विविधा धन्यवाद को धन्यवाद July 30, 2010 / December 22, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on धन्यवाद को धन्यवाद – हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति रहस्यपूर्ण है। मनुष्य प्रकृति का हिस्सा है। मनुष्य और भी रहस्यपूर्ण है। प्रकृति की गतिविधि में अनंत प्रपंच हैं। हम अपनी 5 इंद्रियों के जरिए संसार से जुड़ते हैं। पांचों इंद्रियों से प्राप्त संकेतों का साझा बोध ही हमारी बुद्धि है। बुद्धि की सीमा है। इंद्रिय बोध ही एकमेव सहारा है। […] Read more » thanks धन्यवाद
विविधा कारगिल विजय की 11 (26 जुलाई) वीं वर्षगांठ पर विशेष July 28, 2010 / December 23, 2011 by राजेंद्र पाध्ये | 2 Comments on कारगिल विजय की 11 (26 जुलाई) वीं वर्षगांठ पर विशेष -राजेन्द्र पाध्ये कारगिल युद्ध आजाद भारत के इतिहास में छद्म वेश में लड़ा जाने वाला पहला सीमाई युद्ध था साथ ही यह एक ऐसा युद्ध था जो भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास में सबसे अधिक वाले ऊंचाई वाले युद्धक्षेत्र में लड़ा और जीता गया। कारगिल के जिस इलाके में युद्ध छेड़ा गया था वहां का […] Read more » Kargil War कारगिल विजय
विविधा वर्तमान सोच और हमारे देश की हालत July 28, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on वर्तमान सोच और हमारे देश की हालत -अनिल मिस्त्री पदार्थवादी सोच और जरूरत से ज्यादा व्यावसायिक दृष्टिकोण का नजरिया है कि हमारे देश में गद्दार और लालची लोगों की भीड़ बढती जा रही है, फिर वो चाहे किसी भी क्षेत्र की बात क्यों न हो. आजकल माधुरी गुप्ता के कपड़ों और लिपस्टिक के रंग की बहुत चर्चा चल रही है. अपने देश […] Read more » India हमारे देश
विविधा रहस्य लंबी उम्र का July 26, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 7 Comments on रहस्य लंबी उम्र का – हरिकृष्ण निगम इधर कुछ वर्षों से चाहे चिकित्सक हों या दूसरे स्वास्थ्य विशेषज्ञ या चुस्त-दुरूस्त रखने वाली दवाओं या टॉनिकों के निर्माताओं के सम्मोहक विज्ञापन अथवा वड़ी-बड़ी बीमा कम्पनियों के बीमांक या ‘एक्चुअरी’ जो विभिन्न आयु समूहों की औसत मृत्यु दर पर शोध के लिए मशहूर होते हैं, लगता है सिर्फ एक ही चर्चा […] Read more » Age उम्र
विविधा अहिंसा के हिंसक अनुयायी July 26, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 7 Comments on अहिंसा के हिंसक अनुयायी – शाक्त ध्यानी गांधी अपने हीरो कभी नहीं रहे। विद्यार्थी जीवन में जब प्रत्येक छात्र अपना एक वैचारिक शरीर खड़ा कर उसे ओढ़ता है तो उसमें जीवन के प्रति चौबीस कैरेट की शुचिता होती है। वह समाज, राष्ट्र के लिये अर्पित होने को आतुर होता है, उन दिनों अपने कमरे में सुभाष, भगत सिंह और […] Read more » Violence अहिंसा हिंसा
विविधा देश में ‘सड़ता अनाज’ भूखे पेट पर लात July 24, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on देश में ‘सड़ता अनाज’ भूखे पेट पर लात -अंजू सिंह ‘दो साले पहले दुनिया के सबसे ताकतवर और प्रभावशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति ने दुनिया में होती अनाज की कमी पर कहा था कि ‘हमें अनाज की किल्लत इसलिए हो रही है क्योंकि भारत का मधयम वर्ग सम्पन्न हो रहा है।’ ये बयान सच भी है क्योंकि भारत की 52 से 55 प्रतिशत […] Read more » Rotten grain सड़ता अनाज
विविधा सच को छिपाने की भाषा July 24, 2010 / December 23, 2011 by अरुण माहेश्वरी | 2 Comments on सच को छिपाने की भाषा -अरुण माहेश्वरी बीस साल में मानव विकास की बीस रिपोर्ट आ चुकी है। विकास के केंद्र में हमेशा मनुष्य रहे, और मनुष्य-केंद्रित विकास को मापने के पैमाने क्या हो जिनके अनुसार विकास कार्यों का एक सही परिप्रेक्ष्य और आगे की योजनाओं का स्वरूप तय किया जा सके – इन्हीं घोषित उद्देश्यों से संयुक्त राष्ट्र संघ […] Read more » Human Developement Report मानव विकास रिपोर्ट
विविधा महंगाई डायन खाय जात है July 23, 2010 / December 23, 2011 by पंकज झा | 9 Comments on महंगाई डायन खाय जात है -पंकज झा आजकल जहां सभी समाचार माध्यमों पर जन-सरोकारों से दूर चले जाने का आरोप लग रहा है, वही कथात्मक माध्यम ‘सिनेमा’ कभी-कभार बड़ा सन्देश दे जाता है. अभी आमिर खान की फिल्म “पिपली लाइव” अपने एक गीत द्वारा ऐसा ही सन्देश देने में सफल रही है. “सखी सैयां तो खूबे कमात हैं, महंगाई डायन […] Read more » Inflation महंगाई
विविधा हिन्दू पर आतंकवादी छाप से अलकायदा को मदद July 23, 2010 / December 23, 2011 by तरुण विजय | 27 Comments on हिन्दू पर आतंकवादी छाप से अलकायदा को मदद -तरुण विजय भारत के इतिहास में पहली बार एक लोकतांत्रिक भारतीय शासन के नाम पर, भारतीय इतिहास और यहाँ के हिन्दू समाज की एक बड़ी विडम्बना है कि शासन का प्रथम प्रहार हिन्दू अस्मिता और उनके गौरव स्थानों तथा संगठनों पर हो रहा है।यह स्थिति हिन्दू समाज की कमजोरी के कारण ही आयी है। आपस […] Read more » terrorism आतंकवाद हिन्दू
विविधा न महंगाई की फिक्र, न बंद से मतलब July 23, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment -गौतम मोरारका पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और चौतरफा बढ़ती महंगाई के विरोध में विपक्षी दलों ने प्रभावशाली एकता दिखाते हुए सफलतापूर्वक भारत बंद को अंजाम दिया। लेकिन दूसरी ओर सरकार का रुख ऐसा है जैसे उसे देश भर में इस मुद्दे पर उबल रहे आक्रोश और असंतोष की कोई परवाह ही न हो। उसने न […] Read more » Inflation महंगाई
विविधा कश्मीर में अनुभवहीनता के सबक July 23, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on कश्मीर में अनुभवहीनता के सबक -गौतम मोरारका भारतीय जनता पार्टी ने पिछले पखवाड़े के दौरान जम्मू कश्मीर की ताजा हिंसक घटनाओं के पीछे पाकिस्तान की एक खास किस्म की रणनीति की ओर संकेत किया था। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया था कि पाकिस्तान कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी को आसान और प्रभावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा […] Read more » kashmir कश्मीर पत्थरबाजी
विविधा हमें अच्छा लगता है जब दूसरों के मामले को लेकर हमारे पेट में दर्द होता है July 21, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on हमें अच्छा लगता है जब दूसरों के मामले को लेकर हमारे पेट में दर्द होता है -ऋतु चटर्जी हमें अच्छा लगता है जब दूसरों के मामले को लेकर हमारे पेट में दर्द होता है। आखिर हम मीडिया वाले जो हैं। विवादित जोड़े और मीडिया वालों में काफी समानता दिखाई देती है। कारण दूसरे निजी जीवन में क्या कर रहे हैं इससे हमारा पेट दुखता है और हम चाहते हैं जब हम […] Read more » cases मामले