एक सामाजिक प्रश्नः बिन फेरे हम तेरे
Updated: December 24, 2011
परिवार नाम की संस्था को बचाने आगे आएं नौजवान भारत और उसकी परिवार व्यवस्था की ओर पश्चिम भौंचक होकर देख रहा है। भारतीय जीवन की…
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कानू सान्याल: एक सफल योद्धा का असफल अंत
Updated: December 24, 2011
“नक्सल आंदोलन के जनक कानू सान्याल ने खुदकुशी की.”यह पढकर मेरे मन में तरह-तरह की भावनाएं हिलोरें लेने लगी, जिसको शब्द देना संभव ही नहीं…
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साध्वी एक कदम आगे दो कदम पीछे!
Updated: December 24, 2011
भारतीय जनशक्ति पार्टी की सुप्रीमो उमाश्री भारती ने अपने ही दल से त्याग पत्र दे दिया है, यह खबर चौंकाने वाली ही मानी जाएगी। मीडिया…
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स्कूली बच्चों से गए गुजरे हैं ”जनसेवक”
Updated: December 24, 2011
देश की जनता जिन पर भरोसा कर उन्हें जनादेश देकर देश की सबसे बडी पंचायत ”लोकसभा” में अपने भविष्य के सपने गढने की गरज से…
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छत्तीसगढ़: राजनेता बनाम नौकरशाह
Updated: December 24, 2011
छत्तीसगढ़ की पिछली सरकार अपनी पारी पूरे करने जा रही है. बस चंद दिन शेष हैं. कुछ अन्य लोगों के साथ यह लेखक भी मुख्यमंत्री…
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नक्सलवाद और मीडिया
Updated: December 24, 2011
छत्तीसगढ़ के एक प्रादेशिक चैनल में काम करते हुए एक बार नक्सलियों के विचारों और कार्यशैली को जानने का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान नक्सलियों…
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कानू सान्यालः विकल्प के अभाव की पीड़ा
Updated: December 24, 2011
कुछ ही साल तो बीते हैं कानू सान्याल रायपुर आए थे। उनकी पार्टी भाकपा (माले) का अधिवेशन था। भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार मनोहर चौरे ने…
Read moreसंचार क्रांति और पोर्न उद्योग
Updated: December 24, 2011
सन् 1994 मे नेटस्केप नामक मल्टीमीडिया कंपनी द्वारा वर्ल्ड वाइड वेब शुरू करने के साथ ही पोर्न ने विश्वव्यापी उद्योग की शक्ल लेली। कुछ तथ्य…
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डॉ. लोहिया का इतिहास चिंतन – डॉ. मनोज चतुर्वेदी
Updated: December 24, 2011
इतिहास की अवधारणा एवं उसकी प्रकृ ति पर अनेक मौलिक चिंतन हुए हैं। विभिन्न धर्मों और संप्रदायों में इतिहास की पौराणिक परिकल्पनाओं का प्रस्थान बिंदू…
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महिला आरक्षण के विरोधियों के सारहीन कुतर्क – धाराराम यादव
Updated: December 24, 2011
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गत 08 मार्च को संप्रग सरकार द्वारा लोक सभा एवं राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित…
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स्त्री की गुलामी का वातावरण है पोर्नोग्राफी
Updated: December 24, 2011
अनेक अर्थों में पोर्न नैतिक मानदण्डों का उल्लंघन करती है। लोगों को स्वायत्त बनाती है। जिन विचारकों ने मालिक-गुलाम के संबंधों के नजरिए से पोर्न…
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ग्रीन हाउस गैस और पर्यावरण से उपजी समस्या – मनोज श्रीवास्तव ‘मौन’
Updated: December 24, 2011
विकास के नाम पर सभी देशों में वनों को काटने में जरा भी कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हरी पहाड़ियों की हरियाली छीनकर सड़कों…
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