कीर्ति दीक्षित

उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ की निवासी। छह साल तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में नौकरी की। वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता एवं लेखन कार्य कर रही हैं। जीवन को कामयाब बनाने से ज़्यादा उसकी सार्थकता की संभावनाएं तलाशने में यकीन रखती हैं कीर्ति।

अयोध्या राम की जन्मस्थली मात्र नहीं आदर्शों की विरासत है !

विरासतें इतिहास के संरक्षण के लिए होती हैं, कल जब आपकी अगली पीढ़ी पूछेगी ये राम कौन थे? कहाँ रहते थे? तब आपके पास किताबों के उत्तर सम्भवतः हों लेकिन दर्शन हेतु कुछ नहीं होगा, हालांकि ये किताबी ज्ञान भी धीरे धीरे विलुप्त हो जायेगा, फिर कैसा ज्ञान और कैसे राम! हम कितने ही विलुप्त इतिहास के गवाह हैं जो अब किसी पन्ने तक में दर्ज नहीं । आज जो आख्यान हम किताबों में पढ़ते हैं और जब उन्हें देखने की जिज्ञाशा होती है किसी म्यूजियम में उनके होने का एहसास करने का प्रयास करते हैं लेकिन राम को हम कहाँ पायेंगे? किस अयोध्या को रामराज का साक्षी बतायेंगे ?

विकल्पों और आलोचनाओं के आभावों में डूबती भारतीय राजनीति!

इस देश ने एक और सशक्त विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी को देखा था जिसका परिणाम दिल्ली प्रदेश में इस बालपार्टी को कुर्सी पर आसीन कर दिया लेकिन यहाँ लोगों के भरोसे को जिस तरह मारा गया उसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की होगी, आम जनमानस ने सोचा कि चलिए ये दल विरोध और आरोपों की परिपाटी से हटकर कुछ करने आया है,