ज्योतिष मनोरंजन समाज जाने और समझें क्या ओर क्यों जरूरी हैं मृत्यु भोज ?? February 19, 2020 / February 19, 2020 by पंडित दयानंद शास्त्री | 6 Comments on जाने और समझें क्या ओर क्यों जरूरी हैं मृत्यु भोज ?? समझें मृत्युभोज के महत्व को… प्रिय मित्रों/पाठकों, आजकल सोशल मीडिया मृत्यु भोज का बड़ा विरोध हो रहा है, हैरत इस बात की अच्छे विद्वान लोग इस बात का विरोध करते है । हमारे धार्मिक ग्रन्थ जैसे गरुड़ पुराण, पितृ संहिता, वेदों में अनेकानेक जगह यह वर्णित है कि मृत प्राणी, दिए गए भोजन का अंश […] Read more » क्यों जरूरी हैं मृत्यु भोज
लेख शख्सियत समाज रामकृष्ण परमहंस : परमहंसी साधना एवं सिद्धि के अलौकिक संत February 16, 2020 / February 16, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- भारत की रत्नगर्भा वसुंधरा माटी में कई संत और महान व्यक्ति हुए हंै जिन्हें उनके कर्म, ज्ञान और महानता के लिए आज भी याद किया जाता है। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कर्तृत्व से न सिर्फ स्वयं को प्रतिष्ठित किया वरन् उनके अवतरण से समग्र विश्व मानवता धन्य हुई है। इसी संतपुरुषों, गुरुओं […] Read more » Ramakrishna Paramahamsa Supernatural saint of spiritual practice and accomplishment रामकृष्ण परमहंस
महिला-जगत लेख समाज स्वास्थ्य-योग जानिए किराए की कोख अर्थात सरोगेसी आखिर क्या है बला! February 14, 2020 / February 14, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया भर में हर प्राणी, चाहे वह मनुष्य हो, जलचर हों, नभचर हों या धरती पर रहने वाले जीव, सभी के द्वारा अपने अपने तौर तरीकों से संतानोत्पत्ति की अभिलाषा रखी जाती है। इन सभी में मनुष्य ही इकलौता ऐसा जीव है जो वंश बढ़ाने के अलावा आनंद के लिए संसर्ग करता है। […] Read more » Know what the hell is for surrogacy surrogacy सरोगेसी
लेख समाज संकट आदर्श जीवनशैली के बिखरने का February 14, 2020 / February 14, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –हमारे देश की सांस्कृतिक परंपराएँ और आदर्श जीवन-मूल्य समृद्ध एवं सुदृढ़ रहे हैं। किंतु अंग्रेजों की हम पर गुलामी की पूरी एक सदी ने, पश्चिमी हवाओं ने हमारे जन-मानस में जहर घोलकर हमारे रहन-सहन और आचार-विचार को विकृत किया है, और इससे हमारी संयुक्त परिवार, आदर्श जीवनशैली एवं प्रेरक संस्कृति की परंपरा बिखर […] Read more » Crisis of the ideal lifestyle
समाज जातिवाद का खात्मा कैसे हो? February 10, 2020 / February 10, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ढाई लाख रु. का अनुदान देती है याने यह पैसा उनको मिलता है, जो अनुसूचित जाति या वर्ग के वर या वधू से शादी करते हैं लेकिन खुद होते हैं, सामान्य वर्ग के ! सामान्य का अर्थ यहां ऊंची जाति ही है। याने ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य […] Read more » अंतरजातीय विवाह जातिवाद का खात्मा
विश्ववार्ता समाज हुक्मरानों की अनदेखी से नशे की जद में युवा पीढ़ी! February 6, 2020 / February 6, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे इक्कीसवीं सदी का युवा नशे की गिरफ्त में बुरी तरह फंस चुका है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। बिड़ी, सिगरेट, तंबाखू, शराब का चलन जोरों पर तो है ही इसके साथ ही साथ सूखा नशा और इंजेक्शन की शक्ल में दवाओं का नशा सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रहा […] Read more » Young generation in the grip of intoxication Young generation in the grip of intoxication by ignoring the ruling! नशे की जद में युवा पीढ़ी
समाज विवाह की बढ़ती उम्र पर खामोशी क्यों…? February 5, 2020 / February 5, 2020 by विकास छाबरा | Leave a Comment 30-35 साल की युवक युवतियां बैठे है कुंवारे, फिर मौन क्यों हैं समाज के कर्ता-धर्ता विकास छाबड़ा मदनगंज-किशनगढ़। कुंवारे बैठे लड़के लड़कियों की एक गंभीर समस्या आज कमोबेश सभी समाजों में उभर के सामने आ रही है। इसमें लिंगानुपात तो एक कारण है ही मगर समस्या अब इससे भी कहीं आगे बढ़ गई है। क्योंकि […] Read more » increasing marriage age विवाह की बढ़ती उम्र
लेख समाज प्रत्येक मनुष्य को देश व समाज को सुदृण करने का कार्य करना चाहिये January 31, 2020 / January 31, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा जन्म भारत में हुआ। अनेक मनुष्यों का जन्म भारत से इतर अन्य देशों में हुआ है। सभी मनुष्यों का एक सामान्य कर्तव्य होता है और अधिकांश इसका पालन भी करते हैं कि जो जिस देश में उत्पन्न होते हैं वह उस देश की उन्नति व सम्पन्नता सहित उसकी रक्षा और […] Read more » देश व समाज\
समाज अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पित व्यक्ति ही देश का नागरिक होने योग्य January 30, 2020 / January 30, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य जो मनुष्य जिस देश में जन्म लेता है उस पर उस देश की मिट्टी का ऋण होता है। उसका शरीर उस देश का अन्न खा कर, उस देश की वायु में श्वास लेकर तथा उस देश का जल पीकर वृद्धि को प्राप्त होता है। जो व्यक्ति अपने देश वा मातृभूमि के […] Read more »
लेख विधि-कानून समाज ‘हम भारत के लोग’ और भारतीय संविधान January 28, 2020 / January 28, 2020 by मनोज ज्वाला | 2 Comments on ‘हम भारत के लोग’ और भारतीय संविधान कठघरे में संविधान !? मनोज ज्वाला हमारे देश भारत का संविधान ‘भारतीय संविधान’ नहीं है , यह‘अभारतीय संविधान’ है । मतलब यह कि जिसे भारतीय संविधान कहा जा रहा है […] Read more » भारतीय संविधान
लेख समाज देश की व्यवस्था में सभी लोगों को निष्पक्षता सहित न्याय मिलना चाहिये January 27, 2020 / January 27, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य भारत संसार का सबसे प्राचीन देश है। इसका धर्म सनातन वैदिक धर्म है। यह धर्म सृष्टि की उत्पत्ति के साथ परमात्मा द्वारा अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न मनुष्यों के द्वारा ईश्वर की प्रेरणा व वेदों के ज्ञान, ऋग्वेद–यजुर्वेद–सामवेद–अथर्ववेद, की प्राप्ति से आरम्भ हुआ था। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान, सर्वान्तर्यामी एवं निराकार […] Read more » justice with fairness. निष्पक्षता सहित न्याय
महत्वपूर्ण लेख विश्ववार्ता समाज व्यक्तित्व को उन्नत बनाने के आधारसूत्र January 23, 2020 / January 23, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-हर व्यक्ति में अपनी कोई-न-कोई विशेषता होती है। इन्हीं विशेषताओं से व्यक्तित्व बनता है और किसी भी व्यक्ति का वास्तविक परिचय उसका व्यक्तित्व ही है। श्रेष्ठ व्यक्तित्व ही मानव जीवन की असली पूंजी होती है। इसके अभाव में व्यक्ति व्यावहारिक धरातल पर अत्यंत दरिद्र होता है। सभी का बाह्य जीवन व्यावहारिक पृष्ठभूमि में […] Read more » Basis of upgrading personality व्यक्तित्व को उन्नत बनाने के आधारसूत्र