विविधा मोटीवेशन है सफल पुलिसिंग की बुनियाद : अमिताभ यश

मोटीवेशन है सफल पुलिसिंग की बुनियाद : अमिताभ यश

प्रणय विक्रम सिंह कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड़ हो जो लड़ सका है वो ही तो महान है! हो दया का भाव,…

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विविधा जुकरबर्ग से कुछ सीखें

जुकरबर्ग से कुछ सीखें

मार्क जुकरबर्ग को कौन नहीं जानता? लेकिन अब जुकरबर्ग को दुनिया के सबसे बड़े दानियों में से जाना जाएगा। यों तो जुकरबर्ग पहले भी करोड़ों…

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जन-जागरण राम मंदिर पर सेक्युलर बनती भाजपा

राम मंदिर पर सेक्युलर बनती भाजपा

भारतीय जनता पार्टी पर चढ़ती सेकुलरिज्म का बुखार सबका लिए हैरानी भरा है। वो भारतीय जनता पार्टी जिसे 1998 तक हिन्दू-राष्ट्रवादी पार्टी कहा जाता था,…

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राजनीति यूपी किसी को लगातार दो बार सीएम नहीं बनाता !

यूपी किसी को लगातार दो बार सीएम नहीं बनाता !

अखिलेश के दावों के विपरीत है उत्तर प्रदेश का राजनैतिक इतिहास संजय सक्सेन उत्तर प्रदेश की 16 वीं विधान सभा का कार्यकाल खत्म होने के…

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धर्म-अध्यात्म मैं ब्रह्म नहीं, अल्प, चेतन व बद्ध जीवात्मा हूं

मैं ब्रह्म नहीं, अल्प, चेतन व बद्ध जीवात्मा हूं

हम इस जड़-चेतन संसार में रहते हैं। यह सारा जगत हमारा परिवार है। सभी जड़ पदार्थ हमें अपने गुणों से लाभ पहुंचाते हैं।  हमें पदार्थों…

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राजनीति बिहार चुनाव बाद बढ़ीं भाजपा की चुनौतियां

बिहार चुनाव बाद बढ़ीं भाजपा की चुनौतियां

मोदी-शाह की रणनीतिक विफलता ने विपक्ष को किया एकजुट -संजय द्विवेदी बिहार चुनाव के परिणामों से सारे देश की राजनीति में एक उबाल आ गया…

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विविधा देश की सेवा को सदैव तत्पर आठवें राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण

देश की सेवा को सदैव तत्पर आठवें राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण

रामास्वामी वेंकटरमण एक भारतीय विधिवेत्ता, स्वाधीनता कर्मी, राजनेता और देश के आठवें राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति बनने से पूर्व वे करीब चार साल तक भारत के…

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राजनीति भारत की आगामी राजनीती

भारत की आगामी राजनीती

मैं अंगरेजी वर्ष २०१५ को भारत के राजनीति  में आया एक मोड़ मानूंगा जबकि की बिहार के चुनाव परिणाम ने एक सबक सबों को दिया…

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कला-संस्कृति सहिष्णुता और द्रौपदी

सहिष्णुता और द्रौपदी

      शान्ति का प्रस्ताव लेकर श्रीकृष्ण हस्तिनापुर जाने के लिए तैयार हो गए थे। सिर्फ पाँच गाँवों के बदले शान्ति के लिए पाण्डवों ने स्वीकृति…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्यों एवं प्राणियों के जातिभेद ईश्वर व मनुष्यकृत दोनों हैं

मनुष्यों एवं प्राणियों के जातिभेद ईश्वर व मनुष्यकृत दोनों हैं

मोहन कुमार आर्य ईश्वर ने इस संसार को अपने किसी निजी प्रयोजन से नहीं अपितु जीवों के कल्याणार्थ बनाया है। उसी ने सभी प्राणियों को…

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धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द के बहुप्रतिभावान् अद्वितीय शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द

महर्षि दयानन्द के बहुप्रतिभावान् अद्वितीय शिष्य स्वामी श्रद्धानन्द

महर्षि दयानन्द (1825-1883) ईश्वर के सच्चे स्वरुप के जिज्ञासु तथा उसकी प्राप्ति के उपायों के अनुसंधानकर्त्ता थे। बाइसवें वर्ष में उन्होंने टंकारा जनपद मोरवी, गुजरात…

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कविता धूप बेचारी

धूप बेचारी

बीनू भटनागर धूप बेचारी, तरस रही है, हम तक आने को। धूल, जीवाणु, विषाक्त गैेसें, उसका रस्ता रोके खड़ी हैं। वायु प्रदूषण के कारण, अब…

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