कविता आख़िर खुदकुशी करते हैं क्यों ?

आख़िर खुदकुशी करते हैं क्यों ?

आख़िर खुदकुशी करते हैं क्यों ? जिंदगी जीने से डरते हैं क्यों ? फंदे पर लटककर झूले जीवन है अनमोल ये भूले। अपनों को देकर…

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कविता मृगनयनी

मृगनयनी

“मृगनयनी तू किधर से आई, काली मावस रातों में, क्यों उलझाती मेरे मन को, प्यार की झूठी बातों में।।“ रंग-रूप आंदोलित करता हलचल होती कुछ…

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कविता पीड़ा

पीड़ा

कभी किट बन, कभी बीज बन आती हैं पीड़ा कभी बरसात बन के सीने पर करती हैं क्रीड़ा है प्रकृति तुमने ये कैसा तांडव मचा…

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जन-जागरण वेदों का ज्ञान अपौरूषेय अर्थात् ईश्वर प्रदत्त हैः आचार्य धनंजय

वेदों का ज्ञान अपौरूषेय अर्थात् ईश्वर प्रदत्त हैः आचार्य धनंजय

आर्यसमाज सुभाषनगर के वार्षिकोत्सव का आज सोत्साह समापन हुआ। आयोजन में पं. धर्मसिंह ने अपनी भजन मण्डली सहित प्रभावशाली भजन प्रस्तुत किये जिससे वातावरण भक्तिमय…

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जन-जागरण एक कुआं, एक मंदिर, एक श्मसान के मायने

एक कुआं, एक मंदिर, एक श्मसान के मायने

सच्चाई यह है कि संघ आरंभ से हिन्दू समाज की आत्महीनता को दूर करने तथा हिन्दुओं में व्याप्त भेदभाव एवं छुआछूत की भावना को दूर…

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जन-जागरण धर्म के नाम पर अधर्म का उन्माद

धर्म के नाम पर अधर्म का उन्माद

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गत् 19 मार्च को फरख़ंदा नामक एक 27 वर्षीय मुस्लिम लडक़ी को स्वयं को धर्म का ठेकेदार बताने वाले मुस्लिम…

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राजनीति हम हार नहीं मानेंगे! हम लड़ना नहीं छोड़ेंगे!

हम हार नहीं मानेंगे! हम लड़ना नहीं छोड़ेंगे!

​25 मार्च को दिल्ली में मज़दूरों पर जो लाठी चार्ज हुआ वह दिल्ली में पिछले दो दशक में विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस के हमले की…

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व्यंग्य आओ रोग कैश करें

आओ रोग कैश करें

इधर गृहस्थी का भार ढोते-ढोते एचबी कम और बीपी हाई हुआ तो घर में कोहराम मच गया। सभी घर में मुझे एक से एक न…

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महत्वपूर्ण लेख पूर्णत: धर्मांध था तैमूर लंग

पूर्णत: धर्मांध था तैमूर लंग

तैमूर लंग ने भारत पर 1398 ई. में आक्रमण किया। इस विदेशी आततायी का उद्देश्य भी भारत के धर्म और संस्कृति को मिटाकर यहां इस्लाम का झण्डा…

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साहित्‍य पश्चिम का प्रथम हिंदी तीर्थ -त्रिनिदाद का एरी गांव

पश्चिम का प्रथम हिंदी तीर्थ -त्रिनिदाद का एरी गांव

30  मई 1845  का दिन जब भारतीय गिरमिटिया मज़दूरों से भरा  फत्तेल रोज़ाक नाम का जहाज़  16  फरवरी 1845  को कोलकाता से चलकर साढ़े3  महीने की यात्रा पूरी करके त्रिनिदाद…

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जन-जागरण अंतिम जन को खैरात नहीं, खुद्दारी की दरकार

अंतिम जन को खैरात नहीं, खुद्दारी की दरकार

इस दुनिया में यदि कोई सबसे आसान काम है तो वह है, किसी में खामियां निकालना। इस दुनिया में यदि कोई सबसे कठिन काम है,…

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राजनीति नरेंद्र मोदीः देश ने मान लिया दिल्ली कब मानेगी

नरेंद्र मोदीः देश ने मान लिया दिल्ली कब मानेगी

जमीन की जंग में नरेंद्र मोदी उलझ से गए लगते हैं। इसने पूरे विपक्ष को एकजुट तो किया ही है, साथ ही यह छवि भी…

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