जन-जागरण यह लोकतंत्र नहीं, यह तो ‘शोकतंत्र’ है

यह लोकतंत्र नहीं, यह तो ‘शोकतंत्र’ है

-राकेश कुमार आर्य- लोकतंत्र को सभी शासन प्रणालियों में सर्वोत्तम शासन प्रणाली के रूप में दर्शित किया जाता है। वैसे लोकतंत्र का अर्थ लोक की…

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महत्वपूर्ण लेख टेहर नरेश हरिसिंह ने मनवाया सुल्तानों सेे अपनी वीरता का लोहा

टेहर नरेश हरिसिंह ने मनवाया सुल्तानों सेे अपनी वीरता का लोहा

-राकेश कुमार आर्य- स्वतंत्रता, हमारी सांस्कृतिक धरोहर अग्नि का स्वाभाविक गुण (धर्म) जलाना है, इसलिए अग्नि से किसी को ये कहना नही पड़ता कि-‘हे, अग्निदेवता! …

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विविधा जिन्हें पाकर पुरस्कार मुस्कुराया 

जिन्हें पाकर पुरस्कार मुस्कुराया 

-अनिल द्विवेदी- साल 2000 के फरवरी माह का कोई दिन था। श्वेत-धवल वस्त्रों में लिपटी गौरवर्ण की काया, वात्सल्यमयी मुस्कान लिए विद्वान संपादक के समक्ष…

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कविता नेता  चालीसा

नेता  चालीसा

-रवि श्रीवास्तव- जय जय भारत देश के नेता       तुम्हरी  चालाकी से न कोई जीता तुम हो देश के भाग्य विधाता ,     देश को लूटना तुमको आता…

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आर्थिकी गैस की खैरात बनाम संसदीय राजनीति की साख…

गैस की खैरात बनाम संसदीय राजनीति की साख…

-डॉ. अजय खेमरिया- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का असर देश भर में दिखायी दे रहा है. 31 मार्च 2015 तक…

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जरूर पढ़ें आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ?

आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ?

लक्ष्मी नारायण लहरे-   लोकतंत्र के चैथे स्तंभ के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण अभियान चल रहा है ? समाज की अंतिम व्यक्ति की लड़ाई लड़़ने वाला…

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जरूर पढ़ें इसलिए भी पृथ्वी दिवस मनायें भारतीय

इसलिए भी पृथ्वी दिवस मनायें भारतीय

-अरुण तिवारी- -22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस पर विशेष- यूं तो मैं सीधे-सीधे कह सकता हूं कि 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस, सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ अथवा संयुक्त राज्य…

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जरूर पढ़ें कैसे बना पृथ्वी दिवस ?

कैसे बना पृथ्वी दिवस ?

-अरुण तिवारी- -22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस पर विशेष- भारतीय कालगणना दुनिया में सबसे पुरानी है। इसके अनुसार, भारतीय नववर्ष का पहला दिन, सृष्टि रचना की शुरुआत…

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कविता माँ

माँ

-कुलदीप प्रजापति- जब से जन्मा हूँ माँ मैं तेरे द्वार पर, सारी दुनिया की मुझको ख़ुशी मिल गई। जब से खेला हूँ माँ मैं तेरी…

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कविता सात फेरे – आठ वचन

सात फेरे – आठ वचन

-कुलदीप प्रजापति- बांध रही हूँ जीवन को रिश्तो के पक्के धागों से, प्रियतम वचन निभाना अपने मुकर न जाना वादों से, अंजुरी से अंजुरी थाम…

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जरूर पढ़ें गिलानी की घर वापसी के मौक़े पर श्रीनगर में मचा बवाल

गिलानी की घर वापसी के मौक़े पर श्रीनगर में मचा बवाल

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- हुर्रियत कान्फ्रेंस के एक धड़े के अध्यक्ष सैयद अली गिलानी पिछले तीन चार महीनों से दिल्ली में अपना इलाज करवा रहे…

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धर्म-अध्यात्म वर्ण और जन्मना जाति व्यवस्था तथा हमारा वर्तमान समाज

वर्ण और जन्मना जाति व्यवस्था तथा हमारा वर्तमान समाज

–मनमोहन कुमार आर्य– उपलब्ध ज्ञान के आधार पर यह ज्ञात होता है कि अमैथुनी सृष्टि के प्रथम दिन ही जगत पिता ईश्वर ने अपनी शाश्वत्…

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