museum in madhya pradesh The world does not need superpowers The world does not need superpowers but Mahavira The world needs Mahavira जैन धर्म के सबसे बड़े मौजूदा सन्त आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज मप्र में ग्लोबल जैन म्यूजियम महावीर
विश्ववार्ता शख्सियत समाज महावीर है स्वास्थ्य-उत्क्रान्ति की लहर April 6, 2020 / April 6, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment महावीर जयंती 6 अप्रैल, 2020 पर विशेषः– ललित गर्ग – महावीर का संपूर्ण जीवन स्व और पर के अभ्युदय की जीवंत प्रेरणा है। लाखों-लाखों लोगों को उन्होंने अपने आलोक से आलोकित किया है। इसलिए महावीर बनना जीवन की सार्थकता का प्रतीक है। महावीर बनने का अर्थ है स्वस्थ जीवन जीना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करना।प्रत्येक […] Read more » Mahavir is a wave of health and evolution महावीर
समाज महावीर की क्रांति का अर्थ है संयम April 1, 2020 / April 1, 2020 by आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि | Leave a Comment भगवान महावीर जयन्ती- 6 अप्रैल 2020– आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि-कोरोना वायरस के महासंकट से मुक्ति की अनेक योजनाएं करवटें ले रही हैं। आइए, इस वर्ष हम महावीर जयन्ती मनाते हुए कोरोना मुक्ति के लिये संयम एवं अनुशासन के गुणात्मक पड़ावों पर ठहरें, वहां से शक्ति, आस्था, संयम, संकल्प एवं विश्वास प्राप्त करें। हमें महावीर के जीवनदर्शन को जीवनशैली […] Read more » mahavir jayanti Mahavir revolution means restraint भगवान महावीर जयन्ती- 6 अप्रैल 2020 महावीर महावीर की क्रांति का अर्थ है संयम
धर्म-अध्यात्म लेख समाज श्रीराम हैं न्यायप्रिय शासन व्यवस्था के महासूर्य April 1, 2020 / April 1, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment रामनवमी- 2 अप्रैल, 2020 पर विशेष-ः ललित गर्ग:-रामनवमी का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को उत्सवपूर्ण ढं़ग से मनाया जाता है। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। हिन्दु धर्मशास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की स्थापना के […] Read more » lord rama Ram navami Shriram is the champion of justice-loving governance रामनवमी- 2 अप्रैल श्रीराम
शख्सियत समाज आध्यात्मिकता की भगीरथी ठहर गयी March 28, 2020 / March 28, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment ब्रह्माकुमारी दादी जानकी का निधन-ः ललित गर्ग:-संसार के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका, आध्यात्मिक गुरु और स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसेडर राजयोगिनी दादी जानकी का निधन हो गया है, वे देह से विदेह हो गयी। वे 104 साल की थीं। उन्होंने माउंट आबू के ग्लोबल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। एक […] Read more » ब्रह्माकुमारी दादी जानकी का निधन
लेख समाज 16 संस्कार और भारत की चेतना भाग — 1 March 26, 2020 / March 26, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अब हम इस अध्याय में उन 16 संस्कारों का संक्षिप्त विवरण देंगे जो भारत की अथवा हिंदुत्व की चेतना के मूल स्वरों में सम्मिलित हैं । अध्ययन की सुविधा के लिए हमने इन 16 संस्कारों को दो भागों में विभक्त कर लिया है । पहले अध्याय में हम पहले 8 संस्कारों के बारे में तो […] Read more » 16 Rites and Consciousness of India 16 संस्कार और भारत की चेतना Part - 1
शख्सियत समाज आधुनिक शिक्षा के पैरोकार सैयद अहमद खान March 26, 2020 / March 26, 2020 by नीरज कुमार | Leave a Comment सैयद अहमद खान का जन्म 17 अक्टूबर 1817 में हुआ था और इनकी मृत्यु 27 मार्च 1898 को हृदय गति रुक जाने के कारण हुई । सैयद अहमद खान उन्नीसवीं शताब्दी के ऐसे विचारक थे जिन्होंने भारत के मुस्लिम समुदाय में नई चेतना के संचार के लिए उन्हें आधुनिक शिक्षा, संस्कृति और चिंतन-पद्धति अपनाने को प्रेरित किया । उनका […] Read more » Advocate of modern education Advocate of modern education Syed Ahmed Khan Syed Ahmed Khan सैयद अहमद ख़ान
समाज जीवन-संकटों के बीच उजालों की खोज March 25, 2020 / March 25, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –बड़ा सत्य है कि जीवन कहीं ठहरता नहीं है और सब कुछ कभी खत्म नहीं होता। जबकि कोरोना वायरस जैसे संकटों से जीवन में कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं, जब लगता है मानो सब खत्म हो रहा है। डाॅ. फ्रैंकल यह गहराई से जान सके कि जीवन कितना भी निरर्थक क्यांे न लगे, […] Read more » Search of the light amidst life-crises जीवन-संकटों के बीच उजालों की खोज
राजनीति शख्सियत समाज आज भी प्रासंगिक हैं डा. लोहिया के विचार- March 25, 2020 / March 25, 2020 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक राष्ट्र-समाज व्यवस्था में बेहतर बदलाव के लिए डा0 लोहिया ने सामाजिक-आर्थिक संरचना में आमूलचूल परिवर्तन की बात कही थी। उनका स्पष्ट कहना था कि गैर-बराबरी को खत्म किए बिना समतामूलक समाज का निर्माण संभव नहीं है। इसके लिए उन्होंने पूंजीवादी व्यवस्था को खत्म कर समाजवादी व्यवस्था की स्थापना पर बल दिया। उन्होंने पूंजीवाद […] Read more » लोहिया