गोपाल बघेल 'मधु'

गोपाल बघेल ‘मधु’ अध्यक्ष अखिल विश्व हिन्दी समिति आध्यात्मिक प्रबंध पीठ मधु प्रकाशन टोरोंटो, ओन्टारियो, कनाडा www.GopalBaghelMadhu.com

तुम सुर में बसी उनकी झलक!

तुम सुर में बसी उनकी झलक,  लख लिया करो; भाए न भाए उनकी ग़ज़ल,  गा लिया करो !  दरम्यान उनके औ तुम्हारे, दूरियाँ कहाँ; दरवाज़ा खोल बार बार, मिल लिया करो ! आँखों का नूर चित को चूर, करता रहा है; आहिस्ते बना रिश्ते खुद को,  खो दिया करो ! खोये वहीं हैं हर ही सबब, शब्द में सोये; चुपचाप उनकी चाप सुने,…