राजनीति कांग्रेस देश के लिए अभिशाप या वरदान

कांग्रेस देश के लिए अभिशाप या वरदान

लॉर्ड मैकाले ने 1830 में अपनी शिक्षा प्रणाली को भारत में लागू करके अपनी मां के लिए एक पत्र में लिखा था कि अगले 30…

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सिनेमा मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता का प्रदर्शन

मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता का प्रदर्शन

पियूष द्विवेदी इस वर्ष अप्रैल में हमारी भारतीय सिनेमा ने अपने सौ वर्ष पूरे कर लिए| इन सौ वर्षों के मध्य तमाम उतारों-चढावों से गुजरते…

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पुस्तक समीक्षा चर्च में दलित र्इसाइयों के शोषण का आर्इना है उपन्यास ‘बुधिया…….

चर्च में दलित र्इसाइयों के शोषण का आर्इना है उपन्यास ‘बुधिया…….

झांसी:- नगर के जनवादी लेखक पीबी लोमियो के उपन्यास ‘बुधिया एक सत्यकथा का विमोचन राजकीय संग्रहालय सभागार में एससी कुल्हारे के मुख्य आतिथ्य व वरिष्ठ…

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राजनीति दास्ताँ-ए-सियासत (३)

दास्ताँ-ए-सियासत (३)

बाबा की राजनीतिक कुंठा सामने आ रही है बाबा रामदेव जो न करें कम ही है| कभी पुणे में सांकेतिक भाषा में कहते हैं कि…

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गजल गजल:जा पहुंचा चांद पर मैं जिसे पूजता रहा…..

गजल:जा पहुंचा चांद पर मैं जिसे पूजता रहा…..

-इक़बाल हिंदुस्तानी माली ख़फ़ा ना हो कहीं ये सोचता रहा, लुटता हुआ मैं अपना चमन देखता रहा।   दुश्मन की ज़द से खुद को बचाना…

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धर्म-अध्यात्म अंतहीन है दरगाह दीवान और खादिमों का विवाद

अंतहीन है दरगाह दीवान और खादिमों का विवाद

महान सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान और ख्वाजा साहब के सज्जादानशीन सैयद जेनुअल आबेदीन और खादिमों के बीच वर्षों से…

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श्रेय के लिए समीक्षा के बहाने शिलान्यास

प्रमोद भार्गव हमारे राजनेताओं में श्रेय लेने की होड़ इस हद तक हावी हो गर्इ है कि वे बाला-बाला योजना का समीक्षा के बहाने शिलान्यास…

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राष्ट्र निर्माण से जुड़े साधु समाज

प्रमोद भार्गव साधु समाज की रचनात्मकता से जुड़ी एक खबर सामने आर्इ है। गंगा नदी में प्रदूषण के खिलाफ जंतर मंतर पर द्वारिका पीठ के…

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व्यंग्य उन्होंने तय कर लिया है

उन्होंने तय कर लिया है

विजय कुमार अभी सुबह ठीक से हुई भी नहीं थी। प्रातःकालीन चाय का तीसरा कप मेरे हाथ में था कि शर्मा जी टपक पड़े। उनके…

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विविधा खाद्य वस्तुएं नहीं तो कम से कम दवा-इलाज ही सस्ते हों

खाद्य वस्तुएं नहीं तो कम से कम दवा-इलाज ही सस्ते हों

तनवीर जाफरी  23 अगस्त 1979 का वह दिन मुझे आज भी भलीभांति याद है जबकि मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता के नाते अपने कई साथियों के…

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राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

लिमटी खरे  युवराज की हुंकार से नींद उड़ी मनमोहन की! कांग्रेसियों के लिए यह संतोष और हर्ष की बात हो सकती है कि युवराज राहुल…

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कला-संस्कृति पावापुरी भगवान महावीर की निर्वाण स्थली, स्याद्वाद और आधुनिक विचारधाराएं

पावापुरी भगवान महावीर की निर्वाण स्थली, स्याद्वाद और आधुनिक विचारधाराएं

राजीव रंजन प्रसाद वहाँ मैं बहुत देर तक आँखे बंद किये बैठा रहा। भगवान महावीर के निर्वाण स्थल पावापुरी पहुँच कर हृदय को यह सु:खद…

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