राष्ट्रपति चुनाव

राष्ट्रपति चुनावों में अब राम बनाम मीरा का मुकाबला

 कोविंद की सबसे बड़ी विशेषता यह भी है कि वह बेहद सरल स्वभाव के मिलनसार और खुले दिल वाले तथा संविधान विशेषज्ञ भी है। भाजपा ने कोविंद को  राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर यह साबित कर दिया है कि अब भाजपा में उन्हीं लोगों का नाम आगे आया करेगा जो कि मीडिया की चर्चा से कोसों दूर रहा करेंगे । राष्ट्रपति पद के लिए मीडिया में तरह- तरह के नामों की चर्चा चल रही थी लेकिन पीरएम मोदी ने आखिरकार सभी को चौंका कर रख दिया।

जारी है राष्ट्रपति चुनाव की कशमकश

संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों और राज्यों के विधायी विधानसभाओं और दिल्ली और पुडुचेरी के संघ शासित प्रदेशों के निर्वाचित सदस्यों से मिलकर भारत के राष्ट्रपति का चुनाव करता है। निर्वाचन मंडल की कुल ताकत 10 98,882 है और एनडीए के पास 53,1442 की ताकत है, 54,9442 के बहुमत से सिर्फ 18,000 वोटों की कमी हो रही है।