राजनीति वनवास और त्याग से साकार होगा रामराज्य

वनवास और त्याग से साकार होगा रामराज्य

भारत विकास संगम के समापन सत्र में संगम के संरक्षक माननीय के.एन. गोविन्दाचार्य ने मंचस्थ पूज्य सिद्धेश्वर स्वामी, प्रमुख संतजन, सम्मानित अतिथि गण, मातृ शक्ति…

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राजनीति जन-क्रांति की रक्षा करना भी जनता का कर्तव्य है

जन-क्रांति की रक्षा करना भी जनता का कर्तव्य है

श्रीराम तिवारी एक लोक कथा है ……एक गाँव में खेती किसानी करने वाले किसान रहते थे, उस गाँव में एक जमींदार हुआ करता था. गाँव…

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विविधा मजबूरी नहीं हाईप्रोफाइल धंधा बन गया है देहव्यापार

मजबूरी नहीं हाईप्रोफाइल धंधा बन गया है देहव्यापार

विनोद उपाध्याय पिछले एक सप्ताह में हमें दो खबरे पढऩे को मिली। एक तो यह की जेएनयू में किस तरह सेक्स रैकेट का जाल फैल…

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विविधा मंडला में हर साल नर्मदा जयंती पर होगा भव्य आयोजन-शिवराज सिंह चौहान

मंडला में हर साल नर्मदा जयंती पर होगा भव्य आयोजन-शिवराज सिंह चौहान

मनोज मर्दन त्रिवेदी की रिपोर्ट पवित्र नर्मदा तट मंडला में जो सामाजिक कुंभ आयोजित किया गया है निश्चित रूप से इससे अमृत निकलकर आयेगा। इस समाजिक…

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विविधा धार्मिक उन्माद फैला रहा है जॉन दयाल

धार्मिक उन्माद फैला रहा है जॉन दयाल

जैसे-जैसे नर्मदा कुम्भ की तारीख नजदीक आ रही है, मध्यप्रदेश के ईसाई नेताओ की घबराहट ब़ढ रही है। नर्मदा के किनारे आयोजित किए जा रहे…

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विधि-कानून छत्तीसगढ़ को लग रहा है पुलिसिया ग्रहण?

छत्तीसगढ़ को लग रहा है पुलिसिया ग्रहण?

गिरीश पंकज देश के अनेक शहरों की तरह छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी इन दिनों पुलिसिया ग्रहण-सा लग गया है. एक पुलिस अधिकारी कोहराम…

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राजनीति नाजुक, कोमल माओवादी !

नाजुक, कोमल माओवादी !

– विश्वरंजन नक्सली माओवादियों के गुप्त शहरी संगठनों में आपको बड़े तादाद में ऐसे माओवादी मिल जाएँगे, जिन्हें हम नाजुक, कोमल माओवादी कह सकते हैं।…

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राजनीति मीडिया का गॉसिपतंत्र और असहाय माकपा

मीडिया का गॉसिपतंत्र और असहाय माकपा

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी मीडिया में व्यक्तित्वहनन एक बड़ा फिनोमिना है। यह मीडिया का चूरन है। गॉसिप है। कुछ लोग इसे चरित्रहनन और अपमान भी कहते हैं।…

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विविधा ये महाघोटालों का मौसम है

ये महाघोटालों का मौसम है

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अब तक राजा था, अब महाराजा है। ए राजा ने अपनी चहेती कंपनियों को लाइसेंस दिए और देश के पौने दो लाख…

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विविधा राष्ट्रहित में बाधक काला धन

राष्ट्रहित में बाधक काला धन

अमल कुमार श्रीवास्तव आम जनता काले धन से जितना आर्थिक रूप से चिंतित है उससे कहीं अधिक सफेदपोशों द्वारा विदेशों में जमा किए जा रहें…

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विविधा भ्रष्‍टाचार से जर्जर होता भारत

भ्रष्‍टाचार से जर्जर होता भारत

ए एन शिबली भारत में घपले और घोटाले कोई नई बात नहीं हैं। दुनिया के दूसरे देशों में भी घपले होते हैं मगर भारत में…

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राजनीति पूंजीवाद से बेहतर है साम्यवाद -रूमानियाई रिफ्रेंडम का सार …

पूंजीवाद से बेहतर है साम्यवाद -रूमानियाई रिफ्रेंडम का सार …

श्रीराम तिवारी वैश्विक आर्थिक संकट के परिणामस्वरूप जनांदोलनों की दावाग्नि वैसे तो सारी धरती को अंदर से धधका रही है. आधुनिकतम सूचना एवं संचार माध्यमों…

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