उलटफेर का विंबलडन
Updated: July 10, 2013
रवि कुमार “छवि ” साल 2013 के तीसरे ग्रैंड स्लैम के प्रतिष्ठित विंबलडन में इस बार टेनिस प्रेमियों को सकते में डाल दिया जिसकी…
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फिर ड्रेगेन
Updated: July 10, 2013
चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर चीनी सेना भारतीय सीमा घुस आई। लेह-लद्दाख के चुमर इलाके में घुसकर चीनी…
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श्रेष्ठ संस्कार से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण होता है
Updated: July 10, 2013
किसी भी समाज को चिरस्थायी प्रगत और उन्नत बनाने के लिए कोई न कोई व्यवस्था देनी ही पडती है और संसार के किसी भी मानवीय…
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तुष्टिकरण और भ्रष्ट राजनीति के साइड इफेक्ट
Updated: July 9, 2013
सिद्धार्थ मिश्र”स्वतंत्र” दुनिया भर में शांति एवं अहिंसा के केंद्र के रूप मे मशहूर बोधगया में हुए बम विस्फोटों ने एक बार दोबारा हमारी आंतरिक…
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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता का सवाल?
Updated: July 9, 2013
प्रमोद भार्गव हमारे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री डां मनमोहन सिंह दीक्षांत समारोहों और विज्ञान दिवस के अवसरों पर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता कमजोर होने…
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जम्मू कश्मीर की अनकही कहानी की पृष्ठभूमि
Updated: July 9, 2013
डा० कुलदीप अग्निहोत्री भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक आन्दोलनों का जिक्र आता है और उनकी ऐतिहासिक भूमिका को यथास्थान रेखांकित भी किया जाता है…
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यक्ष-प्रश्न – दूसरी कड़ी
Updated: July 19, 2013
यक्ष (६) – देवतर्पण करनेवालों के लिए कौन वस्तु श्रेष्ठ है? पितरों का तर्पण करनेवालों के लिए क्या श्रेष्ठ है? प्रतिष्ठा चाहनेवालों के लिए…
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मुलायम सिंह जी आपको कौन धोखा दे सकता है?
Updated: July 9, 2013
इक़बाल हिंदुस्तानी आपको तो सियासत में खुद धोबीपाट मारने में महारत हासिल है! सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि कांग्रेस की यूपीए…
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सुदृढ़ भारत की जरूरत है युवा नेतृत्व
Updated: July 9, 2013
हितेश शुक्ला छात्र कल का नहीं आज का नागरिक है। यह दर्शन विकसित करने वाले छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना आज 9…
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मछली पालन कला है और खेल भी
Updated: July 9, 2013
आलोका, झारखंड किसी भी इलाकें के विकास के लिए केवल सरकार की योजनाएं ही काफी नहीं है। यदि समुदाय चाहे तो सरकारी योजनाओं का इंतजार…
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पहाड़ी भाषा का मिटता अस्तित्व
Updated: July 9, 2013
ख्वाजा परवेज दिलबर भाषा न केवल विचारों को अभिव्यक्त करने का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन है बल्कि यह किसी भी समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान…
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अव्यक्त चाँद
Updated: July 8, 2013
अपनी पूरी व्याकुलता और बैचेनी के साथ किसी पूर्णिमा में चाँद उतर आता था साफ़ नर्म हथेली पर अपनी बोल भर लेनें की क्षमता के…
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