ईसाई

केरल में बढ़ती हिंसा चिंताजनक

केरल के मुसलमान आज भी बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में काम के लिए जाते हैं। इससे उनके घर तथा मस्जिदें सम्पन्न हुई हैं। उनकी भाषा, बोली और रहन-सहन पर भी अरबी प्रभाव दिखने लगा है। यह चिंताजनक ही नहीं, दुखद भी है। देश विभाजन की अपराधी मुस्लिम लीग को देश में अब कोई नहीं पूछता, पर जनसंख्या और धनबल के कारण केरल में आज भी उनके विधायक और सांसद जीतते हैं।

कंधमाल: सांप्रदायिक धुव्रीकरण नई चुनौती

-आर.एल.फ्रांसिस राष्‍ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष एच.टी.सगलानियॉ ने कंधमाल पीड़ितों के पुर्नवास के लिए उठाये