विनय कुमार'विनायक'

बी. एस्सी. (जीव विज्ञान),एम.ए.(हिन्दी), केन्द्रीय अनुवाद ब्युरो से प्रशिक्षित अनुवादक, हिन्दी में व्याख्याता पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त, पत्र-पत्रिकाओं में कविता लेखन, मिथकीय सांस्कृतिक साहित्य में विशेष रुचि।

सृष्टि के आरंभ से हम कहांतक गुजरे

—विनय कुमार विनायकसृष्टि के आरम्भ से!वैदिक कर्मकाण्डी ब्राह्मणयोग ज्ञानी क्षत्रिय बनेऋग्वेद पुरुषसुक्त कहताब्रह्मा के मुख…

हे भगवन!मुझे आत्मज्ञान दें

—–विनय कुमार विनायकहे भगवन!मुझे आत्मज्ञान दें!मैं मंत्रवेत्ता;चतुर्वेद/पंचमवेद/वेदों का वेदकल्पसूत्र-निरुक्त-शास्त्र-गणित-विज्ञान का ज्ञाता!किन्तु दुर्बलचित्/कर्मवित्/मंत्रवित्शोकाकुल रहता हूंअस्तु;आत्मवेत्ता नहीं…