विविधा चोरी करके फलता फूलता पट्रोल माफ़िया April 29, 2017 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता की इस तरह की चोरी करने का काम देश के कई तमामं शहरों में भी अंजाम दिया जा रहा हो। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को इस पर गम्भीरता से विचार करने की जरूरत है। पेट्रोल पंप पर की जाने वाली चोरी और नकली पेट्रोल की बिक्री करने वाले धन्ना सेठों के खिलाफ कड़े नियम बनाये जाए । पूरे देश में संचालित पेट्रोल पुम्पों की जांच का भी अभियान चलाया जाना जरूरी हो गया है। Read more » पट्रोल माफ़िया
विविधा एकमात्र तैरती झील लोकटक April 29, 2017 / May 5, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment वनस्पतियों की वृद्धि को स्थानीय लोकटक पनबिजली परियोजना ने एक और तरह से दुष्प्रभावित किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पहले जब स्थानीय नदी - खोरदक तथा अन्य धाराओं में बाढ़ आती थी, तो उनका प्रवाह उलट जाता था। वह उलटा प्रवाह आकर लोकटक की सतह पर फैल जाता था। नदियों से आया यह जल कई ऐसे पोषक और धातु तत्व अपने साथ लाता था, जो सूखे मौसम में नीचे जमकर उर्वरा क्षमता बढ़ाते थे। वनस्पतियों की वृद्धि अच्छी होती थी; अब कम होती है। Read more » लोकटक
विविधा धर्माधारित आतंकवाद –एक सच्चाई” April 29, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि तालिबान व अलक़ायदा आदि जिहादी संगठन पाक व अफगानिस्तान की सीमाओ पर अनेक छोटे छोटे बच्चों को धन देकर व जन्नत का वास्ता देकर "फिदायींन" बनाते है। तालिबान ने "फिदायीन-ए-इस्लाम" नाम से वजीरिस्तान में तीन ऐसे प्रशिक्षण शिविर तैयार किये हुए है जिसमें हज़ारो की संख्या में कम आयु (10 से 13 वर्ष) के मासूम मुस्लिम बच्चे प्रशिक्षण पा रहें है। अफगानिस्तान की तत्कालीन सरकार के अनुसार इन बच्चों को चौदह हज़ार से साठ हज़ार डॉलर में खरीदा जाता है और इनके माँ-बाप को समझाया जाता है कि धन के अतिरिक्त आपका बेटा इस्लाम के लिये शहीद होकर सीधे जन्नत पहुँचेगा। Read more » Featured religion based terrorism आतंकवाद धर्माधारित आतंकवाद
विविधा सिनेमा फिल्म समीक्षा (रिव्यु )– कटप्पा और बाहुबली की गुत्थी सुलझाता है ‘बाहुबली 2 April 28, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment फिल्म का नाम: बाहुबली 2: द कन्क्लूजन डायरेक्टर: एस एस राजामौली स्टार कास्ट: प्रभास , राणा दग्गुबत्ती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया , सथ्यराज, राम्या कृष्णन , अवधि: 2 घंटा 47 मिनट सर्टिफिकेट: U/A रेटिंग: 5 स्टार डायरेक्टर एस एस राजामौली का नाम आते ही ‘मगाधीरा’ और ‘ईगा’ और अब ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ जैसी फिल्में आंख […] Read more » बाहुबली 2
विविधा शख्सियत सिनेमा समर्पित अभिनेता और राजनेता की तरह हमेशा याद किये जाएंगे विनोद खन्ना April 28, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment विनोद खन्ना ने अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत भाजपा से की। विनोद खन्ना 1997 में पहली बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भाजपा की ओर से सांसद चुने गए। इसके बाद 1999 के लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर लोकसभा से ही दूसरी बार जीतकर संसद पहुंचे। विनोद खन्ना को 2002 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार में संस्कृति और पर्यटन के केंद्रीय मंत्री बनाया गया। 6 महीने के बाद उनका विभाग बदलकर उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने गुरदासपुर लोकसभा सीट से फिर से चुनाव जीता। हालांकि, 2009 के लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन एक बार फिर 2014 लोकसभा चुनाव में विनोद खन्ना गुरदासपुर लोकसभा से चैथी बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। Read more » Featured Vinod Khanna विनोद खन्ना
विविधा निजी अनुभवों की सांझ-2 April 28, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment बिजली की चोरी होती है-कर्मचारियों की कृपा से! सरकारी प्रयास होते हैं-मीटर लगाने के, जिससे इसे रोका जा सके। किंतु सारे प्रयास निरर्थक हो जाते हैं। कानून बनाये जाते हैं, मानव की दुष्प्रवृत्तियों को सद्प्रवृत्तियों में परिवर्तित करने के लिए। पर एक समय आता है कि कानून की तनी हुई चादर में से भी छिद्र कर दिये जाते हैं और कानून की ओजोन की परत को तोडक़र मानवीय स्वभाव की पराबैंगनी किरणें सीधे पडक़र मानव को ही तंग व परेशान करती हैं। यह सांप छछूंदर का खेल है, जिसमें कानून व्यक्ति को गलत कार्यों को करने से रोकना चाहता है और व्यक्ति उल्टे कानून के बढ़ते हाथों को (अपनी ओर बढऩे से) रोकना चाहता है। Read more » ‘कमीशन’ Featured अनुभव चिकित्सा राष्ट्र
विविधा महंगी होती चुनावी व्यवस्था April 28, 2017 / April 28, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हमें इस समय अपनी चुनावी प्रक्रिया में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। इसके लिए उचित होगा कि देश में लोकसभा और विधानसभाओं सहित अधिकतर चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाए। इससे हम चुनावों पर व्यय होने वाली बड़ी धनराशि को बचा सकते हैं। चुनाव आयोग को बार-बार सरकारी कर्मियों को उनके सरकारी कार्य रूकवाकर उन पर अपना डंडा चलाने का अधिकार अभी लगभग वर्ष भर कहीं न कहीं मिला रहता है। यदि चुनाव एक साथ होते हैं तो चुनाव आयोग सरकारी कर्मियों का कार्य रूकवाने से दूर रहेगा। Read more » election campaign election getting costlier Featured चुनावी व्यवस्था महंगी होती चुनावी व्यवस्था
विविधा नक्सली सफल क्यों होते हैं? April 27, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment सरकार को इस बात का ठीक-ठाक पता होना चाहिए कि नक्सलियों की सफलता का रहस्य क्या है? छत्तीसगढ़ में नक्सली इसलिए सफल हो जाते हैं कि एक तो उन्हें स्थानीय आदिवासियों का समर्थन मिल जाता है और दूसरा, हर हमले के दौरान वे निहत्थे आदिवासियों को आगे करके कवच की तरह इस्तेमाल करते हैं। तीसरा, उनके पास जवानों से छीने हुए बेहतरीन हथियार होते हैं। चौथा, उन्होंने जोर-जबरदस्ती करके पैसों का जखीरा इकट्ठा किया हुआ होता है। नोटबंदी का उन पर कोई असर नहीं हुआ। Read more » chhattisgarh CRPF Dantewada Featured Government Home Minister Naxal attack Sukma छत्तीसगढ़ दंतेवाडा सुकमा
विविधा जीवित मनुष्य से बढ़कर हैं नदियाँ April 27, 2017 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment नदियों के संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दुनिया के सबसे बड़े नदी संरक्षण अभियान 'नमामि देवी नर्मदे : सेवा यात्रा' का संचालन कर रहे हैं। जनसहभागिता से प्रत्येक दिन नर्मदा के किनारे नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। नर्मदा सेवा यात्रा के अंतर्गत इन आयोजनों में देश-दुनिया के अलग-अलग विधा के प्रख्यात लोग आ चुके हैं। इसी सिलसिले में मण्डला में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में शामिल होने गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी पहुँचे। Read more » Featured narmada river human entity save narmada नदियों के संरक्षण नर्मदा भी अब जीवित इंसानों जैसी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
विविधा अभिभावकों की जेब पर स्कूलों की डकैती April 27, 2017 / April 27, 2017 by अश्वनी कुमार, पटना | Leave a Comment देश में प्राइवेट स्कूलों की संगठित लूट अभिभावकों की आर्थिक आजादी को सीमित कर रही है| किताब, कॉपी, ड्रेस, ब्रांडेड जूते से लेकर अंडरवियर तक की दुकानें स्कूलों में खुलने लगी है| एमआरपी और खुदरा मूल्य या बाजार के नियमों में हेरफेर करके कैसे मुनाफा कमाया जा सकता है ये अब आईएमएफ वालों को हमारे […] Read more » Featured increasing fees in private schools
कला-संस्कृति विविधा संस्कृति April 26, 2017 by गंगानन्द झा | Leave a Comment सलाद-बाउल प्रारुप में देश की विभिन्न संस्कृतियाँ सलाद के घटकों की तरह पास-पास में रहते हुए अपनी खासियतें बरकरार रखती हैं। अब यह प्रारूप राजनीतिक रूप से अधिक सही एवम् सम्माननीय माना जाता है, क्योंकि यह हर विशिष्ट संस्कृति को अभिव्यक्ति देता है। इस विचारधारा के हिमायतियों का दावा है कि परिपाचनवाद आप्रवासियों को उनकी संस्कृति से विच्छिन्न कर देता है, जब कि यह समझौतावादी विचारधारा उनके और उनकी बाद की पीढ़ियों के लिए अपने मेजबान राष्ट्र के प्रति निष्ठा को सर्वोपरि रखते हुए अपने वतन की संस्कृति के साथ जुड़े रहने की राह हमवार कर देती है। मेजबान और मूल राष्ट्र तथा निष्ठा और सुविधावाद के बीच इस किस्म का नाजुक सन्तुलन कायम रखा जा सकता है या नहीं, यह तो देखने की बात होगी। Read more » संस्कृति
विविधा ‘अपने ही लोगों ‘ के सामने घुटने टेकने को मजबूर है सरकार April 26, 2017 / April 27, 2017 by आलोक कुमार | 1 Comment on ‘अपने ही लोगों ‘ के सामने घुटने टेकने को मजबूर है सरकार केंद्र सरकार को चाहिए कि वो नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में गंभीरता से सोचे, सिर्फ बैठकें कर लेने और मीडिया के सामने बयानबाजी कर देने से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है । ठोस कार्रवाई वक्त की मांग है। देश के मंत्रीगण – राजनेता और आला – अधिकारी किसी बड़े नक्सली हमले के बाद शहीदों के शवों पर श्रद्धाञ्जलि के नाम पर फूलों का बोझ ही तो बढ़ाने जाते हैं ? और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लम्बी – चौड़ी मगर खोखली बातें करते हैं । लेकिन जब नक्सलवाद के खिलाफ ठोस रणनीति या कार्रवाई करने का समय आता है तो हमारे नेता ” गांधीवादी राग ” अलापने लगते हैं। Read more » #नक्सल_उगाही #नक्सली_हिंसा Featured naxal attack on Sukma छत्तीसगढ़ नक्सलवाद सुकमा