हामिद अंसारी: अभिव्यक्ति या षड्यंत्र 

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इस देश में, चर्चा का एक जीवंत विषय रही है. किंतु पिछले तीन वर्षों से इस विषय का वितान व विस्तार कुछ विचित्र और कुछ अजब सा हुआ है. आज के समय में मीडिया के सीमित दृष्टिकोण (फोकस्ड) ने कुछ भी कहने, सुनने, लिखने को पार्टी विशेष के प्रति निष्ठा कहना प्रारंभ… Read more »

यह कैसा कट्टरवाद ?

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जब प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि “सबका साथ एवं सबका विकास” ही सशक्त राष्ट्र निर्माण का मार्ग है तो ऐसे वातावरण में यह अत्यंत विचारणीय तथ्य है कि उपराष्ट्रपति जैसा उच्चपद भी कट्टरवाद के कारण उच्च शिक्षित मुसलमान को भी राष्ट्र की मुख्यधारा में समाहित करने में असफल रहा। लेकिन यह तो सोचना… Read more »

सहिष्‍णु देश में हामिद अंसारी की असहिष्‍णुता

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डॉ. मयंक चतुर्वेदी विश्‍वभर में भारत में मुसलमान कितने सुरक्षित एवं सफल हैं यह सदियों से किसी से छिपी बात नहीं है, किंतु इसके बाद भी जब किसी न किसी तरह देश के बहुसंख्‍यक समाज को कटघरे में खड़ा किया जाता है तब अवश्‍य यह  यक्ष प्रश्‍न उभरकर आता है कि आखिर देश के अब पूर्व उपराष्ट्रपति हो चुके… Read more »