मोटीवेशन है सफल पुलिसिंग की बुनियाद : अमिताभ यश
Updated: December 5, 2015
प्रणय विक्रम सिंह कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड़ हो जो लड़ सका है वो ही तो महान है! हो दया का भाव,…
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जुकरबर्ग से कुछ सीखें
Updated: December 4, 2015
मार्क जुकरबर्ग को कौन नहीं जानता? लेकिन अब जुकरबर्ग को दुनिया के सबसे बड़े दानियों में से जाना जाएगा। यों तो जुकरबर्ग पहले भी करोड़ों…
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राम मंदिर पर सेक्युलर बनती भाजपा
Updated: December 4, 2015
भारतीय जनता पार्टी पर चढ़ती सेकुलरिज्म का बुखार सबका लिए हैरानी भरा है। वो भारतीय जनता पार्टी जिसे 1998 तक हिन्दू-राष्ट्रवादी पार्टी कहा जाता था,…
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यूपी किसी को लगातार दो बार सीएम नहीं बनाता !
Updated: December 4, 2015
अखिलेश के दावों के विपरीत है उत्तर प्रदेश का राजनैतिक इतिहास संजय सक्सेन उत्तर प्रदेश की 16 वीं विधान सभा का कार्यकाल खत्म होने के…
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मैं ब्रह्म नहीं, अल्प, चेतन व बद्ध जीवात्मा हूं
Updated: December 4, 2015
हम इस जड़-चेतन संसार में रहते हैं। यह सारा जगत हमारा परिवार है। सभी जड़ पदार्थ हमें अपने गुणों से लाभ पहुंचाते हैं। हमें पदार्थों…
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बिहार चुनाव बाद बढ़ीं भाजपा की चुनौतियां
Updated: December 4, 2015
मोदी-शाह की रणनीतिक विफलता ने विपक्ष को किया एकजुट -संजय द्विवेदी बिहार चुनाव के परिणामों से सारे देश की राजनीति में एक उबाल आ गया…
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देश की सेवा को सदैव तत्पर आठवें राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण
Updated: December 3, 2015
रामास्वामी वेंकटरमण एक भारतीय विधिवेत्ता, स्वाधीनता कर्मी, राजनेता और देश के आठवें राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति बनने से पूर्व वे करीब चार साल तक भारत के…
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भारत की आगामी राजनीती
Updated: December 3, 2015
मैं अंगरेजी वर्ष २०१५ को भारत के राजनीति में आया एक मोड़ मानूंगा जबकि की बिहार के चुनाव परिणाम ने एक सबक सबों को दिया…
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सहिष्णुता और द्रौपदी
Updated: December 3, 2015
शान्ति का प्रस्ताव लेकर श्रीकृष्ण हस्तिनापुर जाने के लिए तैयार हो गए थे। सिर्फ पाँच गाँवों के बदले शान्ति के लिए पाण्डवों ने स्वीकृति…
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मनुष्यों एवं प्राणियों के जातिभेद ईश्वर व मनुष्यकृत दोनों हैं
Updated: December 3, 2015
मोहन कुमार आर्य ईश्वर ने इस संसार को अपने किसी निजी प्रयोजन से नहीं अपितु जीवों के कल्याणार्थ बनाया है। उसी ने सभी प्राणियों को…
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महर्षि दयानन्द के बहुप्रतिभावान् अद्वितीय शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द
Updated: December 3, 2015
महर्षि दयानन्द (1825-1883) ईश्वर के सच्चे स्वरुप के जिज्ञासु तथा उसकी प्राप्ति के उपायों के अनुसंधानकर्त्ता थे। बाइसवें वर्ष में उन्होंने टंकारा जनपद मोरवी, गुजरात…
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धूप बेचारी
Updated: December 3, 2015
बीनू भटनागर धूप बेचारी, तरस रही है, हम तक आने को। धूल, जीवाणु, विषाक्त गैेसें, उसका रस्ता रोके खड़ी हैं। वायु प्रदूषण के कारण, अब…
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