महिला-जगत लेख विविधा समाज हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता October 28, 2020 / October 28, 2020 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment डॉ. शुभ्रता मिश्रा हिन्दू धर्म को समझने के लिए उसके प्राचीनतम और आधारभूत धर्मग्रन्थ अर्थात् ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद परम प्रमाण माने गए हैं। इन चारों वेदों में उद्धृत पवित्र मन्त्र वास्तव में ईश्वर की वाणी है, जिनके प्रति सभी हिन्दु धर्माबलंबियों की अगाध श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई है। सृष्टि के अनेक रहस्यों […] Read more » Hindu religion and female freedom कात्यायनी मैत्रयी वैदिक काल की गार्गी सुलभा हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता
महिला-जगत लेख क्यों भय के दुष्चक्र में है भारत की निर्भयाएं ? October 21, 2020 / October 21, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से संबंधित मामलों के के निपटान, महिला सुरक्षा उपायों और हैंडलिंग के लिए दुनिया भर में आलोचना की जा रही है। 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में काफी हंगामे के बाद भी, हमने कठुआ मामले, हैदराबाद केस, उन्नाव केस और हाथरस केस की हिंसा को देखा है। यह सूची […] Read more » 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्त उन्नाव केस और हाथरस केस कठुआ मामले घरेलू हिंसा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे भय के दुष्चक्र में है भारत की निर्भयाएं महिलाओं को हिंसा हैदराबाद केस
महिला-जगत समाज कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत ? October 16, 2020 / October 16, 2020 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हाथरस गैंगरेप मामले में पुलिस के रवैए पर कई सवाल उठ रहे हैं? देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन करके और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करके आक्रोश जता रहे हैं. देश में किसी लड़की के साथ दरिंदगी का यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल […] Read more » How long will women be raped औरतों की अस्मत कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत
महिला-जगत लेख विधि-कानून नाकाम होते महिला दुष्कर्म के कानून October 15, 2020 / October 15, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अनेक कानूनी उपाय और जागरूकता अभियानों के बावजूद बच्चों व महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनपर गंभीरता से विचार किए बिना हाथरस कांड को भीड़ जातीय आग्रहों-दुराग्रहों को लेकर देशभर में सड़कों पर उतर रही है। चिंतनीय पहलू यह है कि जातिगत आधार पर इस घिनौने मुद्दे को छोटी-बड़ी […] Read more » पोक्सो बलात्कार बाल दुष्कर्म महिला दुष्कर्म के कानून यौन उत्पीड़न निषेध कानून
महिला-जगत लेख समाज ख़ुद की तक़दीर लिखने के लिए आधी आबादी को आगे आना होगा October 7, 2020 / October 7, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment महिलाएं देश की आधी आबादी हैं। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र की तरक्की और उन्नति की कल्पना करना बेमानी लगता है। फ़िर इक्कीसवीं सदी के भारत में चंद महिलाएं ही क्यों पुरुष-प्रधान समाज के साथ कंधा मिलाकर चल पाने में सक्षम हो पाती हैं? क्या कारण है कि जब भी दुर्दशा जैसे शब्द जुबां […] Read more » आधी आबादी
महिला-जगत लेख और कितनी निर्भयाओं के बाद थमेगा यह सिलसिला! October 3, 2020 / October 3, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया प्रकरण ने 26 अगस्त 1978 को हुए संजय, गीता चौपड़ा हत्याकाण्ड की यादें ताजा कर दीं थीं। 2012 में देश भर से आवाजें उठीं, निर्भया काण्ड के दोषियों को पकड़ा गया। उस वक्त लगा था कि आने वाले समय में कानून न केवल इतना कठोर […] Read more » And this series will stop after so many nirbhayas और कितनी निर्भया
महिला-जगत समाज संवेदनहीन बनता जा रहा भारतीय समाज October 3, 2020 / October 3, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment आख़िर देश में बलात्कार की घटनाएं कब तक घटित होती रहेगी? कब तक मासूम बेटियां हैवानियत का शिकार होती रहेगी? ऐसे अनगिनत सवाल हर क्षण दिलों-दिमाग़ पर छाए रहते हैं। जिस तरह से देश में यौन शोषण की घटनाएं घटित हो रही है, उन्हें देख कर तो यही लग रहा है, आज भी समाज महिलाओं […] Read more » increasing rape cases Indian society is becoming insensitive दरिंदगी का शिकार हुई महिला देश में बलात्कार नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो
महिला-जगत समाज नहीं रुक रहा महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध August 29, 2020 / August 29, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शालू अग्रवाल, मेरठ कोरोना के आपदा काल में जब समूचा विश्व महामारी से बचाव के लिए जीवनोपयोगी वैक्सीन बनाने की कवायद में जुटा है, जब पूरी दुनिया इस आफत से मानव सभ्यता को बचाने में चिंतित है ऐसी मुश्किल घड़ी में भी महिलाओं की सुरक्षा एक अहम प्रश्न बनी हुई है, क्योंकि संकट की इस […] Read more » Crime against women Crime against women is not stopping महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
महिला-जगत लेख बंद दरवाजों की बजाय माहवारी पर खुलकर चर्चा की जरूरत है. August 28, 2020 / August 28, 2020 by प्रियंका सौरभ | 1 Comment on बंद दरवाजों की बजाय माहवारी पर खुलकर चर्चा की जरूरत है. —-प्रियंका सौरभ हाल ही में मासिक धर्म के झूठे और बेबुनियादी कलंक और शर्म को दूर करने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य वितरण की दिग्गज कंपनी जोमाटो ने 8 अगस्त को एक नई पीरियड लीव ’नीति की घोषणा की है, जिससे इस गंदी सोच के प्रवचन को तेजी से समाज से दूर किया जा सके। […] Read more » openly discuss menstruation There is a need to openly discuss menstruation rather than closed doors. पीरियड लीव माहवारी
महिला-जगत समाज महिला समानता के लिए पहले मानसिकता बदलें……. August 27, 2020 / August 27, 2020 by डाॅ. दयानिधि सेवार्थी | Leave a Comment डाॅ0 दयानिधि सेवार्थी आज विश्व महिला समानता की बात करता है। परन्तु भारत का इतिहास कहता है कि महिलाओं का स्थान पुरुषों से हजारों गुना अधिक है। वैदिक काल में अनेकों ऋषिकाओं को ऋषियों से आगे बढकर मंत्र विचार हो या शास्त्रार्थ हो कार्य करने का मौका रहता था। गार्गी मैत्रेयी जैसे अनेकों उदाहरण हमारे […] Read more » women equality महिला समानता
महिला-जगत समाज महिलाओं के साथ भेदभाव करता है समाज August 24, 2020 / August 24, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्ट नैनीताल, उत्तराखंड भारत में हिंसा के सबसे अधिक केस महिलाओं से ही जुड़े होते हैं। जिनका रूप कुछ भी हो सकता है। हालांकि पुरूष प्रधान इस देश में हमेशा महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता रहा है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कमतर आंका जाता है। […] Read more » Society discriminates against women महिलाओं के प्रति समाज की सोच नकारात्मक महिलाओं के साथ भेदभाव
महिला-जगत लेख विधि-कानून महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। August 20, 2020 / August 20, 2020 by प्रियंका सौरभ | 1 Comment on महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाना सही रहेगा या नहीं। भारत में जिस समय महिलाओं को उनके भविष्य और शिक्षा की ओर ध्यान देना चाहिये, उस समय उन्हें विवाह के बोझ से दबा दिया जाता है, आज अब 21वीं सदी में इस रुढ़िवादी प्रथा में बदलाव की आवश्यकता है, जो कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। —प्रियंका सौरभ प्रधान […] Read more » महिलाओं के लिए विवाह की आयु विवाह की न्यूनतम आयु पर पुनर्विचार