वाम मोर्चे की प्रासंगिकता बरकरार है..

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श्रीराम तिवारी विगत अप्रैल-मई -२०११ में सम्पन्न पांच राज्यों के विधान सभा चुनाओं में राजनीतिक पार्टियों को बड़ा विसंगतिपूर्ण जनादेश प्राप्त हुआ है.बंगाल में ३५ साल तक लोकप्रिय रहे , पूंजीवादी संसार को हैरान करने वाले,साम्प्रदायिक कट्टरवादियों को नकेल डालने वाले,,भारत समेत तमाम दुनिया के मेहनत कश सर्वहारा वर्ग को आशान्वित करने वाले ’वाम मोर्चा’,को… Read more »

कम्युनिस्टों का असली चेहरा / विपिन किशोर सिन्हा

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कम्युनिज्म और कम्युनिस्ट विश्व मानवता के लिए खतरा ही नहीं अभिशाप हैं। इन कम्युनिस्टों ने अपने ही देशवासियों को यातना देने में नादिरशाह, गज़नी, चगेज़ खां, हिटलर मुसोलिनी आदि विश्व प्रसिद्ध तानाशाहों को भी मात दे रखी है। रुस के साईबेरिया के यातना शिविरों के किस्से रोंगटे खड़ा कर देनेवाले हैं। चीन में सांस्कृतिक क्रान्ति… Read more »

यूजफुल ईडीयट्स की भूमिका

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शंकर शरण ‘यूजफुल ईडीयट्स’ एक विश्व-विख्यात मुहावरा है। इसी नाम से बीबीसी ने गत वर्ष एक ज्ञानवर्द्धक डॉक्यूमेंटरी भी बनाई है। इस कवित्वमय मुहावरे के जन्मदाता रूसी कम्युनिज्म के संस्थापक लेनिन थे। अर्थ थाः वे बुद्धिजीवी जो अपनी किसी हल्की या भावुक समझ से कम्युनिस्टों की मदद करते थे। ऐसे बुद्धिजीवियों को उपयोगी मूर्ख कहने… Read more »

स्वजनहाराओं का क्रंदन और गूंगा मुख्यमंत्री

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी लालगढ़ में स्वजनहाराओं का क्रंदन और बर्बरता चरम पर पहुँच गए हैं। राज्य में स्वजनहाराओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। लगता है इसबार का चुनाव स्वजनहाराओं के क्रंदन के प्रतिवाद में लड़ा जाएगा। खबरों के अनुसार लालगढ़ में 7 मार्च को बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। इसमें अब तक 7 लोग… Read more »

जिस दिन भारत में साम्‍यवादी शासन होगा, उस दिन वह एशियाड और ओलंपिक में नंबर एक होगा

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-श्रीराम तिवारी १६ वें एशियाई खेल-२०१०, चीन के ग्वांगझू नगर में निर्विघ्न सम्पन्न हुए. जिन भारतीय खिलाड़ियों ने तमाम बाधाओं, परेशानियों के भारत के लिए पदक हासिल किये -वे देश के सर्वश्रेष्ठ सम्मान के हकदार हैं. नई दुनिया के खेल पृष्ठ पर ३६ देशों की पदक तालिका प्रकाशित की गई है, उसमें भारत ६ वें… Read more »

माकपा मुख्यालय- यहां झूठ के सौदागर बैठते हैं

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– हरेन्द्र प्रताप 1962 ई. में भारत-चीन युध्द के समय बिहार के बक्सर जिला स्थित मेरे गांव से कुछ कम्युनिस्ट गिरफ्तार हुए थे। 12 वर्ष की आयु में उनकी गिरफ्तारी पर मुझे बहुत आक्रोश आया था। मैंने पिताजी से पूछा कि इन लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया है तो पिता जी ने उत्तार दिया… Read more »

कम्युनिस्टों के ऐतिहासिक अपराधों की लम्बी दास्तां है-

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-सौरभ मालवीय • सोवियत संघ और चीन को अपना पितृभूमि और पुण्यभूमि मानने की मानसिकता उन्हें कभी भारत को अपना न बना सकी। • कम्युनिस्टों ने 1942 के भारत-छोड़ो आंदोलन के समय अंग्रेजों का साथ देते हुए देशवासियों के साथ विश्वासघात किया। • 1962 में चीन के भारत पर आक्रमण के समय चीन की तरफदारी… Read more »

जनता के भरोसेमंद ईमानदार दोस्त हैं कम्युनिस्ट

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी एक पाठक ने लिखा है ‘‘कामरेड चतुर्वेदी जी, यह तो अति हो गई!!!! भई दो राज्यों में सत्ता है समस्त भारत पर प्यार का आरोप थोप दिया ।’’ एक अन्य पाठक ने फेसबुक पर लिखा है ‘‘ kisne kaha bharat maen janta kamuniston ko pyar kartee hae ?bhaarat kee janta apnee jadon se… Read more »

भारत में कम्युनिस्टों को जनता क्यों प्यार करती है ?

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी इधर एक पाठक ने पूछा है कि पश्चिम बंगाल-केरल में कम्युनिस्ट सत्ता में कैसे आते हैं ? मैं खासकर पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कम्युनिस्टों की भूमिका के बारे में कुछ रोशनी डालना चाहता हूँ। मैं आरंभ में कह दूँ कि पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्टों ,खासकर माकपा के अंदर सब कुछ ठीक दिशा… Read more »

कम्युनिस्टों को ताकत कहां से मिलती है ?

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-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी हमारे भारत में अनेक लोग हैं जो कम्युनिस्टों की बुराईयों को जानते हैं लेकिन अच्छाईयों को नहीं जानते। वे यह भी नहीं जानते कि कम्युनिस्टों की ताकत का स्रोत क्या है ? कम्युनिस्ट झूठ बोलकर जनता का विश्वास नहीं जीतते,कम्युनिस्ट सत्य से आंख नहीं चुराते। जो कम्युनिस्ट झूठ बोलता है जनता उस पर… Read more »