विविधा सार्थक पहल ये गुदड़ी के लाल : मनीषा कीर February 3, 2017 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप गरीबी और मुफलिसी के बावजूद कुछ करने की चाहत रखने वाले अपनी मंजिल ढूंढ ही लेते हैं. मध्य प्रदेश के भोपाल शहर की मनीषा कीर ने ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है. मछुआरे की बेटी मनीषा देश की नंबर वन शूटर बन गई हैं. 16 वर्षीय मनीषा के लिए नंबर वन की पायदान […] Read more » मनीषा कीर
समाज सार्थक पहल कैशलैश होते छत्तीसगढ़ के छोटे-छोटे गांव January 27, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment -प्रियंका तावड़े समय के साथ कदमताल करता छत्तीसगढ़ एक ऐसे राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है जिसके लिए नवाचार करना उसके व्यवहार में शामिल हो चुका है। इसकी ताजा मिसाल है छत्तीसगढ़ राज्य का कैशलेश की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना। आमतौर पर लोगों की सोच है कि छत्तीसगढ़ […] Read more » Featured कैशलैश छत्तीसगढ़ के छोटे-छोटे गांव
जन-जागरण विविधा सार्थक पहल काले धन के जड-मूल : पाश्चात्य-पद्धति के स्कूल January 5, 2017 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment काले धन के विष-वृक्ष से समाज व देश को अगर सचमुच ही मुक्त करना है , तो इसकी पत्तियों व डालियों के ‘विमुद्रीकरण’ अथवा लेन-देन की प्रक्रिया के ‘कम्प्युटरीकरण’ से कुछ नहीं होगा ; बल्कि इसके लिए इसके जड-मूल अर्थात दीक्षाहीन पाश्चात्य शिक्षा-पद्धति को उखाड कर धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष-सम्पन्न भारतीय शिक्षण-पद्धति का पुनर्पोषण करना होगा । Read more » Featured Hem-chandra-charya-sanskrit-patshala root cause of black money is western system of education पाश्चात्य शिक्षा-पद्धति पाश्चात्य-पद्धति के स्कूल भारतीय गुरूकुलीय शिक्षण-पद्धति शिक्षाविद उत्तमभाई जवानमल शाह हेमचन्द्राचार्य संस्कृत पाठशाला’
समाज सार्थक पहल जिन्दगी में नया करने की ठाने November 29, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment एक अच्छा, सफल एवं सार्थक जीवन के लिये जरूरी है अच्छी आदतें। अच्छी आदतों वालों व्यक्ति सहज ही अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति बन जाता है। बुरी आदतों वाला व्यक्ति खुद-ब-खुद बुरे चरित्र का व्यक्ति बन जाता है। अच्छे और बुरे का मापदण्ड यह है कि जो परिणाम में अच्छा या बुरा हो, वही चीज, विचार या व्यक्ति अच्छा या बुरा होते हैं। Read more » जिन्दगी में नया करने की ठाने
विविधा सार्थक पहल हिंदी का स्वाभिमान बचाने समाचार-पत्रों का शुभ संकल्प November 29, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment ह सर्वविधित है कि हिंदी के समाचार माध्यमों में अंग्रेजी शब्दों का बढ़ता प्रयोग भारतीय मानस के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषकर, हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी के शब्दों का चलन अधिक गंभीर समस्या है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि हिंदी समाचार पत्रों की भाषा से नवयुवक अपनी भाषा सुधारते थे। समाचार पत्र सूचना और अध्ययन सामग्री देने के साथ-साथ समाज को भाषा का संस्कार भी देते थे। Read more » हिंदी हिंदी का स्वाभिमान
आर्थिकी विविधा सार्थक पहल कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत November 16, 2016 by अनिल गुप्ता | Leave a Comment भारत के लोग नयी चीजों को देर से अपनाते हैं लेकिन जब अपनाते हैं तो फिर पीछे नहीं देखते! आज देश में लगभग १०५ करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन हैं! और हर व्यक्ति धड़ल्ले से उसका प्रयोग कर रहा है! अगर पूरे जोरशोर से प्रयास किया जाये तो निश्चय ही लोग कॅश के स्थान पर कार्ड व्यवस्था को रोजमर्रा की जिंदगी का भाग बना लेंगे और एक बार जब उन्हें इसकी सुविधा की आदत पड जाएगी तो फिर देखते ही देखते भारत भी इस क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में दिखाई देगा! Read more » Featured कैशलेस कैशलेस अर्थव्यवस्था कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत भारत
समाज सार्थक पहल अंग्रेजी और चोगा, दोनों हटें October 22, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on अंग्रेजी और चोगा, दोनों हटें संघ हिंदी की बात बहुत जोर से करता रहा है लेकिन उसे पता नहीं कि हिंदी आएगी कैसे? वह नौकरानी से महारानी बनेगी कैसे? यह रास्ता डा. लोहिया ने खोला था। उन्होंने कहा था, अंग्रेजी हटाओ। सिर्फ हटाओ, मिटाओ नहीं। संघ अभी तक हिंदी की लड़ाई खाली हाथ लड़ रहा था। कोठारी ने उसके हाथ में ब्रह्मास्त्र दे दिया है। देखें, जावड़ेकर क्या करते हैं? वे टीवी या सिनेमा के पर्दे से उतरकर मंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठे हैं। वे जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं। एक पत्रकार-परिवार के वारिस हैं। वे जरुर कुछ हिम्मत दिखाएंगे। Read more »
आर्थिकी विविधा सार्थक पहल औद्योगिक नीतियों में हम केंद्र के पूरक – शिवराज सिंह चौहान October 17, 2016 by शिवराज सिंह चौहान | Leave a Comment विशेष बात यह है कि मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य है, जिसने Analog Semiconductor Fabrication नीति जारी की है। आज राज्य भर में Electronic Manufacturing Cluster विकसित किये जा रहे हैं, ताकि आने वाली इकाइयों को अत्याधुनिक आधारभूत ढाँचा प्रदान किया जा सके। इसके अतिरिक्त राज्य की आईटी नीति और Analog Semiconductor Fabrication नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रदान किये जा रहे हैं। Read more » ESDM सेक्टर Featured MadhyaPradesh Trade and Investment Felicitation Corporation Limited औद्योगिक नीति औद्योगिक भूमि बैंक केंद्र सरकार की National Policy on Electronic
विविधा सार्थक पहल अविरल और निर्मल गंगा October 15, 2016 by विजय कुमार | 3 Comments on अविरल और निर्मल गंगा गंगा को सुधारना है, तो राजनीतिक इच्छाशक्ति, सामाजिक जागरूकता, विशेषज्ञों द्वारा निर्मित समयबद्ध योजना, कठोर कानून और उनका पालन, धर्म, विज्ञान और वर्तमान जनसंख्या की जरूरतों में व्यावहारिक समन्वय जैसे मुद्दों पर एक साथ काम करना होगा, तब जाकर जगत कल्याणी मां गंगा स्नान और ध्यान, वंदन और आचमन के योग्य बन सकेगी। Read more » Featured अविरल और निर्मल गंगा निर्मल गंगा
समाज सार्थक पहल अब नहीं होगी उनकी जिंदगी धुंआ-धुंआ… October 15, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment श्रीमती शांति मोहन साहू का अब अपनी सास और बेटी रिश्ता और अधिक मजबूत हो रहा है। छुरिया विकासखंड की ग्राम खुर्सीपार निवासी श्रीमती शांति साहू उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस चूल्हे से अब अपनी बेटी को उसकी मन-पसंद सब्जी और अपनी सास को उनका पसंदीदा खाना आधे घंटे में बनाकर दे देती है। इस गैस कनेक्शन के कारण अब शांति साहू की बेटी और सास जब चाहे तब गरमा-गरम खाना पका कर आसानी से खा लेते है। Read more » Featured PM Ujwalla Yojna प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
मीडिया विविधा सार्थक पहल एक पाती आदरणीय रविश जी के नाम डॉ नीलम महेंद्र की कलम से October 11, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 3 Comments on एक पाती आदरणीय रविश जी के नाम डॉ नीलम महेंद्र की कलम से अफसोस है कि आप इस देश की मिट्टी से पैदा होने वाले आम आदमी को पहचान नहीं पाए । यह आदमी न तो अमीर होता है न गरीब होता है जब अपनी पर आ जाए तो केवल भारतीय होता है । इनका डीएनए गुरु गोविंद सिंह जी जैसे वीरों का डीएनए है जो इस देश पर एक नहीं अपने चारों पुत्र हंसते हंसते कुर्बान कर देते हैं।इस देश की महिलाओं के डीएनए में रानी लक्ष्मी बाई रानी पद्मिनी का डिएनए है कि देश के लिए स्वयं अपनी जान न्यौछावर कर देती हैं । Read more » Featured
समाज सार्थक पहल जैन-संसदः आंदोलन का आह्वान October 4, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment हर व्यक्ति कम से कम एक मांसाहारी व्यक्ति को शाकाहारी बनाने की भरपूर कोशिश करेगा ताकि जीव-दया को अमली जामा पहनाया जा सके। हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ लगाएगा और उसकी देखभाल भी करेगा। Read more » Featured आंदोलन का आह्वान जैन-संसद