कविता विविधा क्या जिंदगी है और भूख है सहारा…..सारे जहां से अच्छा August 15, 2010 / December 22, 2011 by केशव आचार्य | 4 Comments on क्या जिंदगी है और भूख है सहारा…..सारे जहां से अच्छा -केशव आचार्य क्या जिंदगी है और भूख है सहारा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा सौ करोड़ बुलबुले जाने शाने गुलिस्तां थी उन बुलबुलों के कारण उजडा चमन हमारा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा पर्वत ऊंचा ही सही, लेकिन पराया हो चुका है न संतरी ही रहा वह,ना पासवां हमारा गोदी पे खेलती हैं […] Read more » Independence Day स्वतंत्रता दिवस
विविधा कहां है आज़ादी का पहला प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज August 15, 2010 / December 22, 2011 by सरफराज़ ख़ान | 2 Comments on कहां है आज़ादी का पहला प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज -सरफ़राज़ ख़ान देश को स्वतंत्र हुए छह देशक से भी ज्यादा का समय हो गया है। हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फ़हराया जाता है। मगर क्या कभी किसी ने यह सोचा है कि 15 अगस्त, 1947 की रात को जब देश आजाद हुआ था, उस वक्त भारत […] Read more » Independence Day स्वतंत्रता दिवस
विविधा दो लड्डू और पंद्रह अगस्त August 15, 2010 / December 22, 2011 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment -लोकेन्द्र सिंह राजपूत कई साल बीत गए बोलते हुए गांधी जी की जय। वह वर्षों से देखता आ रहा है, स्कूल, तहसील और पंचायत की फूटी कोठरी पर तिरंगे का फहराया जाना। इतना ही नहीं मिठाई के लालच में हर साल शामिल होता है वह २६ जनवरी और १५ अगस्त के कार्यक्रम में, लेकिन अब […] Read more » Independence Day स्वतंत्रता दिवस
विविधा क्या इन्हें बुद्धिजीवी कहलाने का हक है? August 13, 2010 / December 22, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 8 Comments on क्या इन्हें बुद्धिजीवी कहलाने का हक है? -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ इस देश में जाति के आधार पर जनगणना करने और नहीं करने पर काफी समय से बहस चल रही है। अनेक विद्वान लेखकों ने जाति के आधार पर जनगणना करवाने के अनेक फायदे गिनाये हैं। उनकी ओर से और भी फायदे गिनाये जा सकते हैं। दूसरी और ढेर सारे नुकसान भी […] Read more » Intellectual बुद्धिजीवी
विविधा अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया? August 13, 2010 / December 22, 2011 by अशोक बजाज | 2 Comments on अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया? -अशोक बजाज भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी यूनियन कार्बाईड के प्रमुख वारेन एंडरसन को भारत से सुरक्षित व बाईज्जत भगाने के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिह ने लंबे समय बाद राज्यसभा में जब चुप्पी तोड़ी तो लगा कि वे राज से पर्दा हटायेंगे लेकिन उन्होंने पर्दा हटाने के बजाय राज को और गहरा […] Read more » Bhopal Gas Tragedy भोपाल गैस त्रासदी
विविधा ‘रतन‘ के बाद कौन कहेगा ‘टाटा‘ August 13, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment -लिमटी खरे भारत गणराज्य में टाटा समूह एक किंवदंती बनकर रह गया है। टाटा ग्रुप के वर्तमान अध्यक्ष रतन टाटा ने 1991 में इसके अध्यक्ष का कार्यभार संभाला था, उसके बाद टाटा गु्रप ने पीछे मुडकर नहीं देखा। लगभग बीस सालों के कारोबार में रतन टाटा के नेतृत्व मंे टाटा गु्रप के राजस्व में पच्चीस […] Read more » Ratan Tata रतन टाटा
विविधा लज़ीज़ टमाटर की रोचक कहानी August 12, 2010 / December 22, 2011 by सरफराज़ ख़ान | 2 Comments on लज़ीज़ टमाटर की रोचक कहानी -सरफ़राज़ ख़ान टमाटर दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जी है। इसे पहले वानसप्तिक नाम लाइकोपोर्सिकान एस्कुलेंटक मिल है। अब इसे सोलेनम लाइको पोर्सिकान के नाम से जाना जाता है। टमाटर रोआनौक द्वीप का है। कई व्यक्तियों की यही धारणा है कि इसकी उत्पत्ति दक्षिण अमरीका की एंडीज नाम की जगह पर हुई थी। […] Read more » Tomato टमाटर
विविधा तमाशबीनों के देश में लुटेरे August 11, 2010 / December 22, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on तमाशबीनों के देश में लुटेरे -जगदीश्वर चतुर्वेदी आज भारत तमाशबीनों का देश है। इसमें नागरिक नहीं तमाशबीन निवास करते हैं। तमाशबीनों की तरह आज हम सब एक-दूसरे को देख रहे हैं। पूरे समाज को देख रहे हैं। माओवादियों ने दंतेवाडा में बम के धमाके किए,निर्दोष लोग मारे गए, हम तमाशा देखते रहे। हाल ही में अहमदाबाद में दंगे हुए हम […] Read more » Country देश
विविधा संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध August 11, 2010 / December 22, 2011 by विजय कुमार | 2 Comments on संघर्ष, मुठभेड़ और युद्ध -विजय कुमार सामान्य रूप से ये तीनों शब्द लगभग एक से लगते हैं; पर इनमें बड़ा अंतर है। ये अलग-अलग संदर्भ में प्रयोग होते हैं और इसीलिए इनके नियम भी अलग-अलग ही हैं। खेल के मैदान में दो खिलाड़ी या दल जीतने के लिए भिड़ते हैं। खेल में कई बार, और अंतिम समय में तो […] Read more » War मुठभेड़ युद्ध संघर्ष
विविधा गुरू बिन गोविंद दर्शन हों तो कैसे? August 10, 2010 / December 22, 2011 by लिमटी खरे | 2 Comments on गुरू बिन गोविंद दर्शन हों तो कैसे? -लिमटी खरे बहुत पुराना दोहा है -‘‘गुरू गोविंद दोउ खडे, काके लागू पाय! बलिहारी गुरू आपकी, गोविंद दियो बताए!!‘‘ इस दोहे के भावार्थ बचपन में गुरूजनों द्वारा बडे ही चाव से बताए जाते थे, कि जब गुरू और ईश्वर दोनों खडे हों तो किसके पैरों को स्पर्श कर आर्शीवाद लिया जाना चाहिए। गुरू को ईश्वर […] Read more » Education शिक्षा
विविधा बिन भाषा के गूंगे बहरे राष्ट्र में काहे की आजादी… August 10, 2010 / December 22, 2011 by केशव आचार्य | 12 Comments on बिन भाषा के गूंगे बहरे राष्ट्र में काहे की आजादी… -केशव आचार्य कोर्ट ने कहा हिंदी को राजभाषा का दर्जा तो दिया गया है, लेकिन क्या इसे राष्ट्रभाषा घोषित करने वाला कोई नोटिफिकेशन मौजूद है? क्योंकि यह मुद्दा भी देश की उन्नति-प्रगति से जुड़ा है। हिंदी औऱ हिंदी…! मुझे पिछले साल गुजरात का एक मामला याद है जहां हाई कोर्ट में पीआईएल दायर करते हुए मांग […] Read more » National Language राष्ट्रभाषा हिंदी
विविधा कौम आबाद; देश बर्बाद! August 9, 2010 / December 22, 2011 by डॉ. प्रवीण तोगड़िया | 5 Comments on कौम आबाद; देश बर्बाद! -डॉ. प्रवीण तोगड़िया सौ करोड़ की आबादी वाले देश का एक छोटा सा राज्य है कश्मीर, जिसकी आबादी केवल 40 लाख है। वह भी अगर किसी सरकार से नहीं सम्हला जाता हो तो उसके केवल दो ही कारण हो सकते हैं- पहला उस देश के शासक अयोग्य हैं या दूसरा देश के शासक महाचालाक हैं […] Read more » kashmir कश्मीर