प्रदेश की राजनीति में गाली कांड से किसको लाभ ?

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मृत्युंजय दीक्षित आगामी विधानसभा चुनावो के मददेनजर अब उप्र की राजनीत गर्मा गयी है। विगत कई दिनों से  एक के बाद एक बगावत के झंझावत झेल रही बसपा अचानक से उभरकर सामने आ गयी हैं वह भी भाजपा के  पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की अभद्र भाषा के प्रयोग के कारण। जब से संसद का… Read more »

वो दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

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बसपा नेताओं की उपस्थिति में पार्टी कार्यकत्र्ताओं ने दयाशंकरसिंह की पत्नी, बेटी, माता व बहन के लिए अपशब्दों को बोलने की सारी सीमाएं ही लांघ दीं। इसके पश्चात कु. मायावती की किरकिरी आरंभ हो गयी है। वह जिस लाभ को लेने के लिए चली थीं-अब वह उन्हें मिलता हुआ दिखायी नही दे रहा है। दयाशंकर… Read more »

अब डिग्री क्यों नहीं पूछते

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भाषा के विषय में निर्मला जोशी जी के बेहद खूबसूरत शब्द ‘माता की ममता यही , निर्मल गंगा नीर इसका अर्चन कर गए तुलसी सूर कबीर ‘ आज भारत की राजनीति ने उस भाषा को जिस स्तर तक गिरा दिया है वह वाकई निंदनीय है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के वाइस प्रेसीडेन्ट दयाशंकर सिंह ने 20… Read more »

पलटती बाजी

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डा. राधेश्याम द्विवेदी गाली- गलौज की शुरुआत बसपा ने की:-भाजपा के दयाशंकर सिंह ने मायावती के लिए जो कहा , निश्चित रूप से आपत्तिजनक है । यह तथ्य किसी से छुपा नहीं है कि चुनाव कोई भी हो मायावती पैसे लेकर ही अपनी पार्टी का टिकट किसी को देती हैं । यह बात इतनी बार… Read more »

आग मांगता फिर रहा-लोकतंत्र

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उत्तर प्रदेश भाजपा के एक उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की ओर से उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं कुमारी मायावती को लेकर की गयी एक अभद्र टिप्पणी के पश्चात देश की राजनीति गरमा गयी है। 20 जुलाई को इस अभद्र टिप्पणी को लेकर देश की संसद में भी ‘गरमी’ बनी रही। राज्यसभा में बसपा सुप्रीमो ने… Read more »