राजनीति समाजवाद पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों का कैसा स्वरूप है सुशासनी बिहार ? January 27, 2014 / January 27, 2014 by आलोक कुमार | 2 Comments on समाजवाद पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों का कैसा स्वरूप है सुशासनी बिहार ? -आलोक कुमार- सुशासन बाबु (नीतीश कुमार) इसके लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं कि देश और बिहार की जनता उन्हें सिद्धांतवादी स्वीकार करे। इसलिए वे बीच-बीच में समाजवाद, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया इत्यादि का नाम भी उच्चारित करते रहते हैं। लेकिन देश की जनता, विशेषकर बिहार की जनता उनकी असलियत से वाकिफ़ हो चुकी है कि उनके खाने के […] Read more » bihar Nitish Kumar समाजवाद पर आधारित लोकतांत्रिक मूल्यों का कैसा स्वरूप है सुशासनी बिहार ?
राजनीति समग्र विकास का दावा छलावा नहीं तो और क्या है ? January 22, 2014 / January 22, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on समग्र विकास का दावा छलावा नहीं तो और क्या है ? -आलोक कुमार- सामाजिक समीकरणों से सत्ता को साधने की कोशिश कोई स्थायी नतीजे नहीं दे सकती, बल्कि एक ऐसी राजनीतिक दिशा का निर्माण करती है जिसमें जनता को “सताया” ज्यादा जाता है और जनता की “सेवा” कम की जाती है। आज यही हो रहा है बिहार में। आजकल बिहार में एक और महत्त्वपूर्ण ‘मिशन’ जारी है […] Read more » bihar Nitish Kumar समग्र विकास का दावा छलावा नहीं तो और क्या है ?
विविधा इस बिहार का विकास क्यूं नहीं October 20, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सरिता कुमारी पिछले कुछ दशकों में देश के जिन राज्यों ने विकास की नई परिभाषा गढ़ी है उनमें बिहार का नाम सबसे उपर लिखा जा सकता है। कभी कुव्यवस्था और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाला बिहार अब विकास की नई उचांईंयां छू रहा है। देश के कई नामी-गिरामी औद्योगिक घरानों ने राज्य में भारी निवेश […] Read more » bihar बिहार
स्वास्थ्य-योग बिहार के बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में सरकार की स्वास्थ्य नीति October 13, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment निशात खानम बिहार के बदलते परिदृश्य का समाज के सभी वर्गों ने स्वागत किया है। आशाओं और आंकाक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा ध्यान दिया है उनमें स्वास्थ्य सेवा भी शामिल है। इनके लिए सरकार ने जमीनी स्तर से योजनाओं को अमल में लाना शुरू किया है। प्राथमिक चिकित्सालयों, जिला […] Read more » bihar बाढ़ स्वास्थ्य
समाज साहित्य बिहार में ठहराव की स्थिति में दलित आंदोलन व साहित्य April 15, 2011 / December 14, 2011 by संजय कुमार | 1 Comment on बिहार में ठहराव की स्थिति में दलित आंदोलन व साहित्य संजय कुमार बिहार में महाराष्ट्र की तरह दलित आंदोलन तो नहीं दिखता है, लेकिन यहां की जमीन, दलित उत्पीड़न-जुल्म-सितम और दलित चेतना-अवचेतना से भरी पड़ी है। देशा के अन्य भागों की तरह बिहार के दलित अभी भी हाशिए पर हैं। दलित आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की तरह कोई बड़ा आंदोलन यंहा नहीं दिखता है। लेकिन […] Read more » bihar दलित विमर्श दलित साहित्य बिहार
राजनीति बिहार की कसौटी पर उत्तर प्रदेश December 22, 2010 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ. दिलीप अग्निहोत्री बिहार विधानसभा चुनाव की कसौटी पर उत्तर प्रदेश को परखना अजीब-सा लग सकता है। यहाँ चुनाव में करीब डेढ़ वर्ष का समय है। क्षेत्रीय दल मुख्य मुकाबले में हैं। बसपा सत्ता में है, सपा मुख्य विपक्षी है। दोनों राष्ट्रीय दलों की स्थिति विधानसभा में इनके बाद है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन या राष्ट्रीय […] Read more » bihar उत्तरप्रदेश बसपा बिहार भाजपा मायावती मुलायम सपा
राजनीति बिहार में भाजपा-जद(यू) गठबन्धन का चमत्मकार December 7, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. मनोज मिश्र | Leave a Comment -डॉ. मनोज मिश्र बिहार विधान सभा चुनाव के परिणाम अप्रत्याशित नहीं बल्कि अपरिहार्य थे। लगभग 15 वर्षों तक लालू राबड़ी एण्ड कम्पनी की गिरफ्त में रहा बिहार विकास सुशासन तथा सुरक्षा के लिये छटपटाता रहा परन्तु जातियों के स्वाभिमान का नारा देकर लालू राबड़ी एण्ड कम्पनी अपना राजनैतिक सर्कस चलाते रहे। जे0पी0 आन्दोलन से निकले […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव
राजनीति बिहार चुनाव परिणाम के अर्थ December 2, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment -आशुतोष झा बिहार के चुनावी नतीजे देश के सामने हैं। लालू प्रसाद, राम विलास पासवान और कांग्रेस की सभी संभावनाओं पर पानी फिर गया। विकास ने अपनी परिभाषा इस चुनाव के माध्यम से लिख दी है। बिहार को विकास व रोजगार चाहिए इस परिणाम ने पूरी तरह से यह साबित कर दिया है। कुशासन नहीं […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव
राजनीति बिहार के चुनावों से उभरे संकेत December 2, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on बिहार के चुनावों से उभरे संकेत – डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री बिहार विधानसभा चुनावों ने देश की राजनीति को एक नई दिशा दी है, ऐसा बहुत से विश्लेषक मानते हैं। शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी दल अथवा गठबंधन को तीन चौथाई बहुमत प्राप्त हुआ हो। जदयू और भाजपा के गठबंधन ने 243 सीटों में से 206 सीटें प्राप्त […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव
राजनीति बिहार जनादेश के निहितार्थ November 25, 2010 / December 19, 2011 by अमिताभ त्रिपाठी | 3 Comments on बिहार जनादेश के निहितार्थ -अमिताभ त्रिपाठी बिहार में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव सम्पन्न हो गये और अब उस पर विश्लेषणों का दौर चल रहा है। इन चुनावों में जिस प्रकार असाधारण जनादेश आया है उसके बाद इन बारीकियों का विश्लेषण करने का कोई अर्थ नहीं है कि किस जाति या बिरादरी ने किसे कितना मत दिया या फिर किस मजह्ब ने […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव
राजनीति नई पहचान के साथ नई राह पर बिहार November 25, 2010 / December 19, 2011 by डॉ. मनोज जैन | 2 Comments on नई पहचान के साथ नई राह पर बिहार -डॉ. मनोज जैन फरवरी 1992 की बात है जब मैं विवेकानन्द भारत परिक्रमा दल के एक सहयात्री के रुप में भारत यात्रा पर था। बंगाल और बिहार की सीमा रेखा पर बसे हुये संथाल परगना के एक छोटे से गांव जामताड़ा का वह दृश्य मुझे आज भी याद है आधुनिक जीवन की सभी सुबिधाओं से […] Read more » bihar बिहार
राजनीति हकीम लुकमान की दुकान में November 25, 2010 / December 19, 2011 by विजय कुमार | 2 Comments on हकीम लुकमान की दुकान में -विजय कुमार शीर्षक से आप मेरे स्वास्थ्य को लेकर भ्रमित न हों। यह आंखों देखा हाल मेरे एक बिहारी मित्र ने सुनाया है। हकीम लुकमान ने दुकान खोली, तो आज हर दिन की अपेक्षा अधिक रोगी दिखाई दिये। इतना ही नहीं, कई अति विशिष्ट जन (वी.आई.पी) भी उनकी प्रतीक्षा में था। हकीम साहब ने पहले […] Read more » bihar बिहार विधानसभा चुनाव