लेखक परिचय

डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

डॉ. कुलदीप चन्‍द अग्निहोत्री

यायावर प्रकृति के डॉ. अग्निहोत्री अनेक देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनकी लगभग 15 पुस्‍तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पेशे से शिक्षक, कर्म से समाजसेवी और उपक्रम से पत्रकार अग्निहोत्रीजी हिमाचल प्रदेश विश्‍वविद्यालय में निदेशक भी रहे। आपातकाल में जेल में रहे। भारत-तिब्‍बत सहयोग मंच के राष्‍ट्रीय संयोजक के नाते तिब्‍बत समस्‍या का गंभीर अध्‍ययन। कुछ समय तक हिंदी दैनिक जनसत्‍ता से भी जुडे रहे। संप्रति देश की प्रसिद्ध संवाद समिति हिंदुस्‍थान समाचार से जुडे हुए हैं।

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के छिपे समर्थक

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर तीन दशकों से भी ज़्यादा समय से आतंकवादियों की चपेट में है । यह आतंकवाद पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित है , इसमें भी कोई संशय नहीं है । सुरक्षाबलों पर हमला करने के लिए आतंकवादी अपनी रणनीति बनाते हैं ताकि वे उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा नुक़सान पहुँचा सकें । इस… Read more »

रेनकोट में मनमोहन सिंह और हाहाकार करते उनके साथी

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों संसद में हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में कहा कि गुसलखाने में भी रेनकोट पहन कर नहाने की कला कोई डा० मनमोहन सिंह से सीखे । इससे सोनिया कांग्रेस के सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ नेता बहुत ग़ुस्से में आ गए । परम्परागत तरीक़े से… Read more »



लीला भंसाली की पदमावती को लेकर उठा विवाद

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों दो ऐसी घटनाएँ हुई हैं जिनकी निन्दा किया जाना जरुरी है । 19 जनवरी को केरल के कण्णूर जिला में वहाँ के मुख्यमंत्री विजय के चुनाव क्षेत्र में कुछ लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता संतोष के घर में घुस कर उसकी हत्या कर दी । कहा जाता… Read more »

ज़ायरा का सवाल और बित्ते भर का छेद-

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आमिर खान ने एक नई फ़िल्म बनाई है, दंगल । दंगल हरियाणा की खिलाड़ी गीता फोगट को लेकर बनाई गई है जिसने पिछली कामनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीता था । लड़के कोई भी पदक नहीं ले सके और लड़कियों ने हिन्दुस्तान की लाज रख ली । शायद इसी से प्रोत्साहित… Read more »

अभिनव गुप्त की आहट और रविशंकर की ललकार

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री बेंगलुरू में दो दिन श्री श्री रविशंकर जी के अन्तर्राष्ट्रीय आश्रम में ६-७ जनवरी को ठहरने का अवसर प्राप्त हुआ । आश्रम में अभिनवगुप्त सहस्रावदी समारोहों का समापन कार्यक्रम था । अभिनव गुप्त दार्शनिक , तान्त्रिक, काव्यशास्त्र के आचार्य, संगीतज्ञ, कवि, नाट्यशास्त्र के मर्मज्ञ , तर्कशास्त्री, योगी और औघड क़िस्म के… Read more »

तीन तलाक़ के बीच हरीश रावत का कमाल

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री भारत के मुस्लिम जगत में बबाल मचा हुआ है । मुस्लिम महिलाएँ और मुल्ला मौलवी मुट्ठियाँ ताने आमने सामने खड़े हैं । मौलवियों की सत्ता को भारत में इतनी तगड़ी चुनौती शायद इससे पहले कभी नहीं मिली । कोढ में खाज यह , कि चुनौती भी महिलाओं से मिल रही है… Read more »

जम्मू कश्मीर में कौन रह सकता है ?

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कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जम्मू कश्मीर में फिर बबाल मच गया है । कश्मीर घाटी उग्र हो रही है । श्रीनगर में रह रहे गिलान वाले सैयद अली गिलानी अत्यन्त ग़ुस्से में है । जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ़्रंट के यासीन मलिक के क्रोध का भी पारावार नहीं है । दोनों मीरवायज, जामा मस्जिद वाले और खानगाह-ए-मौला… Read more »

कश्मीर घाटी में आतंकियों से लेकर फारुक अब्दुल्ला की राजनीति तक नोटबन्दी का क़हर

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री नोटबन्दी के चलते किसको लाभ हुआ और किसको हानि , राजनीति और अर्थशास्त्र के विद्वान लोग इसके लम्बे अरसे तक अध्ययन करते रहेंगे और अपने अलग अलग निष्कर्ष भी निकालते रहेंगे । लेकिन नोटबन्दी ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ दी है , इसको लेकर सभी सहमत हैं ।… Read more »

भारत विभाजन के प्रयोग के असफल हो जाने के संकेत

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डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पाकिस्तान के प्रति भारत की नीति क्या होनी चाहिए , यह प्रश्न भारत में सदा विवादास्पद रहा है । इतना निश्चित है कि यह नीति कभी स्पष्ट नहीं रही । लेकिन पाकिस्तान की भारत के प्रति क्या होनी चाहिए , इसको लेकर पाकिस्तान में कोई भ्रम नहीं रहा । पाकिस्तान शुरु… Read more »

काला धन अपनी सत्ता खो बैठा

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सरकार के इस क़दम से घबराहट तो पाकिस्तान की आई एस आई में है , पाकिस्तान के उन तस्करों में है जो नेपाल और बंगलादेश के रास्ते तस्करी में अरसे से संलग्न थे । नोटों के बन्द होने से इन की कमर टूट गई है । सीमा के उस पार भी घबराहट है और जो आतंकी अन्दर घुस चुके हैं , उनके भी हाथ पाँव फूले हुए हैं । काग़ज़ के जिन नोटों की झलक दिखा कर वे घाटी के लोगों को सड़कों पर नाच नचवाते थे उन नोटों की ताक़त अब समाप्त हो गई है । कश्मीर घाटी के आतंकी संगठनों की हालत पंचतंत्र के उस चूहे के समान हो गई है , जिस के बिल के नीचे से स्वर्ण मुद्राओं से भरा घड़ा निकाल लिया गया है और अब वह लाख ज़ोर लगाने पर भी दूर खूँटी पर लटके सत्तू के थैले तक नहीं पहुँच पा रहा है ।