विविधा भोजपुरी के नाम रही राजधानी की एक शाम July 21, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment “दिल्ली, बंबई, कलकत्ता, चाहें रहिह मसूरी में… पढिह-लिखिह कवनो भाषा, बतिअइह भोजपुरी में….” भोजपुरी की प्रसिद्ध गायिका भानुश्री ने मंच पर आकर जब यह गीत शुरु किया, तो एक पल के लिये ऐसा लगा मानो देश-विदेश में फैले करोडों भोजपुरी भाषियों को एक संदेश दिया जा रहा हो, कि आप कहीं भी रहें, कोई भी […] Read more » Bhojpuri भोजपुरी
विविधा सृजन और संतति में ही अमरत्व है July 21, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on सृजन और संतति में ही अमरत्व है – हृदयनारायण दीक्षित काल से बड़ा कोई नहीं। यमराज भी उनके कहे अनुसार चलते हैं। उगना, खिलना, पकना, झरना काल के खेल हैं। प्राचीन मान्यता है कि स्वर्ग में न बुढ़ापा है और न ही मृत्यु। कठोपनिषद् के अनुसार स्वर्ग प्राप्ति का साधन अग्नि-विद्या है। नचिकेता ने यमराज से वही अग्नि रहस्य पूछा था। यमराज […] Read more » Creation सृजन
विविधा पश्चिम बंगाल से बाहर निकलिए ममता जी July 20, 2010 / December 23, 2011 by लिमटी खरे | 2 Comments on पश्चिम बंगाल से बाहर निकलिए ममता जी -लिमटी खरे कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का दूसरा कार्यकाल अनेक मामलों में विवादों में र्घिरा हुआ है। भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री को आज तक इतना बेबस नहीं देखा जितना कि इस कार्यकाल में देखने को मिल रहा है। सहयोगी दल जब चाहे तब कांग्रेस की कालर पकडकर हडका रहे हैं और कांग्रेस चुपचाप निरीहावस्था […] Read more » West Bengal ममता बनर्जी रेल दुर्घटना
विविधा रेल दुर्घटना की वजह अंग्रेजी भी? July 20, 2010 / December 23, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 9 Comments on रेल दुर्घटना की वजह अंग्रेजी भी? -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ रेल दुर्घटना होने के बाद राजनैतिक पार्टियों की ओर से रेल मन्त्री ममता बनर्जी पर आरोप है कि उनको पं. बंगाल के मुख्यमन्त्री की कुर्सी पर बैठने की इतनी जल्दी है कि उन्हें रेल मन्त्रालय संभालने की फुर्सत ही नहीं है। ममता जी पूर्व में भी अटल जी के नेतृत्व वाली […] Read more » Rail accident रेल दुर्घटना हिंदी
विविधा देश को है आईपीएल से ज्यादा बीपीएल की दरकार July 19, 2010 / December 23, 2011 by नवीन देवांगन | 1 Comment on देश को है आईपीएल से ज्यादा बीपीएल की दरकार – नवीन देवांगन हिंदुस्तान को किसी ज़माने में सोने की चिड़िया कहा जाता था ऐसा अक्सर हम बचपन से सुनते आए है और किताबों में भी पढ़ते आए है पर आज के हिंदुस्तान का असली चेहरा पूरे विश्व के सामने है। दो जून की रोटी के लिए रोज़ संघर्ष करने वालो की संख्या विश्व के […] Read more » Sharad Pawar कृषि शरद पवार
विविधा बरकरार है सरोगेसी की उलझन July 17, 2010 / December 23, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment -सतीश सिंह भारत में किराये की कोख का चलन दिन-प्रति-दिन बढ़ता ही चला जा रहा है। इसमें कोई दो मत नहीं है कि बे-औलाद दंपत्ति के लिए औलाद प्राप्त करने का सुख जीवन के लिए सबसे अहम् होता है, पर ‘इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ (आईवीएफ) की पद्धत्ति से औलाद प्राप्त करना प्रकृति के नियमों के खिलाफ […] Read more » Sargosi सरोगेसी
विविधा अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में व्यापार! July 16, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में व्यापार! -आर. एल. फ्रांसिस केन्द्र सरकार का पूरा तंत्र भारतीय चर्च को खुश करने में लगा हुआ है चाहे उसके ऐसे फैसलों से ईसाई समुदाय को दुख: उठाना पड़े। हाल ही में ‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग’ (एनसीएमईआई) ने चर्च के शैक्षणिक संस्थानों को लाभ पहुचानें के लिए निर्णय सुनाया है कि अल्पसंख्यक की मान्यता देने […] Read more » UPA अल्पसंख्यक अधिकार चर्च यूपीए
विविधा मेरे शहर का मॉल कल्चर July 15, 2010 / December 23, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on मेरे शहर का मॉल कल्चर -मनोज लिमये पश्चिमी ऑंधी ऐसी चली कि गाँव में लगने वाले स्वदेशी हाट धीरे-धीरे मेलों में बदले और अब देखते ही देखते ये मेले मॉल में कनवर्ट हो रहे हैं। मेरे शहर में भी आजकल एक विशेष टाईप की गंध पसरी हुई है ये गंध शहर के नवनिर्मित शॉपिंग मॉलों से निकल रही है। आदमी, […] Read more » Mall मॉल कल्चर
विविधा भ्रष्टाचार एवं अत्याचार की खिलाफत क्यों जरूरी? July 14, 2010 / December 23, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 4 Comments on भ्रष्टाचार एवं अत्याचार की खिलाफत क्यों जरूरी? -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश‘ आज जबकि कदम-कदम पर लोगों के मान-सम्मान को बेरहमी से कुचला जा रहा है। अधिकतर लोगों के कानूनी, संवैधानिक, प्राकृतिक एवं मानव अधिकारों का खुलेआम हनन एवं अतिक्रमण हो रहा है। हर व्यक्ति को मनमानी, गैर-बराबरी, भेदभाव एवं भ्रष्टाचार का सामना करना पड रहा है। विकलांग, वृद्ध, निःशक्तजन, छोटे बधे, बीमारों […] Read more » Corruption अत्याचार भ्रष्टाचार
विविधा ग्रामीणों की जीवन रेखा : लघु एवं कुटीर उद्योग July 14, 2010 / December 23, 2011 by आलोक कुमार यादव | 3 Comments on ग्रामीणों की जीवन रेखा : लघु एवं कुटीर उद्योग -आलोक कुमार यादव भारत में प्राचीन समय से ही लघु एवं कुटीर उद्योगों की प्रधानता रही है। आज से दो हजार वर्ष पूर्व भी भारत का सूती वस्त्र एवं इस्पात उद्योग विश्व में प्रसिद्ध था। आज विकसित या विकासशील देशों में छोटे उद्योगों की उपयोगिता और भी अधिक है। विशेषकर भारत जैसे देश में जहां […] Read more » Small scale industries कुटीर उद्योग लघु उद्योग
विविधा महत्वपूर्ण ये है कि हाथ “किसका” काटा गया है… उसके अनुसार कार्रवाई होगी… July 13, 2010 / December 23, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 8 Comments on महत्वपूर्ण ये है कि हाथ “किसका” काटा गया है… उसके अनुसार कार्रवाई होगी… -सुरेश चिपलूनकर अपनी पिछली पोस्ट (केरल में तालिबान पहुँचे, प्रोफ़ेसर का हाथ काटा) में मैंने वामपंथियों के दोहरे चरित्र और व्यवहार के बारे में विवेचना की थी… इस केस के फ़ॉलो-अप के रूप में आगे पढ़िये… बात शुरु करने से पहले NDF के बारे में संक्षेप में जान लीजिये – 1) केरल के जज थॉमस […] Read more » Professor teeje joseph प्रोफ़ेसर टीजे जोसफ़
विविधा प्रयोग की जगह कमियों को दूर करने की पहल हो July 12, 2010 / December 23, 2011 by सतीश सिंह | 2 Comments on प्रयोग की जगह कमियों को दूर करने की पहल हो -सतीश सिंह नये प्रयोग के खतरों के प्रति चिंता स्वाभाविक है। शिक्षा के मामले में ये खतरे और भी संवेदनशील हो जाते हैं। पर इन खतरों से अनभिज्ञ केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल शिक्षा के क्षेत्र में विगत 1 वर्ष से अपने प्रयोगों को जारी रखे हुए हैं। उनके लगातार सुधारात्मक […] Read more » Education शिक्षा