विविधा सिनेमा कंगना के बहाने ऋतिक कर रहे हैं औरतों का अपमान – मनोज जैन April 24, 2016 / April 24, 2016 by मनोज जैन | Leave a Comment इधर एक कविता पढने को मिली. उसके बीच का अंश मुझे याद है कि ‘…करना प्रेम/ करती रहना प्रेम/ प्रेम बचा तो बची रहेगी दुनिया…’. लेकिन हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के स्टार ऋतिक रोशन प्रेम को लेकर जिस दुनिया में जी रहे हैं और जिस तरह उन्होंने उस प्रसंग को सड़क-छाप बना दिया है, क्या इससे […] Read more » Featured Hrithik Roshan Kangana Ranaut Manoj Jain ऋतिक रोशन कंगना रनौत मनोज जैन रितिक रोशन
कला-संस्कृति विविधा जल परम्परा और बाजार April 23, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार एक समय था जब आप सफर पर हैं तो पांच-दस गज की दूरी पर लाल कपड़े में लिपटा पानी का घड़ा आपकी खातिरदारी के लिए तैयार मिलेगा. पानी के घड़े के पास जाते हुए मन को वैसी ही शीतलता मिलती थी, जैसे उस घड़े का पानी लेकिन इस पाऊच की दुनिया में मन […] Read more » Featured Water Conservation जल परम्परा बाजार
विविधा सूखे की मार ! April 23, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आजकल जिस तरह देश के विभिन्न राज्यों में पानी की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है अगर उस पर ध्यान नहीं दिया गया तो संभव है निकट भविष्य में देश वासी अधिक समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूर हो जाएं। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद लगता ऐसा […] Read more » drought drought in India Featured सूखे की मार
विविधा सूखा प्राकृतिक घटना या दैवीय प्रकोप April 22, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आज देश विश्व पटल पर एक समृद्धशाली और महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है, और 21सवीं सदी में भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की ओर प्रधानमंत्री मोदी जी लगातार दिन रात प्रयत्न कर रहे हैं।मेक इन इंडिया ,डिजिटल इंडिया,स्किल इंडिया,स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत,स्मार्ट सिटी,बुलेट टेªन,स्टार्टअप और कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित […] Read more » Featured सूखा
लेख विविधा साहित्य भक्ति रस से उपजा वीर रस April 22, 2016 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारत पर विदेशी हमलों की शोकगाथा बहुत पुरानी है । उतनी ही पुरानी इसकी संघर्ष गाथा है । लेकिन संघर्ष और शत्रु से मुक़ाबला कितना ही शौर्यपूर्ण क्यों न रहा हो , अन्ततः भारत के भाग्य में परवश होना ही वदा था । शायद इसीलिए आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ,भारतीय साहित्य, ख़ासकर […] Read more » Featured Guru Arjun Dev भक्ति रस वीर रस श्री अर्जुन देव श्री गोविन्द सिंह श्री तेगबहादुर
विविधा सूखा आसमान में या दिमाग में ? April 22, 2016 by अरुण तिवारी | 4 Comments on सूखा आसमान में या दिमाग में ? इस प्यास की पङताल जरूरी है यह सच है कि 1960 के दशक में अमेरिका की औद्योगिक चिमनियों से उठते गंदे धुएं के खिलाफ आई जन-जागृति ही एक दिन ’अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस’ की नींव बनी। यह भी सच है कि धरती को आये बुखार और परिणामस्वरूप बदलते मौसम में हरित गैसों के उत्सर्जन में हुई […] Read more » Featured अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस आसमान सूखा
पर्यावरण विविधा धरातल से रसातल की तरफ भू-जल श्रोत April 22, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष लेख – अशोक बजाज आज समूचा विश्व भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है. किसी को जल में डूबने का संकट है तो किसी को सूखने का संकट है. विज्ञान के असंयमित उपयोग, दिशाहीन जीवन शैली तथा गलत प्राथमिकताओं के चलते प्रकृति का संतुलन बिगड़ चुका है . […] Read more » Featured धरातल भू-जल श्रोत रसातल
पर्यावरण विविधा भारतीय, इसलिए भी मनायें पृथ्वी दिवस April 22, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस पर विशेष यूं तो मैं सीधे-सीधे कह सकता हूं कि 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस, सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ अथवा संयुक्त राज्य अमेरिका से जुङे संगठनों व देशों को पृथ्वी के प्रति दायित्व निर्वाह की याद दिलाने का मौका नहीं है; यह प्रत्येक जीव के याद करने का मौका है कि पृथ्वी के प्रति […] Read more » Earth Day पृथ्वी दिवस
पर्यावरण विविधा सूखे का संकट और मानसून के संकेत April 21, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्थानी देश में प्राकृतिक वातावरण को निर्मित करने वाले संसाधनों का जिस प्रकार से दोहन हो रहा है, उससे कई प्रकार की विषमताएं हमारे सामने मौत बनकर आ रही हैं। हमारा देश वर्तमान में सूखे को लेकर गंभीर मंथन की मुद्रा में है। लेकिन क्या हमने इस बात पर विचार किया है कि यह […] Read more » Featured मानसून मानसून के संकेत सूखे का संकट
विविधा “ कुछ अलग बात तो जरूर है लालू के इस लाल में ” April 21, 2016 by आलोक कुमार | Leave a Comment बिहार की राजधानी व् दक्षिणी बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण लिंक जर्जर गाँधी सेतू अब बिहार की जनता के लिए नासूर बन चूका है l किसी भी दिन ढह जाने की इस पुल की स्थिति और वर्षों से इस पर रोज लगने वाले महाजाम केंद्र व् राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन […] Read more » Featured repairment of gandhi setu
महिला-जगत विविधा चूल्हा, चौका तक सीमित नही महिलाएं April 21, 2016 by रवि श्रीवास्तव | Leave a Comment देश में पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर आज कल महिलाएं बड़ी कुशलता से काम कर रही है. घर परिवार को चलाने में बखूबी अपना हाथ बटाती हैं. बदलते दौर में महिलाएं पिछड़े जमाने की तरह घर में रहकर चूल्हा, चौका तक सीमित नही रहना चाहती. पति के जिम्मेदारियों को कम करने के लिए उनका […] Read more » Featured चूल्हा चौका तक सीमित नही महिलाएं
पर्यावरण विविधा कैसे मनायें पृथ्वी दिवस ? April 21, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस पर विशेष पृथ्वी दिवस – हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22 अप्रैल को आ ही गया अंतर्राष्ट्रीय मां पृथ्वी का यह दिन। सोचना यह है कि हम इसे कैसे मनायें ? सीधे कहूं तो पृथ्वी दिवस पर दुनियाभर में गोष्ठी, सेमिनार, संवाद, कार्यशालायें आयोजित होती ही हैं। इनमें […] Read more » Featured कैसे मनायें पृथ्वी दिवस पृथ्वी दिवस