ईश्वर

“ईश्वर हमें अन्धकार से हटाकर ज्ञानरूपी प्रकाश को प्राप्त कराये”

–मनमोहन कुमार आर्य, जीवात्मा और परमात्मा का व्याप्य-व्यापक सम्बन्ध है। जीवात्मा में ईश्वर व्यापक है

“ऋषि दयानन्द का नर्मदा के स्रोत की ओर प्रस्थान की घटना उन्हीं के शब्दों में”

मनमोहन कुमार आर्य, रामलाल कपूर ट्रस्ट, बहालगढ़ (सोनीपत-हरयाणा) ने पं. भगवद्दत्त जी, रिसर्च स्कालर लिखित

‘ईश्वर का न्याय आदर्श न्याय है जिसमें सभी मनुष्यों के शुभाशुभ कर्मों का सुख व दुःख रूपी फल मिलता हैः डा. नवदीप कुमार’

-मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज धामावाला, देहरादून ऋषि दयानन्द के कर कमलों से स्थापित आर्यसमाज है

“सृष्टि रचना, उसका पालन एवं सृष्टि की अपौरुषेय रचनाएँ ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण”

मनमोहन कुमार आर्य,  हम संसार में अनेक रचनायें देखते हैं। रचनायें दो प्रकार की होती

“ईश्वरीय ज्ञान वेद की मान्यतायें ही विज्ञान की भांति सार्वभौमिक व सार्वकालिक मनुष्यमात्र का धर्म”

मनमोहन कुमार आर्य, हमारी इस सृष्टि की रचना सर्वव्यापक ईश्वर ने की है जो सच्चिदानन्दस्वरूप,