विश्ववार्ता अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सामूहिक विफलता का प्रमाण है निरंतर हो रहे अंतरराष्ट्रीय युद्ध

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सामूहिक विफलता का प्रमाण है निरंतर हो रहे अंतरराष्ट्रीय युद्ध

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब वैश्विक समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की स्थापना की, तब उसका मूल उद्देश्य स्पष्ट था—भविष्य में युद्धों…

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राजनीति चुनाव तक तेल की राहत—नीति या राजनीति?

चुनाव तक तेल की राहत—नीति या राजनीति?

भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों, टैक्स ढांचे और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल…

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मनोरंजन हॉट महिलाओं की फेहरिस्‍त में जगह पा चुकी हैं वर्तिका सिंह

हॉट महिलाओं की फेहरिस्‍त में जगह पा चुकी हैं वर्तिका सिंह

पिछले साल 7 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई इमरान हाशमी और यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (2025) को ऑडियंस और क्रीटिक्‍स का काफी अच्‍छा रिस्पॉन्स मिला था।

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समाज डिजिटलीकरण की रफ्तार और ‘डिजिटल जहर’ का खतरा।

डिजिटलीकरण की रफ्तार और ‘डिजिटल जहर’ का खतरा।

हालांकि, इस डिजिटल क्रांति का एक चिंताजनक पहलू भी सामने आ रहा है-‘डिजिटल जहर’ अर्थात मोबाइल और स्क्रीन की बढ़ती लत, जो विशेष रूप से…

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धर्म-अध्यात्म युगों-युगों तक मार्गदर्शन करती रहेगी भगवान महावीर की अमृतवाणी

युगों-युगों तक मार्गदर्शन करती रहेगी भगवान महावीर की अमृतवाणी

भगवान महावीर ने अपने जीवन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि प्रत्येक जीव समान है और हर प्राणी में आत्मा का वास है। उन्होंने…

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राजनीति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से घबराहट के मायने!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से घबराहट के मायने!

यूनाइटेड स्टेट्स कमिशन  ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम  एक स्वतंत्र आयोग एवं सरकारी अभिकरण है जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के दोनों राजनीतिक दलों

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विश्ववार्ता ईरान युद्ध: न तो वैश्विक दादागीरी का समर्थन किया जा सकता है और न ही धार्मिक अधिनायकवाद का

ईरान युद्ध: न तो वैश्विक दादागीरी का समर्थन किया जा सकता है और न ही धार्मिक अधिनायकवाद का

सैन्य आक्रामकता, विशेषकर जब वह भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से प्रेरित हो, से शायद ही कभी मूल समस्याओं का समाधान हो पाता है। इसके विपरीत, यह अविश्वास…

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व्यंग्य अप्रैल फ़ूल बनाया, बड़ा मज़ा आया !

अप्रैल फ़ूल बनाया, बड़ा मज़ा आया !

इतिहास के पन्नों में झांकें तो इस दिन की उत्पत्ति  कई तरीके से पता चलती है। 16वीं शताब्दी के फ्रांस में जब कैलेंडर बदला और नववर्ष एक जनवरी को मनाया जाने लगा, लेकिन कुछ लोग एक अप्रैल को ही नया साल मानते रहे। उन्हें मज़ाक का पात्र बनाया गया और यहीं से “एप्रिल फूल” की परंपरा शुरू हुई। 

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विश्ववार्ता भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

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राजनीति माओवादी मुक्ति से शांति एवं संतुलन की नई संभावनाएं

माओवादी मुक्ति से शांति एवं संतुलन की नई संभावनाएं

लेकिन आज जब बस्तर जैसे माओवादी गढ़ से 25 लाख के इनामी सरगना पापा राव का अपने साथियों सहित आत्मसमर्पण करना एक निर्णायक मोड़ के…

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राजनीति लाल गलियारे का सूर्यास्त: नक्सलवाद मुक्ति के मुहाने पर भारत

लाल गलियारे का सूर्यास्त: नक्सलवाद मुक्ति के मुहाने पर भारत

केंद्र सरकार की वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से निपटने के लिए वर्ष 2015 में शुरु की गई राष्ट्रीय नीति एवं कार्य योजना' ने आज आंतरिक सुरक्षा…

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धर्म-अध्यात्म अहिंसा प्रशिक्षण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव

अहिंसा प्रशिक्षण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव

हिंसा के आंतरिक कारण में सबसे बड़ा पोषक कारण है-तनाव। वही आदमी हिंसा करता है, जो तनाव से ग्रस्त रहता है। हिंसा का दूसरा पोषक…

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