महिला-जगत लेख और कितनी निर्भयाओं के बाद थमेगा यह सिलसिला! October 3, 2020 / October 3, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया प्रकरण ने 26 अगस्त 1978 को हुए संजय, गीता चौपड़ा हत्याकाण्ड की यादें ताजा कर दीं थीं। 2012 में देश भर से आवाजें उठीं, निर्भया काण्ड के दोषियों को पकड़ा गया। उस वक्त लगा था कि आने वाले समय में कानून न केवल इतना कठोर […] Read more » And this series will stop after so many nirbhayas और कितनी निर्भया
महिला-जगत समाज संवेदनहीन बनता जा रहा भारतीय समाज October 3, 2020 / October 3, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment आख़िर देश में बलात्कार की घटनाएं कब तक घटित होती रहेगी? कब तक मासूम बेटियां हैवानियत का शिकार होती रहेगी? ऐसे अनगिनत सवाल हर क्षण दिलों-दिमाग़ पर छाए रहते हैं। जिस तरह से देश में यौन शोषण की घटनाएं घटित हो रही है, उन्हें देख कर तो यही लग रहा है, आज भी समाज महिलाओं […] Read more » increasing rape cases Indian society is becoming insensitive दरिंदगी का शिकार हुई महिला देश में बलात्कार नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो
महिला-जगत समाज नहीं रुक रहा महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध August 29, 2020 / August 29, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शालू अग्रवाल, मेरठ कोरोना के आपदा काल में जब समूचा विश्व महामारी से बचाव के लिए जीवनोपयोगी वैक्सीन बनाने की कवायद में जुटा है, जब पूरी दुनिया इस आफत से मानव सभ्यता को बचाने में चिंतित है ऐसी मुश्किल घड़ी में भी महिलाओं की सुरक्षा एक अहम प्रश्न बनी हुई है, क्योंकि संकट की इस […] Read more » Crime against women Crime against women is not stopping महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
महिला-जगत लेख बंद दरवाजों की बजाय माहवारी पर खुलकर चर्चा की जरूरत है. August 28, 2020 / August 28, 2020 by प्रियंका सौरभ | 1 Comment on बंद दरवाजों की बजाय माहवारी पर खुलकर चर्चा की जरूरत है. —-प्रियंका सौरभ हाल ही में मासिक धर्म के झूठे और बेबुनियादी कलंक और शर्म को दूर करने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य वितरण की दिग्गज कंपनी जोमाटो ने 8 अगस्त को एक नई पीरियड लीव ’नीति की घोषणा की है, जिससे इस गंदी सोच के प्रवचन को तेजी से समाज से दूर किया जा सके। […] Read more » openly discuss menstruation There is a need to openly discuss menstruation rather than closed doors. पीरियड लीव माहवारी
महिला-जगत समाज महिला समानता के लिए पहले मानसिकता बदलें……. August 27, 2020 / August 27, 2020 by डाॅ. दयानिधि सेवार्थी | Leave a Comment डाॅ0 दयानिधि सेवार्थी आज विश्व महिला समानता की बात करता है। परन्तु भारत का इतिहास कहता है कि महिलाओं का स्थान पुरुषों से हजारों गुना अधिक है। वैदिक काल में अनेकों ऋषिकाओं को ऋषियों से आगे बढकर मंत्र विचार हो या शास्त्रार्थ हो कार्य करने का मौका रहता था। गार्गी मैत्रेयी जैसे अनेकों उदाहरण हमारे […] Read more » women equality महिला समानता
महिला-जगत समाज महिलाओं के साथ भेदभाव करता है समाज August 24, 2020 / August 24, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्ट नैनीताल, उत्तराखंड भारत में हिंसा के सबसे अधिक केस महिलाओं से ही जुड़े होते हैं। जिनका रूप कुछ भी हो सकता है। हालांकि पुरूष प्रधान इस देश में हमेशा महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता रहा है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कमतर आंका जाता है। […] Read more » Society discriminates against women महिलाओं के प्रति समाज की सोच नकारात्मक महिलाओं के साथ भेदभाव
महिला-जगत लेख विधि-कानून महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। August 20, 2020 / August 20, 2020 by प्रियंका सौरभ | 1 Comment on महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। भारत में जिस समय महिलाओं को उनके भविष्य और शिक्षा की ओर ध्यान देना चाहिये, उस समय उन्हें विवाह के बोझ से दबा दिया जाता है, आज अब 21वीं सदी में इस रुढ़िवादी प्रथा में बदलाव की आवश्यकता है, जो कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। —प्रियंका सौरभ प्रधान […] Read more » महिलाओं के लिए विवाह की आयु विवाह की न्यूनतम आयु पर पुनर्विचार
महिला-जगत विश्ववार्ता समाज वर्क फ्रॉम होम के दौर में लैंगिक उत्पीडन का बदलता स्वरूप August 12, 2020 / August 12, 2020 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार कोरोना वाइरस के कारण देश में सम्पूर्ण लाक डाउन किया गया था जिसने सबको घर के अंदर रहने को बाध्य कर दिया था इस दौर में लोग घर से ऑफिस का काम (work from home) करने लगे. पहले भारत में कम संख्या में वर्क फ्राम होम होता था लेकिन लाक डाउन के कारण […] Read more » Changing nature of sexual harassment Changing nature of sexual harassment during the era of work from home era of work from home लैंगिक उत्पीडन वर्क फ्रॉम होम वर्क फ्रॉम होम के दौर में लैंगिक उत्पीडन
महिला-जगत लेख समाज बाल विवाह की कुप्रथा पर रोक जरूरी July 19, 2020 / July 19, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment बाल विवाह समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बना हुआ है। आज हम 21वीं सदी में जी रहे है, समाज में स्त्री और पुरूष के समान हक की बात भी करते है। लेकिन समाज में आज भी स्त्रियों को न ही समान हक दिया जाता है और न ही समान शिक्षा। इस बात […] Read more » It is necessary to stop the practice of child marriage बाल विवाह की कुप्रथा
महिला-जगत लेख माहवारी पर शर्म नहीं, चर्चा करती है लड़कियाँ July 16, 2020 / July 16, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पूनम जोनवाल टोंक, राजस्थान 21वीं सदी का भारत न केवल विज्ञान और टेक्नोलॉजी में ही आगे बढ़ा है, बल्कि सामाजिक रूप से भी यह पहले से अधिक समृद्ध हुआ है। हालांकि सामाजिक चेतना के रूप में इसका अपेक्षाकृत विकास नहीं हुआ है। विशेषकर महिलाओं के अधिकारों के संबंध में अभी भी भारतीय समाज वैचारिक रूप से […] Read more » माहवारी पर शर्म नहीं
महिला-जगत समाज संकट काल में महिलाएं हुई बेहाल July 7, 2020 / July 7, 2020 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment — डॉo सत्यवान सौरभ, कोरोनावायरस महामारी का महिलाओं के काम पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। खासकर अकेली महिलाओं, विधवाओं, दैनिक मजदूरी करने या असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा कानूनों के तहत कोई सुरक्षा नहीं मिली है. उनके सामने कामकाज के दोहरे बोझ के साथ ही वित्तीय संकट भी आ खड़ा […] Read more » Women are more troubled during the corona crisis महिलाएं हुई बेहाल
महिला-जगत विधि-कानून नारी की अस्मिता से ना करो खिलवाड़, वरना अब है फांसी का फंदा तैयार March 23, 2020 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार देश में बेहद लम्बी चलने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद सात साल तीन महीने चार दिन के बाद निर्भया को आखिरकार इंसाफ मिल ही गया, निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च 2020 के तड़के 5.30 बजे देश की राजधानी दिल्ली में तिहाड़ जेल की फांसी की कोठी में मेरठ के जल्लाद पवन […] Read more » नारी की अस्मिता