विविधा कालजयी महानायक स्वामी विवेकानंद

कालजयी महानायक स्वामी विवेकानंद

गिरीश पंकज स्वामी विवेकानंद के जीवन की शुरुआत देखें तो अद्भुत रोमांच होता है। कैसे एक संघर्षशील नवयुवक धीरे-धीरे महागाथा में तब्दील होता चला जाता…

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विविधा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद

युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद

अवनीश सिंह स्वामी विवेकानंद ने भारत में हिन्दू धर्म का पुनरुद्धार तथा विदेशों में सनातन सत्यों का प्रचार किया। इस कारण वे प्राच्य एवं पाश्चात्य देशों…

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सार्थक पहल जिला विकास संगम का संदर्भ एवं स्वरूप

जिला विकास संगम का संदर्भ एवं स्वरूप

के.एन. गोविन्दाचार्य प्रत्येक देश एवं समाज की एक तासीर होती है जो उसके इतिहास एवं भूगोल से बनती चली जाती है। इसे ही संस्कृति या…

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कहानी कहानी : प्रैक्टिकल

कहानी : प्रैक्टिकल

-चैतन्य प्रकाश “यह सब झूठ है, बेबुनियाद है, मेरे राजनैतिक विरोधियों की चालबाजी है।” फोन पर उत्तर देते हुए श्याम सुंदर ने कहा। उसके चेहरे…

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पर्यावरण विकास बनाम पर्यावरण

विकास बनाम पर्यावरण

सतीश सिंह सच कहा जाए पर्यावरण को बचाना 21वीं सदी का सबसे ज्वलंत मुद्दा है। लेकिन विश्‍व के किसी देश का ध्यान इस ओर नहीं…

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राजनीति सियासत और सेक्स की कॉकटेल-कथा-2

सियासत और सेक्स की कॉकटेल-कथा-2

मोहब्बत के बदले मौत… यौन शोषण की तोहमतों के घेरे में आए तीन विधायकों की `प्रेम? कथा’ आपने पढ़ी, अब बारी है, एक ऐसी ही…

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संगीत ठेठ गंवई लोकचेतना का पुरोधा नहीं रहा

ठेठ गंवई लोकचेतना का पुरोधा नहीं रहा

शिवानन्द द्विवेदी भोजपुरी संगीत का एक बुलंद आवाज अब हमेशा के लिए थम गया। भोजपुरी की इस अपूरणीय क्षति से समूचा भोजपुरी समाज स्तब्ध है।…

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विविधा लोकगायक बालेश्वर: ‘माटी के देहियां माटी में’

लोकगायक बालेश्वर: ‘माटी के देहियां माटी में’

प्रदीप चन्द्र पाण्डेय लोकगायक बालेश्वर को शायद यह पता नहीं था कि ‘ माटी के देहिया माटी में’ जिस गीत को वे डूबकर गाया करते…

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विविधा अनूठे गौ सेवक भाईजी

अनूठे गौ सेवक भाईजी

आशीष कुमार ‘अंशु’ ‘कुल्लू के अंदर दूध ना देने वाली गाएं किसानों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रहीं हैं, इसी प्रकार बिलासपुर, मंडी में…

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प्रवक्ता न्यूज़ सोशल मीडिया को और प्रासंगिक कैसे बनाएं

सोशल मीडिया को और प्रासंगिक कैसे बनाएं

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी फेसबुक और दूसरे सोशल नेटवर्क पर आकर्षक और प्रासंगिक विषयवस्तु की समस्या बनी हुई है। हिन्दी वाले सोशल नेटवर्क पर ज्यादातर व्यक्तिगत खोजखबर…

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कविता कविता / मन का शृंगार

कविता / मन का शृंगार

काश। एक कोरा केनवास ही रहता मन…। न होती कामनाओं की पौध न होते रिश्तों के फूल सिर्फ सफेद कोरा केनवास होता मन…। न होती…

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विविधा द्रोणाचार्य या चाणक्य?

द्रोणाचार्य या चाणक्य?

शशांक शेखर सर्वविदित है कि भारत विविधताओं का देश रहा है। यहाँ गुरु को गोविन्द से ऊपर का स्थान दिया जाता है। भारत सदैव अपने…

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