टॉप स्टोरी जम्मू संभाग को भी  कश्मीर बनाने की राष्ट्रघाती साजिश–

जम्मू संभाग को भी कश्मीर बनाने की राष्ट्रघाती साजिश–

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले कुछ दिनों से जम्मू कश्मीर फिर से चर्चा में है । जम्मू संभाग के दस जिलों में से आठ में…

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कविता कैसी आजादी

कैसी आजादी

15 अगस्त 1947  को हुआ भारत आज़ाद  धरती रोई रोया अम्बर और रोया ताज। करोड़ो बेघर हुए लाखो हुए हलाल इतना खून बहा धरती पर…

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शख्सियत माईं एहा पूत जण जेंहों दुर्गादास

माईं एहा पूत जण जेंहों दुर्गादास

13 अगस्त वीर दुर्गादास जयंती पर विशेष भारतीय इतिहास में वीर शिरोमणि दुर्गादास के नाम को कभी परिचय की आवश्यकता नहीं रही. मारवाड़ के इस…

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बच्चों का पन्ना कौवा का स्कूल‌

कौवा का स्कूल‌

                 सिर पर भारी बस्ता लादे,                 कौवा जी पहुँचे स्कूल…

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टॉप स्टोरी छोटे राज्यों की आवश्यकता नही है

छोटे राज्यों की आवश्यकता नही है

राकेश कुमार आर्य अपने राजनीतिक स्वार्थों को साधने के लिए आम चुनाव 2014 से लगभग 8-10 माह पूर्व केन्द्र की संप्रग सरकार ने पृथक तेलंगाना…

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राजनीति राष्ट्रीय सुरक्षा और घिनौनी राजनीति

राष्ट्रीय सुरक्षा और घिनौनी राजनीति

      पिछले शुक्रवार को जम्मू के किश्तवाड़ में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में कई लोग मारे गए। हिन्दुस्तान में दंगे और वो भी जम्मू-कश्मीर…

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विधि-कानून भारत में भ्रष्टाचार क्या शिष्टाचार हो चुका है

भारत में भ्रष्टाचार क्या शिष्टाचार हो चुका है

  डा.राज सक्सेना     देश में आए दिन सत्तारूढ़ दल के खुलने वाले आर्थिक घोटालों के प्रति सत्तारूढ़ दल का बेशर्मी से उसे नकार…

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कविता व्यंग्य  कविता  :  मौके की बात

व्यंग्य कविता : मौके की बात

 मिलन  सिन्हा आधुनिक युग कलयुग तो है ही ‘क्यू’  युग भी है जहाँ  जाइए वहां  क्यू नल पर नहाइए, वहां  क्यू राशन लेना है, क्यू …

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धर्म-अध्यात्म जहां आरती के वक्त आती थी कामधेनु

जहां आरती के वक्त आती थी कामधेनु

शंकर जालान भारत में आदि काल से वृक्षों की पूजा की जाती है। लोगों में आस्था रहती है कि वृक्षों की पूजा करने मात्र से…

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जन-जागरण बिना लड़े शहीद होते सैनिक

बिना लड़े शहीद होते सैनिक

प्रमोद भार्गव                                 दुनिया में शायद भारत ऐसा इकलौता देश…

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आर्थिकी ऋण कृत्वा घृतं पीबेत ।

ऋण कृत्वा घृतं पीबेत ।

जावेद उस्मानी    ‘यावज्जजीवेत सुखं जीवेत           ऋण कृत्वा घृतं पीबेत ।          भस्मी भूतस्य देहस्य पुनरागमनं कुत:”। ‘जब तक जियो सुख से जियो कर्ज…

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विविधा सवाल सिर्फ़ हिंदी का नहीं

सवाल सिर्फ़ हिंदी का नहीं

उमेश उपाध्याय बहस हिंदी और अंग्रेज़ी की कतई नहीं है सवाल सारी गैर अंग्रेज़ी भाषाओँ का हैं. अंग्रेजी अब एक खास तरीके से समाज में…

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