विश्वरूपम को लेकर उठा विवाद – कुलदीप चंद अग्निहोत्री
Updated: February 2, 2013
कमल हासन ने अपनी सारी जमा पूँजी लगा कर एक फ़िल्म बनाई विश्वरूपम । एक मोटे अनुमान के अनुसार भी इस फ़िल्म के निर्माण…
Read moreगजल- सत्येन्द्र गुप्ता
Updated: February 2, 2013
मन लगा यार फ़कीरी में क्या रखा दुनियादारी में ! धूल उड़ाता ही गुज़र गया तो क्या रखा फनकारी में ! वो गुलाब बख्शिश में…
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प्रधानमंत्री उम्मीदवार के लिए इतना मंथन क्यों
Updated: February 2, 2013
राघवेंद्र प्रसाद मिश्र लोकसभा चुनाव 2014 में होने हैं और इसके मध्य चुनाव होने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे है। ऐसे समय…
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देश को बदनाम करती बेलगाम कट्टरपंथी ताक़तें
Updated: February 2, 2013
निर्मल रानी भारत में विभिन्न धर्मों में सक्रिय कट्टरपंथी शक्तियां अपने ज़हरीले व नापाक अभियान को आगे बढ़ाने में अपनी पूरी ताक़त झोंके हुए हैं।…
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कविता – यायावर
Updated: February 2, 2013
वह मेरे खाने के पीछे पड़ा था जब मैं खाना चाहता था अपना रुखा-सूखा खाना । वह मेरी नींद चुराना चाहता था जब मैं…
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मिलो और मुस्कराओ
Updated: February 2, 2013
आखिर जिस बात का अंदेशा था वही हुआ|रमाकांत की म्रृत्यु के बाद उनके दोनों बेटों में ठन गई|मां रेवती के लाख समझाने पर भी राधाकांत…
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लोकपाल विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी
Updated: February 2, 2013
भारत में किसी भी निकाय को स्वायतता या स्वतन्त्रता की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत में स्वायतता का कोई अभिप्राय: ही नहीं है| जो…
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चिन्ह
Updated: February 2, 2013
कोई अविगत “चिन्ह” मुझसे अविरल बंधा, मेरे अस्तित्व का रेखांकन करता, परछाईं-सा अबाधित, साथ चला आता है । स्वयं विसंगतिओं से भरपूर मेरी अपूर्णता…
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अटलजी का भारतीय राजनीति में योगदान
Updated: February 1, 2013
देवेश खंडेलवाल गीता का महत्व सबके लिए तथा हमेशा के लिए है क्योंकि यह जिंदगी के तीन मूलभूत सवालों का संतोषजनक उत्तर देती है. हम…
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सम्मान तलाशती नारी का ‘नुमाईशी’ बनता शरीर
Updated: February 1, 2013
निर्मल रानी देश की राजधानी दिल्ली में गत् 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना ने जहां पूरे देश में नारी उत्पीडऩ के विषय…
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कौन किसको क्या कहे . ।
Updated: February 1, 2013
कामिनी कामायनी रायगा है उनकी महफिल,है वहाँ दीवाने सब , बेरहम,महरुम बंदे ,बदगुमानी से है भरे । किसको है फुर्सत यहाँ पर ,बज्म का देखे…
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सू्र्यदेव का स्वागत
Updated: February 1, 2013
सू्र्यदेव का स्वागत मै बाँहें फैला कर करता हूँ, आग़ोश मे लेलूँ सूरज को, महसूस कभी ये करता हूँ। उदित भास्कर की किरणे, जब…
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