Arunachal Pradesh

दलाई लामा पर चीन की चिढ़न

चीन को यह गलतफहमी हो गई है कि भारत उससे सख्त नाराज हो गया है। एक तो मसूद अजहर को संयुक्तराष्ट्र संघ में आतंकवादी घोषित करने का विरोध करने के कारण, दूसरा भारत को परमाणु सप्लायर्स ग्रुप का सदस्य नहीं बनने देने के कारण और तीसरा, पाकिस्तान के कब्जाए कश्मीर में से सड़क निकालने के कारण। अपनी नाराजी जाहिर करने के लिए भारत ने अब दलाई लामा को उछाला है, ऐसा चीन मानता है।

अरुणाचल पर चीन का बार-बार दुस्‍साहस नेहरू की देन

चीन लगातार यह दावा पेश कर रहा है कि अरुणाचल प्रदेश चुंकि तिब्बत से लगा क्षेत्र है, इसलिए वह भारत का नहीं उसका हिस्‍सा है, जबकि सत्‍य यही है कि चीन का क्षेत्र तो तिब्‍बत भी नहीं है, वहां की निर्वासित सरकार भारत में शरणार्थी के रूप में इजरायलियों की तरह अच्‍छे दिन आने का इंतरजार करते हुए स्‍वतंत्र तिब्‍बत इस दिशा में विश्‍व जनमत तैयार करने के लिए प्रयास कर रही है।

अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच हो रहा है दो दलीय राजनीति का धुवीकरण

अरुणाचल प्रदेश की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से दो दलों के ध्रुवीकरण की ओर बढ रही है और शायद पूर्वोत्तर भारत में यह पहला राज्य है जहां यह ध्रुवीकरण कांग्रेस और भाजपा की बीच हो रहा है। पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में इस प्रकार का ध्रुवीकरण कांग्रेस और वहां के क्षेत्रीय दलों में विद्यमान है।