Category: विविधा

विधि-कानून विविधा

जल्दी आए लोकपाल

| Leave a Comment

स्वतंत्र भारत में भ्रष्टाचार का सुरसामुख लगातार फैलता रहा है। उसने सरकारी विभागों से लेकर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सभी संस्थाओं को अपनी चपेट में ले लिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मानवीय मूल्यों से जुड़ी संस्थाएं भी अछूती नहीं रहीं। नौकरशाही को तो छोड़िए, देश व लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था संसद की संवैधानिक गरिमा बनाए रखने वाले संासद भी सवाल पूछने और चिट्ठी लिखने के ऐवज में रिश्वत लेने से नहीं हिचकिचाते। जाहिर है, भ्रष्टाचार लोकसेवकों के जीवन का एक तथ्य मात्र नहीं, बल्कि शिष्टाचार के मिथक में बदल गया है। जनतंत्र में भ्रष्टाचार की मिथकीय प्रतिष्ठा उसकी हकीकत में उपस्थिति से कहीं ज्यादा घातक इसलिए है, क्योंकि मिथ हमारे लोक-व्यवहार में आदर्श स्थिति के नायक-प्रतिनायक बन जाते हैं। राजनीतिक व प्रशासनिक संस्कृति का ऐसा क्षरण राष्ट्र को पतन की ओर ही ले जाएगा ? इसीलिए साफ दिखाई दे रहा है कि सत्ता पक्ष की गड़बड़ियों पर सवाल उठाना, संसदीय विपक्ष के बूते से बाहर होता जा रहा है। विडंबना यह है कि जनहित से जुड़े सरोकारों के मुद्रदों को सामने लाने का काम न्यायपालिका को करना पड़ रहा है।

Read more »

विज्ञान विविधा

विश्वास का जीव विज्ञान

| Leave a Comment

नवीन जीव विज्ञान (New Biology) दिखलाता है कि डीएनए जीव विज्ञान का नियन्त्रण नहीं करता. बल्कि डीएनए ही कोशा के बाहर से आनेवाले संकेतों, से नियन्त्रित होता हैं। इन पर्यावरणीय सकेतों में हमारे सकात्मक और ऋणात्मक विचार भी शामिल हैं। कोशा विज्ञान एवम् क्वाण्टम भौतिकी में डॉ लिपटन के नवीनतम एवम् सर्वोत्तम अनुसंधान स्थापित करते हैं कि हम अपने सोचने के तरीके को पुनः प्रशिक्षित करके अपने शरीरों को बदल सकते हैं।

Read more »

विविधा

पाकिस्तान को सबक सिखाना ही होगा

| Leave a Comment

भारतीय सीमा पर हमारे दो जवानों की शहादत के बाद पाकिस्तान ने जो कायराना हरकत की, उसके जवाब में भारतीय सेना तुरंत हरकत में आई और उसने पाकिस्तान के दस सैनिक को मौत के घाट उतार दिया लेकिन पाकिस्तान भविष्य में कोई हरकत न कर सके, इसके लिए हमें तैयार रहना होगा और ऐसी ठोस रणनीति तैयार करनी होगी जिससे पाकिस्तान भारत की ओर मुंह उठाकर भी न देख सके। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति पर भारत को एक बार फिर से कदम बढ़ाने होंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को अपनी बात पुरजोर तरीके से रखना होगी ताकि दुनिया को पता चल सके कि पाकिस्तान भारत के लिए ही खतरा नहीं है बल्कि अन्य देशों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।

Read more »

विविधा स्‍वास्‍थ्‍य-योग

साइनस को इग्नोर करना ठीक नहीं

| 3 Comments on साइनस को इग्नोर करना ठीक नहीं

इस बीमारी का मुख्य कारण झिल्ली में सूजन का आ जाना, साथ ही यह सूजन भी निम्न कारणों से आ सकती है बैक्टीरिया, फंगल संक्रमण, या फिर नाक की हड्डी का ढ़ेडा होना. उन्होने बताया कि इसके लक्षण आप इस बीमारी को आसानी से पहचान सकते हैं, सिर का दर्द होना, बुखार रहना, नाक से कफ निकलना और बहना, खांसी या कफ जमना, दांत में दर्द रहना, नाक से सफेद हरा या फिर पीला कफ निकलना. चेहरे पर सूजन का आ जाना, कोई गंध न आना. साइनस की जगह दबाने पर दर्द का होना आदि इसके लक्षण हैं. आम तौर पर ये गंभीर बीमारी नही है लेकिन समय रहते इसका इलाज नही कराया गया तो मरीज को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

Read more »

विविधा

तभी सबसे आगे होंगे हिदुस्तानी

| Leave a Comment

पिछले दिनों जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम की समीक्षा करने के कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किये, तो इससे भारतीय आईटी कंपनियों में कोई खास अफरातफरी नहीं मची. उसका एक कारण ये भी है कि फिलहाल नियम जस के तस हैं. लेकिन यह भी सच है ही कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान की तरह ट्रंप की बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकननीति का भविष्य में भारतीयों के लिए अमेरिका में शिक्षा और रोजगार के अवसर काफी कम कर सकती है.

Read more »

विविधा

दिमाग में लाल बत्ती की ठसक बरकरार ।

/ | Leave a Comment

क्योकि संभवतः सत्ता की हनक की मानसिकता प्रशंसनीय थी, तभी उसपर डंडे नहीं चटकाए गए, उसकी मानसिकता से लाल बत्ती नहीं उतारी गई,..तभी तो सत्ता की हनक एवं सत्ता की ठसक लिए, बिना लाल बत्ती के ही नेता जी का जलवा कायम है,...और विधायक जी सत्ता के अहंकार में चूर हैं,.. उन्हें तनिक भी इस बात का भय भी नहीं की हमारे ऊपर भी कार्यवाही हो सकती है,... शायद विधायक जी को यह लगता है की हम न्याय पूर्ण हैं, और हमारी प्रत्येक कार्य शैली न्याय संगत है, क्योकि हम सत्ता में हैं,...तो समझना पड़ेगा की सत्ता में होने की ठसक क्या इस बात का साक्ष्य है, की सत्ताधारी व्यक्ति के द्वारा किया गया प्रत्येक कार्य भारतीय संविधान के अंतर्गत न्याय पूर्ण होता है,...इसको बड़ी गंभीरता से समझना पडेगा,...तथा इसकी परिभाषा का पुनः विस्तारपूर्वक गहनता से अध्ययन करना पड़ेगा|...

Read more »

विविधा

जन्म से ब्राह्मण, कर्म से क्षत्रिय, शूद्र शुभचिन्तक परशुराम – प्रमोद भार्गव

| Leave a Comment

इसमें परशुराम को अवन्तिका के यादव, विदर्भ के शर्यात यादव, पंचनद के द्रुह यादव, कान्यकुब्ज ;कन्नौज के गाधिचंद्रवंशी, आर्यवर्त सम्राट सुदास सूर्यवंशी, गांगेय प्रदेश के काशीराज, गांधार नरेश मान्धता, अविस्थान (अफगानिस्तान) मुंजावत ; हिन्दुकुश, मेरु (पामिर) ;सीरिया परशुपुर; पारस, वर्तमान फारस, सुसर्तु ;पंजक्षीर उत्तर कुरु, आर्याण ; (ईरान) देवलोक सप्तसिंधु और अंग-बंग ;बिहार के संथाल परगना से बंगाल तथा असम तक के राजाओं ने परशुराम का नेतृत्व स्वीकारते हुए इस महायुद्ध में भागीदारी की। जबकि शेष रह गईं क्षत्रिय जातियां चेदि ;चंदेरी नरेश, कौशिक यादव, रेवत तुर्वसु, अनूप, रोचमान कार्तवीर्य अर्जुन की ओर से लड़ीं। इस भीषण युद्ध में अंततः कार्तवीर्य अर्जुन और उसके कुल के लोग तो मारे ही गए, युद्ध में अर्जुन का साथ देने वाली जातियों के वंशजों का भी लगभग समूल नाश हुआ। परशुराम ने किसी भी राज्य को क्षत्रीयविहीन न करते हुए, क्षत्र-विहीन किया था।

Read more »