महिला-जगत बेटी कब से पराया धन हो गई October 5, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on बेटी कब से पराया धन हो गई 11 अक्टूबर-बालिका दिवस पर विशेष सरिता सामरथ दूसरी बार अंतरिक्ष में पहुंचने वाली भारतीय मूल की सुनिता विलियम्स पर पूरा देश गौरवान्वित हो रहा है। हर तरफ भारत की इस बेटी की ही चर्चा हो रही है। यह कोई पहला अवसर नहीं है जब किसी भारतीय महिला ने देश की शान बढ़ाई है। इससे पहले […] Read more » नारी महिला
महिला-जगत सीरियल-उन्मादना और स्त्री / सारदा बनर्जी October 2, 2012 by सारदा बनर्जी | Leave a Comment हाल-फिलहाल यह देखा जा रहा है कि टी.वी. सीरियल के साथ स्त्रियों का गहरा संपर्क बन रहा है। चाहे वह लड़की हो, युवती हो, औरत हो या बुज़ुर्ग महिला, चाहे शिक्षित हो चाहे अशिक्षित। कुछ हिन्दी टी.वी. चैनलों जैसे स्टार प्लस, ज़ी टी.वी., सोनी टी.वी., आदि के साथ ही विभिन्न क्षेत्रिय चैनलों जैसे स्टार जलसा(बंगला) […] Read more »
महिला-जगत स्त्री-आकर्षण का केन्द्र : अनुभूति, ताकत नहीं – सारदा बनर्जी September 29, 2012 by सारदा बनर्जी | 2 Comments on स्त्री-आकर्षण का केन्द्र : अनुभूति, ताकत नहीं – सारदा बनर्जी आम तौर पर पुरुषों में यह धारणा प्रचलित रही है कि स्त्रियां पुरुषों के मर्दानगी वाले एटीट्यूड, बलिष्ठ भुजाओं वाले ताकतवर शरीर से ही आकर्षित होती हैं लेकिन यह धारणा सरासर गलत है। यहां हमें अपनी परंपरागत मानसिकता में थोड़ा फेर-बदल करना होगा। स्त्री –हृदय की पड़ताल के लिए यह बेहद ज़रुरी है कि स्त्री-मनोविज्ञान […] Read more »
महिला-जगत यहां महिलाएं सुरक्षित हैं September 18, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment जिगमत ल्हामो एक शोध के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित माने जाने वाले देशों में भारत चौथे स्थान पर है। शोध में कहा गया कि यहां महिला हिंसा, भ्रूण हत्या, और मानव तस्करी बड़े पैमाने पर होते हैं। इस रिपोर्ट पर काफी हंगामा मचा था और यह तर्क दिया गया था कि इसके पीछे […] Read more »
महिला-जगत दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती September 15, 2012 / September 15, 2012 by बीनू भटनागर | 2 Comments on दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती बीनू भटनागर नारी और पुरुष के कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों मे काल, देश और विभिन्न संसकृतियों के संदर्भ मे सदा विवाद रहे हैं और रहेंगे, क्योंकि समय और परिस्थितयों मे परिवर्तन होते ही विचार धारायें बदलती हैं। नैतिकता के स्तर भी बदलते हैं। समाज का कल्याण तभी संभव है जब स्त्री पुरुष एक दूसरे के पूरक […] Read more » women life
महिला-जगत स्त्री-सौंदर्य में नाखून की महत्ता September 14, 2012 / September 14, 2012 by सारदा बनर्जी | Leave a Comment सारदा बनर्जी हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने ‘नाखून क्यों बढ़ते हैं’ नामक अपने निबंध में नाखून से जुड़े तमाम मुद्दों और पहलुओं को उठाया हैं। इस निबंध को पढ़ते हुए पाठक का मन नाखून के प्रति स्वभावतः गहरे विद्वेष भाव से भर जाता है और नाखून की अनेकों त्रुटियां ऊजागर होकर सामने आती हैं।द्विवेदी जी ने […] Read more » नाखून स्त्री-सौंदर्य
महिला-जगत सामाजिक ढाँचे पर भी गौर करे महिला आयोग September 13, 2012 / September 13, 2012 by अनुशिखा त्रिपाठी | Leave a Comment हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्राथमिक स्तर पर प्रस्ताव पेश कर कहा था कि घरेलू महिलाओं को उनके पतियों की कमाई में १० से २० फ़ीसदी की तय रकम मिलना चाहिए| मंत्रालय अपने इस प्रस्ताव को कानूनी अमलीजामा पहनाने का विचार भी कर रहा है| यह तय रकम एक तरह से […] Read more » women commission महिला आयोग
महिला-जगत राजनीति नरेन्द्र मोदी के स्त्री-कुपोषण के पुंसवादी तर्क September 11, 2012 / September 14, 2012 by सारदा बनर्जी | 2 Comments on नरेन्द्र मोदी के स्त्री-कुपोषण के पुंसवादी तर्क सारदा बनर्जी हाल ही में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी दैनिक ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ को दिए साक्षात्कार में स्त्री-कुपोषण पर बयान दिया कि गुजराती मध्यवर्गीय औरतें स्वास्थ्य की तुलना में सुंदरता के प्रति ज़्यादा जागरुक है। उन्होंने कहा कि यदि मां अपनी बेटी से कहती है कि दूध पीओ तो वह लड़ती है […] Read more » कुपोषण गुजरात नरेंद्र मोदी महिला सौंदर्य
महिला-जगत द्रौपदी: अपने समय का अद्वितीय नारी चरित्र September 7, 2012 / September 7, 2012 by सूर्यकांत बाली | Leave a Comment सूर्यकान्त बाली हर पुरुष प्रधान इतिहासकारों की जमात के पास पूरा मौका द्रौपदी पर आरोप लगाने का था कि वह पांच पुरुषों की पत्नी है और इसलिए दुश्चरित्र है। पर क्या इतिहास द्रौपदी पर ऐसा कोई ओछा आरोप लगाने का दुस्साहस कर सका? द्रोपदी को जुए में हार जाने का क्षुद्र और पाप कर्म करने […] Read more » द्रौपदी
महिला-जगत कानून के डर की बजाए स्वनियमन ही दहेज़ प्रथा को खत्म करेगा September 2, 2012 / September 2, 2012 by अनुशिखा त्रिपाठी | Leave a Comment अनुशिखा त्रिपाठी दहेज़ प्रताड़ना के बढ़ते मामलों के बीच महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दहेज़ हत्या के दोषियों के लिए आजीवन कारावास की मांग करने वाला है| दरअसल देश में दहेज उत्पीड़न के कारण महिलाओं की मौत के मामलों में कमी नहीं आने से नाराज महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दंड कानून में संशोधन के […] Read more » दहेज प्रथा
महिला-जगत कहां ओझल हो गई विस्थापित महिलाएं August 19, 2012 / August 20, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment आलोका यूं तो विस्थापन पूरे विश्व विशेषकर एशिया की व्यापक समस्या है। भारत में भी इसकी जड़ें कम गहरी नहीं है। भारत के लोग विस्थापन की त्रासदी विगत 64 वर्षों से झेल रहे हैं। झारखंड में भी विस्थापन का इतिहास कुछ इतना ही पुराना है। यहां आजादी के बाद से अबतक सैंकड़ों गांवों से लाखों […] Read more »
महिला-जगत लक्ष्य से कहीं भटक न जाए योजना July 2, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment अहमदी खातून हाल ही में बिहार सरकार ने अपने एक अहम फैसले में आंगनबाड़ी केंद्रों के सोशल ऑडिट का जिम्मा महिला स्वयं सहायता समूह को सौंपने का फैसला किया है। राज्य की समाज कल्याण मंत्री परवीन अमानुल्लाह के अनुसार इसके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में सही तरीके से टेक होम राशन मिल रहा है या […] Read more » आंगनवाड़ी