ईश्वर

ईश्वर अनादि काल से हमारा साथी है और हमेशा रहेगा

-मनमोहन कुमार आर्यअथर्ववेद के एक मन्त्र ‘अन्ति सन्तं न जहात्यन्ति सन्तं न पश्यति। देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति।।’...

ईश्वर हमारे कर्मानुसार ही हमें मनुष्यादि जन्म तथा सुख दुख देते हैं

-मनमोहन कुमार आर्यहम लोगों का जन्म मनुष्य के रूप में स्त्री या पुरुष किसी एक जाति में हुआ है। यह...

ईश्वर अनादि, जगत का कर्ता एवं जड़-चेतन जगत का स्वामी है

-मनमोहन कुमार आर्यऋषि दयानन्द जी ने सत्यार्थप्रकाश के सप्तम समुल्लास के आरम्भ में ऋग्वेद के 4 और यजुर्वेद के एक...

ईश्वर के सत्यस्वरूप को जानकर ही उपासना करना उचित है

-मनमोहन कुमार आर्यबहुत से मनुष्य ईश्वर को मानते हैं, उसमें श्रद्धा व आस्था भी रखते हैं परन्तु ईश्वर के सत्य...

एक ईश्वर ही सृष्टि का उत्पत्तिकर्ता, पालक एवं जीवात्माओं का मुक्तिदाता है

-मनमोहन कुमार आर्यहम अपने जीवन के प्रथम दिन से ही इस सृष्टि को अपनी आंखों से देख रहे हैं। इस...

स्वयं सिद्ध ईश्वर को हम अपने ज्ञान के नेत्रों से देख सकते हैं

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य इस संसार में भौतिक स्थूल पदार्थों, जो आकार वाले हैं, उन्हें ही अपनी आंखों से देख पाता...

ईश्वर सृष्टि उत्पत्ति सहित सभी अपौरुषेय कार्य जीवों के कल्याणार्थ करता है

-मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में तीन मूल सत्तायें हैं जिन्हें हम ईश्वर, जीव तथा प्रकृति के नाम से जानते...

यम नियमों का पालन किये बिना भक्ति व उससे लाभ होना असम्भव

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य ईश्वर का बनाया हुआ एक चेतन प्राणी है जिसके पास पांच ज्ञान एवं पांच कर्म इन्द्रियों से...

ईश्वर एक सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वव्यापक तथा सर्वान्तर्यामी सत्ता है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हमारा यह संसार एक सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, अनादि, नित्य तथा सर्वशक्तिमान सत्ता से बना है। ईश्वर में...

सृष्टि बनाकर हमें मनुष्य जन्म एवं सुख आदि देने से ईश्वर उपासनीय है

-मनमोहन कुमार आर्य                 हम मनुष्य हैं। हमें यह मनुष्य जन्म परमात्मा ने दिया है। जन्म व मृत्यु के मध्य...

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